म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में कर रहे हैं ये गलती? डायवर्सिफिकेशन के नाम पर बढ़ रहा है रिस्क
Mutual Fund Diversification: म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सिर्फ अलग-अलग AMC में पैसा लगाना ही डाइवर्सिफिकेशन नहीं है. अगर निवेशक एक ही कैटेगरी के कई फंड्स में पैसा लगाता है, तो पोर्टफोलियो में डुप्लीकेशन बढ़ सकता है और बाजार में गिरावट के दौरान सभी फंड्स पर एक जैसा असर पड़ सकता है. बेहतर डाइवर्सिफिकेशन के लिए अलग-अलग कैटेगरी और निवेश रणनीतियों का संतुलित मिश्रण जरूरी है. इसके साथ ही SIP के जरिए नियमित निवेश और लंबी अवधि का नजरिया वेल्थ क्रिएशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
लमसम निवेश के मामले में भी सही एसेट एलोकेशन जरूरी है. पोर्टफोलियो में लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप, फ्लेक्सी कैप और इंडेक्स फंड जैसे विकल्पों का उचित मिश्रण बाजार के अलग-अलग दौर में जोखिम को संतुलित करने में मदद कर सकता है. निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि के आधार पर रणनीति बनानी चाहिए.