पैसा कम, स्कीम ज्यादा…कैसे पूरा होगा SIP का वादा?

वीडियो में समझाया गया है कि कम पैसा और ज्यादा म्यूचुअल फंड स्कीम्स का कॉम्बिनेशन अक्सर पोर्टफोलियो को कमजोर बना देता है और एसआईपी से मिलने वाले असली फायदे को कम कर देता है. वीडियो में बताया गया है कि जरूरत से ज्यादा स्कीम्स रखने से न तो रिटर्न बेहतर होता है और न ही रिस्क कंट्रोल में रहता है. इसके बजाय चुनिंदा और सही कैटेगरी की स्कीम्स चुनना ज्यादा समझदारी भरा कदम है. इसमें यह भी समझाया गया है कि एसआईपी शुरू करते समय निवेशक को अपने फाइनेंशियल गोल, टाइम होराइजन और रिस्क प्रोफाइल को सबसे पहले समझना चाहिए.

लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप, मल्टी कैप और मल्टी एसेट एलोकेशन जैसी स्कीम्स के बीच संतुलन बनाना जरूरी है, ताकि पोर्टफोलियो स्थिर भी रहे और ग्रोथ की संभावना भी बनी रहे. इसके साथ ही एसआईपी स्टेप अप का सही इस्तेमाल कर धीरे-धीरे निवेश राशि बढ़ाने की रणनीति पर भी जोर दिया गया है. यह 2026 में एसआईपी को सही दिशा में ले जाने और फंड्स की भीड़ से बचकर वेल्थ क्रिएशन करने का स्पष्ट रोडमैप देता है.

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