Lumpsum Vs STP: एक साथ बड़ा निवेश या 6 महीने में लगाएं पैसा, 25 साल के Nifty 50 डेटा से समझें सही तरीका
बड़ी रकम निवेश करने वाले लोगों के लिए सवाल रहता है कि पूरा पैसा एक साथ लगाया जाए या 6 महीने में धीरे- धीरे निवेश किया जाए. FundsIndia के 25 साल के Nifty 50 TRI डेटा के अनुसार मध्यम अवधि में लंपसम निवेश को थोड़ी बढ़त मिली. 1 साल में लंपसम का औसत रिटर्न 16 फीसदी और 6 महीने के STP का 13 फीसदी रहा.
Highlights
- 25 साल के निफ्टी 50 डेटा में मध्यम अवधि में लंपसम निवेश थोड़ा आगे रहा.
- 1 साल में लंपसम का औसत रिटर्न 16 फीसदी और 6 महीने के एसटीपी का 13 फीसदी रहा.
- 10 साल या उससे ज्यादा की अवधि में दोनों तरीकों के रिटर्न का अंतर लगभग खत्म हो गया.
बड़ा निवेश करने वाले लोगों के सामने अक्सर यह सवाल रहता है कि पैसा एक साथ शेयर बाजार में लगाया जाए या धीरे- धीरे निवेश किया जाए. लंपसम और 6 महीने के STP दोनों के अपने फायदे और रिस्क हैं. FundsIndia के 25 साल के निफ्टी 50 TRI डेटा से दोनों तरीकों के प्रदर्शन की तुलना की गई है. आंकड़ों के मुताबिक छोटी और मध्यम अवधि में लंपसम निवेश को थोड़ी बढ़त मिली. हालांकि लंबी अवधि में दोनों तरीकों के रिटर्न का अंतर काफी कम हो गया.
लंपसम निवेश को मध्यम अवधि में मिली बढ़त
FundsIndia के आंकड़ों के मुताबिक, 1, 3, 5 और 7 साल की अवधि में लंपसम निवेश का औसत सालाना रिटर्न 6 महीने के STP के बराबर या उससे अधिक रहा. 1 साल की अवधि में लंपसम का औसत रिटर्न 16 फीसदी रहा, जबकि STP का रिटर्न 13 फीसदी रहा. 3 साल में दोनों के बीच अंतर घटकर 1 फीसदी रह गया. 5 साल में लंपसम का रिटर्न 16 फीसदी और STP का 15 फीसदी रहा. 7 साल में दोनों के बीच फिर 1 फीसदी का अंतर रहा.
1 साल में निवेश का क्या मायने
डेटा से पता चलता है कि छोटी अवधि में बाजार में पैसा लगाने का समय रिटर्न पर ज्यादा असर डाल सकता है. 1 साल की अवधि में लंपसम और STP दोनों में बाजार के समय के अनुसार काफी अंतर दिखाई दिया. उदाहरण के लिए जनवरी 2008 में शुरू किए गए STP का 1 साल का रिटर्न नेगेटिव रहा. वहीं जनवरी 2009 में शुरू किए गए STP ने मजबूत पॉजिटिव रिटर्न दिया. इसका मतलब है कि बाजार में निवेश कब शुरू किया गया, इससे छोटी अवधि के नतीजे काफी बदल सकते हैं.
10 साल के बाद अंतर हुआ काफी कम
निवेश की अवधि 10 साल या उससे ज्यादा होने पर लंपसम और 6 महीने के STP के रिटर्न में अंतर काफी कम हो गया. 10 साल की अवधि में दोनों तरीकों का औसत सालाना रिटर्न 14 फीसदी रहा. 12 साल में भी दोनों का औसत रिटर्न 14 फीसदी रहा. 15 साल की अवधि में दोनों का रिटर्न फिर 14 फीसदी रहा. इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि में निवेश के तरीके की तुलना में बाजार में लंबे समय तक बने रहना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है.
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20 और 25 साल में रिटर्न लगभग बराबर
FundsIndia के आंकड़ों में 20 साल की अवधि के लिए लंपसम और STP दोनों का औसत सालाना रिटर्न 15 फीसदी रहा. 25 साल की अवधि में दोनों तरीकों का औसत रिटर्न 14 फीसदी रहा. यानी लंबी अवधि में दोनों निवेश तरीकों के बीच का अंतर लगभग खत्म हो गया. इससे पता चलता है कि लंबे इन्वेस्टमेंट हॉरिजोन में लंपसम और चरणबद्ध निवेश के बीच ऐतिहासिक रिटर्न का अंतर बहुत कम रहा है.
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