मुंबई में बढ़ेगी ऑफिस स्पेस की डिमांड, GCC और टेक कंपनियां बनेंगी ग्रोथ ड्राइवर

मुंबई में ऑफिस स्पेस की मांग अगले चार साल में 12 से 15 फीसदी सालाना की दर से बढ़ सकती है. रियल एस्टेट कंसल्टेंट CBRE के मुताबिक 2022 से 2026 के बीच शहर में हर साल औसतन 11.8 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस की मांग रही.

मुंबई में ऑफिस स्पेस की मांग 2027 से 2030 के बीच 12 से 15 फीसदी सालाना बढ़ सकती है. Image Credit: freepik

मुंबई में ऑफिस स्पेस की मांग अगले चार साल में तेजी से बढ़ सकती है. 2027 से 2030 के बीच मुंबई में ऑफिस स्पेस की मांग सालाना 12 से 15 फीसदी की दर से बढ़ सकती है. इस मांग को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCCs के साथ बैंकिंग, टेक्नोलॉजी और फ्लेक्सिबल ऑफिस कंपनियों से सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. 2022 से 2026 के बीच मुंबई में हर साल औसतन 11.8 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस की मांग रही है.

मुंबई में ऑफिस की मांग क्यों बढ़ेगी

रियल एस्टेट कंसल्टेंट CBRE के मुताबिक, मुंबई में ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ने के पीछे कई बड़े कारण हैं. इनमें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCCs की बढ़ती मौजूदगी प्रमुख है. विदेशी कंपनियां भारत के बड़े शहरों में अपने ग्लोबल सेंटर स्थापित कर रही हैं. मुंबई भी इन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण बाजार बन रहा है. इसके अलावा बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, टेक्नोलॉजी और फ्लेक्सिबल ऑफिस कंपनियां भी ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ा सकती हैं.

12 से 15 फीसदी CAGR का अनुमान

CBRE के अनुसार 2027 से 2030 के दौरान मुंबई में ऑफिस स्पेस की मांग 12 से 15 फीसदी की चक्रवृद्धि सालाना वृद्धि दर से बढ़ सकती है. इसकी तुलना में 2022 से 2026 के बीच शहर में हर साल औसतन 11.8 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस की मांग रही है. अगर मांग इसी गति से बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में ऑफिस रियल एस्टेट बाजार का आकार काफी बढ़ सकता है. इसका फायदा नए बिजनेस डिस्ट्रिक्ट और ऑफिस प्रोजेक्ट विकसित करने वाली कंपनियों को मिल सकता है.

ऑफिस स्टॉक में 16 फीसदी हिस्सेदारी

जून 2026 तक भारत के कुल ऑफिस स्टॉक में मुंबई की हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी थी. देश में कुल ऑफिस स्टॉक 1 अरब वर्ग फुट के आंकड़े को पार कर चुका है. CBRE का अनुमान है कि 2030 तक मुंबई का कुल ऑफिस स्टॉक मौजूदा स्तर के मुकाबले 1.3 गुना हो सकता है. इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में शहर में नए ऑफिस प्रोजेक्ट और कमर्शियल डेवलपमेंट बढ़ सकते हैं. इससे रियल एस्टेट कंपनियों और ऑफिस स्पेस से जुड़े कारोबार को सपोर्ट मिल सकता है.

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कनेक्टिविटी से मुंबई को फायदा

CBRE के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुमान मैगजीन के मुताबिक मुंबई में अगले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. मेट्रो, रेल, सड़क और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में सुधार से शहर के अलग अलग हिस्सों में कमर्शियल गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इसके साथ ही नए बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, हाउसिंग और ट्रांजिट आधारित विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है. वित्त, टेक्नोलॉजी, सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में मुंबई की स्थिति मजबूत है.