Microfinance संकट! क्या गांवों में लोन मिलना होगा मुश्किल?
भारत के ग्रामीण इलाकों में माइक्रोफाइनेंस लंबे समय से छोटे कारोबार और जरूरतमंद लोगों के लिए आसान कर्ज का बड़ा सहारा रहा है. लेकिन हाल के समय में इस सेक्टर पर संकट के संकेत दिखाई दे रहे हैं. कई माइक्रोफाइनेंस कंपनियों को लोन डिफॉल्ट बढ़ने और नए ग्राहकों की संख्या घटने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई और कमजोर आय की वजह से कई ग्रामीण उधारकर्ताओं की कर्ज चुकाने की क्षमता प्रभावित हुई है. इसी बीच बिहार माइक्रोफाइनेंस बिल को लेकर भी चर्चा तेज है, जिसमें इस सेक्टर के लिए सख्त नियमों का प्रस्ताव है.
कुछ लोगों का मानना है कि कड़े नियम उधारकर्ताओं को सुरक्षा देंगे. वहीं दूसरी तरफ यह भी चिंता है कि ज्यादा सख्ती से कंपनियों का कारोबार प्रभावित हो सकता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या माइक्रोफाइनेंस अब भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत सहारा है या धीरे-धीरे कर्ज के जाल में बदल रहा है.
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