आपके पैसे से बनेगा हाइवे, ज्यादा पेंशन की मिलेगी गारंटी?
सरकार ने अब हाईवे प्रोजेक्ट्स में निवेश के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब सिर्फ रोड बनाने वाली कंपनियां ही नहीं बल्कि बड़े निवेश फंड्स भी हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगा सकेंगे. हाईवे प्रोजेक्ट्स में केवल वही कंपनियां हिस्सा ले सकती थी जो खुद जो है रोड निर्माण का काम करती थी. हाईवे डेवलपर्स और कंस्ट्रक्शन कंपनियां ही बोली लगाती थी. लेकिन अब सरकार ने प्राइवेट फंड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स और पेंशन फंड्स को हाईवे प्रोजेक्ट्स में निवेश की अनुमति दे दी है. इसका आम आदमी के जीवन पर क्या सरोकार पड़ेगा?
सरकार के खजाने पर बोझ कम होगा और सरकार को कर्ज कम लेना पड़ेगा. 10-15 साल तक इंफ्रास्ट्रक्चर को सरकार नए लेवल पर लेकर जाना चाहती है। हाल में प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया जो 594 किलोमीटर लंबा है. इस एक्सप्रेसवे की लागत ₹36,000 करोड़ से ज्यादा की है. इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक मोटी पूंजी की जरूरत पड़ती है. वही यह नियम सरकार को बहुत बड़ी राहत देगा.
