गांव-देहात में घट रही है आमदनी, कर्ज के बुरे जाल में फंस रहे लोग!
जेपी नड्डा ने हाल ही में पेपर लीक की घटनाओं को एक गंभीर और गहन समस्या बताया, जिसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की चयनात्मक आलोचना पर सवाल उठाया, यह इंगित करते हुए कि उन्होंने केवल कुछ राज्यों में हुई घटनाओं पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी पेपर लीक हुए हैं, जहां कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों की सरकारें थीं या हैं.
नड्डा ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है और छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित है. उन्होंने आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से ऊपर उठकर संसद में इस मुद्दे पर व्यापक और गहन चर्चा का आह्वान किया. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार है, चाहे वह अल्पकालिक हो या दीर्घकालिक. उन्होंने विपक्ष से सदन को सबसे उपयुक्त मंच मानकर समाधान खोजने की दिशा में काम करने का आग्रह किया, ताकि छात्रों के साथ न्याय हो सके और देश के भविष्य की रक्षा की जा सके.