न्यूनतम वेतन बढ़ाने के साथ ही हर 3 साल में मिलेगा सैलरी हाइक?
भारत सरकार राष्ट्रीय फ्लोर वेज को संशोधित करने की योजना बना रही है, जो वर्तमान में 2017 से ₹176 प्रतिदिन पर स्थिर है. यह राशि विशेषज्ञों द्वारा अपर्याप्त मानी जा रही है, खासकर बढ़ती महंगाई को देखते हुए. अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने और इसे हर तीन साल में मुद्रास्फीति से जोड़ने की मांग कर रहे हैं. इससे श्रमिकों की क्रय शक्ति बनी रहेगी और उन्हें बढ़ती लागत का सामना करने में मदद मिलेगी. सरकार का लक्ष्य नए वेज कोड, 2019 के तहत देश का पहला वैधानिक राष्ट्रीय फ्लोर वेज स्थापित करना है.
इस बदलाव से लाखों श्रमिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और समग्र अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा. वर्तमान में मासिक औसत उपभोग व्यय शहरों में लगभग ₹7000 है, जिसके मुकाबले मौजूदा मजदूरी बहुत कम है.