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LIC Q2 Results: मुनाफे में 20 फीसदी का उछाल, ₹12115 करोड़ पर पहुंचा प्रॉफिट; नतीजों में क्या रहा खास?

LIC का सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 20% बढ़कर 12,114.78 करोड़ रुपये रहा. कंपनी की नेट प्रीमियम इनकम 16.2% बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये हो गई. सिंगल प्रीमियम इनकम में 34% की बढ़ोतरी हुई.

एलआईसी के नतीजे Image Credit: @Money9live

Highlights

  • सितंबर तिमाही में LIC का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट करीब 20% बढ़कर 12,114.78 करोड़ रुपये रहा.
  • नेट प्रीमियम इनकम 16.2% बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये पहुंची.
  • सिंगल प्रीमियम इनकम 34% बढ़कर 68,425 करोड़ रुपये रही.

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी Life Insurance Corporation of India (LIC) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 20 फीसदी बढ़कर 12114.78 करोड़ रुपये हो गया. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में LIC ने 10,098 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था. कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी के पीछे प्रीमियम इनकम में मजबूत ग्रोथ और निवेश से होने वाली ज्यादा कमाई का योगदान रहा. हालांकि, जून तिमाही के मुकाबले कंपनी का मुनाफा 11 फीसदी घटा है. जून तिमाही में यह 13584 करोड़ रुपये था.

नेट प्रीमियम इनकम 16% बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये

सितंबर तिमाही में LIC की नेट प्रीमियम इनकम सालाना आधार पर 16.2% बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये हो गई. पिछले साल की समान तिमाही में यह 1.26 लाख करोड़ रुपये थी. जून तिमाही के 1.27 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इसमें 15% की बढ़ोतरी हुई.

प्रीमियम इनकम में इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह सिंगल प्रीमियम कलेक्शन में आई तेजी रही. सिंगल प्रीमियम उन पॉलिसी से मिलता है, जिनमें ग्राहक पूरी प्रीमियम राशि एक बार में जमा करते हैं.

सितंबर तिमाही में LIC की सिंगल प्रीमियम इनकम 34% बढ़कर 68,425 करोड़ रुपये हो गई. एक साल पहले की समान तिमाही में यह 50,882 करोड़ रुपये थी. वहीं, रिन्यूअल प्रीमियम इनकम 5% बढ़कर 68,718 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल 65,320 करोड़ रुपये थी.

हालांकि, फर्स्ट ईयर प्रीमियम इनकम में गिरावट दर्ज की गई. यह 4% घटकर 10,484 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 10,884 करोड़ रुपये थी.

निवेश से होने वाली कमाई में भी बढ़ोतरी

LIC को सितंबर तिमाही में निवेश से होने वाली कमाई से भी सपोर्ट मिला. शेयरहोल्डर्स अकाउंट में नेट इन्वेस्टमेंट इनकम बढ़कर 2,855 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में 2,066 करोड़ रुपये थी. इस तरह इसमें करीब 38% की बढ़ोतरी हुई. शेयरहोल्डर्स अकाउंट में कुल इनकम भी 11% बढ़कर 10,527 करोड़ रुपये हो गई. एक साल पहले यह 9,454 करोड़ रुपये थी.

वहीं, पॉलिसीहोल्डर्स अकाउंट में निवेश से होने वाली कमाई 1.15 लाख करोड़ रुपये रही. पिछले साल की समान तिमाही में यह 1.12 लाख करोड़ रुपये थी. इसमें करीब 2.2% की बढ़ोतरी हुई.

कंपनी के पॉलिसीहोल्डर्स अकाउंट में सरप्लस बढ़कर 10,379 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 9,503 करोड़ रुपये था. निवेश से होने वाली कमाई और पॉलिसीहोल्डर्स अकाउंट में बढ़े सरप्लस ने कंपनी के कुल वित्तीय प्रदर्शन को सपोर्ट किया.

क्लेम और दूसरे पेमेंट बढ़े, मैनेजमेंट खर्च भी चढ़ा

सितंबर तिमाही में LIC ने क्लेम और पॉलिसीहोल्डर्स को किए जाने वाले दूसरे भुगतानों के रूप में कुल 1.34 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया. पिछले साल की समान तिमाही में यह रकम 1.06 लाख करोड़ रुपये थी.

कंपनी का मैनेजमेंट खर्च 9% बढ़कर 15,143.38 करोड़ रुपये हो गया. एक साल पहले यह 13,908 करोड़ रुपये था. वहीं, नेट कमीशन खर्च बढ़कर 6,089 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 5,807 करोड़ रुपये था.

सॉल्वेंसी रेशियो में सुधार, खर्च अनुपात घटा

LIC का सॉल्वेंसी रेशियो सितंबर 2026 में बढ़कर 2.35 हो गया. एक साल पहले सितंबर 2025 में यह 2.13 था. हालांकि, जून तिमाही के 2.42 के मुकाबले इसमें गिरावट आई. कंपनी का एक्सपेंस ऑफ मैनेजमेंट रेशियो भी बेहतर हुआ. यह पिछले साल के 12.05% से घटकर 10.26% पर आ गया. यह कंपनी के खर्च प्रबंधन में सुधार को दिखाता है.

पॉलिसी की निरंतरता से जुड़े आंकड़ों में मिलाजुला प्रदर्शन रहा. 13वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो घटकर 67.67% रहा, जो एक साल पहले 68.19% था. वहीं, 25वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो मामूली सुधार के साथ 63.01% हो गया, जबकि पिछले साल यह 62.63% था.

निवेश पर यील्ड में मिला-जुला प्रदर्शन

सितंबर तिमाही में LIC की इन्वेस्टमेंट यील्ड में भी मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला. अनरियलाइज्ड गेन को छोड़कर निवेश पर यील्ड घटकर 9.04% रह गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में 9.33% थी. हालांकि, अनरियलाइज्ड गेन को शामिल करने पर निवेश यील्ड बढ़कर 4.10% हो गई. पिछले साल की समान तिमाही में यह 2.07% थी.

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