Small Savings Scheme interest rates: घटती ब्याज दरों में भी स्मॉल सेविंग स्कीम्स करेंगी मालामाल?
ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि छोटी बचत योजनाओं पर फिलहाल कोई कटौती नहीं की जाएगी. भारत सरकार का फोकस ग्रामीण और मिडिल क्लास निवेशकों की बचत को सुरक्षित रखने पर है, जो अपनी गाढ़ी कमाई पोस्ट ऑफिस स्मॉल सेविंग स्कीम्स में लगाते हैं. पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम जैसी योजनाएं आज भी बैंक एफडी के मुकाबले बेहतर और स्थिर रिटर्न दे रही हैं. सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से न सिर्फ लोगों को सुरक्षित ब्याज मिलता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह भी बना रहता है. Ministry of Finance की रणनीति है कि महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता के दौर में आम निवेशकों को भरोसेमंद विकल्प मिलते रहें. यही वजह है कि घटती ब्याज दरों के माहौल में भी स्मॉल सेविंग स्कीम्स निवेशकों को “मालामाल” करने की क्षमता रखती हैं. आइए वीडियों के माध्यम से पूरी जानकारी समझते हैं.