8th Pay Commission में बड़ा बदलाव हुआ तो कर्मचारियों की होगी चांदी! 10 साल में ₹25 लाख तक बढ़ सकती है कमाई
8th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर और एनुअल इंक्रीमेंट बढ़ाने की मांग तेज हो गई है. कर्मचारी संगठन 3 फीसदी की जगह 5 से 7 फीसदी तक वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं. BankBazaar के अनुमान के मुताबिक, यदि 2.1 फिटमेंट फैक्टर और 6 फीसदी एनुअल इंक्रीमेंट लागू होता है, तो लेवल-10 के कर्मचारियों को 10 साल में करीब 24.27 लाख रुपये और लेवल-12 के कर्मचारियों को 34 लाख रुपये से ज्यादा की अतिरिक्त ग्रॉस सैलरी मिल सकती है.

8th Pay Commission को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है. इस बार सिर्फ फिटमेंट फैक्टर ही नहीं, बल्कि एनुअल इंक्रीमेंट रेट भी बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है. कर्मचारी संगठनों ने 8th Pay Commission से मौजूदा 3 फीसदी वार्षिक वेतन वृद्धि को बढ़ाकर 5 फीसदी से 7 फीसदी तक करने की मांग की है. यदि यह मांग मान ली जाती है और सरकार 6 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट लागू करती है, तो कर्मचारियों की 10 साल की कुल आय में लाखों रुपये का इजाफा हो सकता है.
BankBazaar की एक गणना के मुताबिक, यदि 8th Pay Commission में 2.1 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है और वार्षिक इंक्रीमेंट 3 फीसदी के बजाय 6 फीसदी कर दिया जाता है, तो लेवल-10 के एक कर्मचारी को 10 साल में करीब 24.27 लाख रुपये अतिरिक्त ग्रॉस सैलरी मिल सकती है. वहीं, लेवल-12 के कर्मचारी की कुल अतिरिक्त कमाई 34 लाख रुपये से भी अधिक हो सकती है.
कर्मचारी संगठनों ने क्या मांग रखी
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई संगठनों ने 8th Pay Commission को अपना ज्ञापन सौंपा है. इन संगठनों का कहना है कि मौजूदा 3 फीसदी एनुअल इंक्रीमेंट बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के मुकाबले पर्याप्त नहीं है. नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने वार्षिक इंक्रीमेंट को 6 फीसदी करने की सिफारिश की है. वहीं, ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने इसे 7 फीसदी तक बढ़ाने की मांग रखी है. दूसरी ओर, इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 5 फीसदी एनुअल इंक्रीमेंट का प्रस्ताव दिया है.
लेवल-10 कर्मचारियों को कितना होगा फायदा
7th Pay Commission की पे मैट्रिक्स के अनुसार लेवल-10 में एंट्री लेवल ग्रुप A अधिकारी और समकक्ष पद शामिल होते हैं. इनमें IAS, IPS, असिस्टेंट कमिश्नर, असिस्टेंट डायरेक्टर, असिस्टेंट सेक्रेटरी, अंडर सेक्रेटरी और असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जैसे पद शामिल हैं. यदि इन कर्मचारियों की मौजूदा 56,100 रुपये की बेसिक सैलरी पर 2.1 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो संशोधित बेसिक पे 1,17,810 रुपये हो जाएगी.
इसके बाद यदि अगले 10 वर्षों तक 3 फीसदी के बजाय 6 फीसदी की दर से एनुअल इंक्रीमेंट मिलता है, तो कुल ग्रॉस सैलरी करीब 1.62 करोड़ रुपये के बजाय 1.86 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. यानी कर्मचारियों को लगभग 24.27 लाख रुपये की अतिरिक्त आय मिल सकती है.
लेवल-12 कर्मचारियों की कमाई कितनी बढ़ेगी
लेवल-12 में डिप्टी सेक्रेटरी, डिप्टी डायरेक्टर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और अन्य वरिष्ठ ग्रुप A अधिकारी शामिल होते हैं. इस स्तर पर शुरुआती बेसिक पे 78,800 रुपये है. यदि 2.1 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो संशोधित बेसिक सैलरी 1,65,480 रुपये हो जाएगी. इसके बाद 6 फीसदी एनुअल इंक्रीमेंट मिलने की स्थिति में 10 साल की कुल ग्रॉस सैलरी लगभग 2.61 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. यह 3 फीसदी इंक्रीमेंट की तुलना में करीब 34.09 लाख रुपये अधिक होगी.
कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मांग
अगर 8th Pay Commission कर्मचारी संगठनों की मांग स्वीकार कर एनुअल इंक्रीमेंट को 6 फीसदी या उससे अधिक कर देता है, तो इसका फायदा सिर्फ शुरुआती वर्षों तक सीमित नहीं रहेगा. कंपाउंडिंग के कारण हर साल बढ़ी हुई बेसिक सैलरी पर अगला इंक्रीमेंट मिलेगा, जिससे लंबे समय में कुल आय में बड़ा अंतर दिखाई देगा.
फिलहाल, कर्मचारी संगठनों की मांग पर अंतिम फैसला 8th Pay Commission की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा. ऐसे में लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि नया वेतन आयोग एनुअल इंक्रीमेंट और फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या सिफारिश करता है.
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