8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों की 6 बड़ी मांगें, सैलरी और भत्तों में क्या होगा बड़ा बदलाव?
8वें वेतन आयोग के सामने रेलवे कर्मचारियों की 6 बड़ी मांगें रखी गई हैं. AIRF ने बेहतर वेतनमान, रिस्क अलाउंस, हार्डशिप भत्ता, प्रमोशन और ड्रेस अलाउंस की मांग की है. इन प्रस्तावों से लोको पायलट, ट्रैक मेंटेनर और टेक्नीशियन समेत कई कर्मचारियों को फायदा मिल सकता है. हालांकि, अभी इन मांगों को मंजूरी नहीं मिली है.

रेलवे कर्मचारियों की सैलरी और सुविधाओं को लेकर 8वें वेतन आयोग के सामने नई मांगें रखी गई हैं. ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) ने बेहतर वेतनमान, जोखिम भत्ता, हार्डशिप अलाउंस और प्रमोशन से जुड़े मुद्दे उठाए हैं. इन मांगों का फायदा लोको पायलट, ट्रैक मेंटेनर और रेलवे टेक्नीशियन समेत कई कर्मचारियों को मिल सकता है.
रेलवे कर्मचारियों की 6 बड़ी मांगें
- कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी
रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि रेलवे का तेजी से आधुनिकीकरण हो रहा है. कर्मचारियों को नई तकनीक और आधुनिक उपकरणों के साथ काम करना पड़ता है. ऐसे में उनकी योग्यता और जिम्मेदारियों को देखते हुए बेहतर वेतनमान मिलना चाहिए.
- रिस्क और हार्डशिप अलाउंस
रेलवे कर्मचारियों को कई बार जोखिम भरी परिस्थितियों में काम करना पड़ता है. ड्यूटी के दौरान हादसों और गंभीर चोटों का खतरा भी बना रहता है. इसलिए संगठन ने रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस, खतरनाक ड्यूटी भत्ता, पहाड़ी क्षेत्र भत्ता और ड्रेस अलाउंस देने की मांग की है.
- ट्रैक मेंटेनर्स को मिले बेहतर सुविधाएं
रेलवे ट्रैक की देखभाल करने वाले कर्मचारियों का काम काफी चुनौतीपूर्ण होता है. उन्हें तेज गर्मी, बारिश और कई बार खतरनाक परिस्थितियों में पटरियों पर काम करना पड़ता है. संगठन ने मांग की है कि ट्रैक मेंटेनर्स को रेलवे के दूसरे इंजीनियरिंग विभागों के टेक्नीशियनों के बराबर वेतनमान और सुविधाएं दी जाएं.
- महिला रेलवे कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान
महिला लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और ट्रैक मेंटेनर को काम के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. संगठन की महिला प्रतिनिधियों ने इन समस्याओं को आयोग के सामने उठाया है. उनकी मांग है कि महिला कर्मचारियों की कामकाजी परिस्थितियों और सुविधाओं में सुधार किया जाए.
- कुछ पे-स्केल को मर्ज करने की मांग
रेलवे टेक्नीशियनों के लिए कुछ बीच के पे-स्केल को मिलाकर एक करने की मांग की गई है. संगठन का मानना है कि इससे कर्मचारियों को प्रमोशन के बेहतर अवसर मिल सकेंगे. साथ ही वेतन संरचना को भी ज्यादा व्यवस्थित बनाया जा सकेगा.
- अलग-अलग कर्मचारियों के लिए विशेष भत्ते
रेलवे में अलग-अलग पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारियां और जोखिम भी अलग-अलग होते हैं. संगठन ने ट्रैक मेंटेनर्स, पेट्रोलमैन, कीमैन, गेटमैन और टेक्नीशियनों के लिए उचित विशेष भत्ते देने की मांग की है. इसके अलावा तकनीकी कर्मचारियों के लिए पर्याप्त ड्रेस अलाउंस की मांग भी उठाई गई है.
क्या अभी बढ़ जाएगी रेलवे कर्मचारियों की सैलरी?
फिलहाल ये सभी मांगें 8वें वेतन आयोग के सामने रखी गई हैं. इन पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. आयोग कर्मचारी संगठनों की मांगों और सुझावों पर विचार करने के बाद अपनी सिफारिशें सरकार को देगा.
इसके बाद केंद्र सरकार इन सिफारिशों पर फैसला करेगी. इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि रेलवे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी या भत्तों में कितनी बढ़ोतरी होगी. कर्मचारियों को अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा.
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