EPFO: अगर इन बातों का नहीं रखा ध्यान, तो बंद हो जाएगा PF अकाउंट का इंटरेस्ट, जानें क्या है 36 महीने वाला नियम
EPFO ने इनऑपरेटिव EPF अकाउंट को लेकर जरूरी जानकारी दी है. सिर्फ नौकरी बदलने या नौकरी छोड़ने से PF खाता तुरंत इनऑपरेटिव नहीं होता. नियमों के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद 36 महीने यानी तीन साल की अवधि पूरी होने पर कुछ परिस्थितियों में खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है. अगर कोई व्यक्ति 55 साल से पहले रिटायर होता है तो खाते पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहता है.

EPF में नौकरी के दौरान जमा पैसा लंबे समय के लिए बचत का अहम साधन होता है. कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि नौकरी बदलने या रिटायरमेंट के बाद पुराने PF खाते पर ब्याज मिलता रहता है या नहीं. EPFO ने 20 अगस्त को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इनऑपरेटिव EPF अकाउंट को लेकर जानकारी शेयर की है. नियमों के मुताबिक, सिर्फ नौकरी छोड़ने या नौकरी बदलने से PF खाता तुरंत इनऑपरेटिव नहीं होता. कुछ तय परिस्थितियों में 36 महीने बाद खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है.
कब इनऑपरेटिव होता है EPF अकाउंट
EPFO के मुताबिक किसी सदस्य के रिटायर होने के बाद अगर उसकी उम्र 55 साल या उससे ज्यादा है तो तीन साल बाद EPF खाता इनऑपरेटिव हो जाता है. यानी रिटायरमेंट के बाद 36 महीने की अवधि पूरी होने पर खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है. हालांकि अगर कोई व्यक्ति 55 साल से पहले रिटायर होता है तो उसका PF खाता तुरंत इनऑपरेटिव नहीं होता. ऐसे मामले में सदस्य के 58 साल की उम्र तक खाते पर ब्याज मिलता रहता है.
50 साल में रिटायरमेंट पर क्या होगा
अगर कोई कर्मचारी 50 साल की उम्र में रिटायर होता है तो उसका EPF खाता उसी समय इनऑपरेटिव नहीं होगा. ऐसे मामले में खाते पर ब्याज तब तक मिलता रहेगा जब तक सदस्य 58 साल की उम्र तक नहीं पहुंच जाता. यानी 50 साल में रिटायर होने के बाद खाते को इनऑपरेटिव होने में आठ साल लग सकते हैं. 58 साल की उम्र पूरी होने के बाद खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाएगा.
55 साल में रिटायरमेंट पर नियम
अगर कोई सदस्य 55 साल की उम्र में रिटायर होता है तो भी उसका PF खाता तुरंत इनऑपरेटिव नहीं होगा. इस स्थिति में रिटायरमेंट के बाद तीन साल की अवधि तक खाते पर ब्याज मिलता रहेगा. सदस्य के 58 साल का होने पर खाता इनऑपरेटिव हो जाएगा. इसलिए 55 साल की उम्र में रिटायर होने वाले लोगों के लिए 58 साल की उम्र अहम है.
58 साल के बाद रिटायरमेंट का क्या नियम
अगर कोई कर्मचारी 58 साल की उम्र में रिटायर होता है तो उसके EPF खाते पर ब्याज तीन साल तक जारी रहेगा. ऐसे में खाता 61 साल की उम्र में इनऑपरेटिव होगा. इसी तरह अगर कोई व्यक्ति 70 साल की उम्र में रिटायर होता है तो उसका खाता 73 साल की उम्र में इनऑपरेटिव होगा. यानी रिटायरमेंट की उम्र चाहे जो हो, सामान्य स्थिति में 36 महीने की अवधि महत्वपूर्ण होती है.
पुराने PF खाते को ऐसे रखें एक्टिव
EPFO की जानकारी के मुताबिक पुराने PF खाते को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. नौकरी बदलने पर पात्र होने की स्थिति में PF बैलेंस को नए खाते में ट्रांसफर करना उपयोगी हो सकता है. सदस्यों को अपना UAN और रोजगार से जुड़ा रिकॉर्ड भी अपडेट रखना चाहिए. जरूरत होने पर नियमों के मुताबिक PF निकासी के लिए क्लेम किया जा सकता है. इससे पुराने PF बैलेंस को लंबे समय तक बिना ध्यान दिए छोड़ने से बचा जा सकता है.
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36 महीने का नियम समझना जरूरी
EPF खाते में जमा रकम को लेकर 36 महीने के नियम को समझना जरूरी है. नौकरी छोड़ने या बदलने के तुरंत बाद ब्याज बंद नहीं होता. खासकर 55 साल से पहले रिटायर होने वाले सदस्यों के लिए 58 साल की उम्र तक ब्याज जारी रहने का नियम लागू होता है. इसके बाद तय अवधि पूरी होने पर खाता इनऑपरेटिव हो सकता है और ब्याज मिलना बंद हो जाता है. इसलिए पुराने PF खाते की स्थिति समय समय पर जांचते रहना जरूरी है.