AI और साइबर अटैक से बढ़ेगा इन 3 कंपनियों का कारोबार! निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी; रखें नजर
भारत में बढ़ते साइबर अटैक, एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल पेमेंट के चलते साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में तेजी से चर्चा में है. Quick Heal Technologies, RS Software और SecureKloud Technologies जैसी कंपनियां इस थीम से जुड़ी हैं. ऐसे में आइए जानते हैं इन कंपनियों का कारोबार, वित्तीय स्थिति और इनके सामने मौजूद अवसर व चुनौतियां.

Cybersecurity Stocks: भारत में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहे हैं. क्लाउड कंप्यूटिंग और AI का इस्तेमाल भी लगातार बढ़ रहा है. इसके साथ ही साइबर हमला, डेटा ब्रीच, रैंसमवेयर और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. यही वजह है कि कंपनियां, बैंक और सरकारी संस्थान अपनी डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने पर पहले से ज्यादा खर्च कर रहे हैं. इससे साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में काम करने वाली कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ गई हैं.
भारत में Pure Play Cybersecurity कंपनियां बहुत कम हैं. हालांकि कुछ आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियां साइबर सुरक्षा, क्लाउड सुरक्षा और डिजिटल पेमेंट सुरक्षा से जुड़े सल्यूशन उपलब्ध कराती हैं.
Quick Heal Technologies पर क्यों है नजर
Quick Heal Technologies देश की प्रमुख Cybersecurity कंपनी है. कंपनी एंटीवायरस, एंडपॉइंट सिक्योरिटी, डेटा प्रोटेक्शन और एंटरप्राइज साइबर सुरक्षा सल्यूशन उपलब्ध कराती है. इसका एंटरप्राइज ब्रांड Seqrite तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह कंपनियों को थ्रेट इंटेलिजेंस, एंडपॉइंट सिक्योरिटी और डेटा प्रोटेक्शन की सेवाएं देता है. AI आधारित Cyber Attack और Ransomware बढ़ने से एंटरप्राइज सुरक्षा की मांग लगातार बढ़ रही है. इसका फायदा Quick Heal Technologies को मिल सकता है.
कैसा है कंपनी का फंडामेंटल्स
Quick Heal Technologies का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 959 करोड़ रुपये है. कंपनी का शेयर 177 रुपये पर कारोबार कर रहा है. पिछले 52 सप्ताह में शेयर 417 रुपये के ऊपरी और 125 रुपये के निचले स्तर तक गया है. कंपनी की बुक वैल्यू 80.5 रुपये प्रति शेयर है. फिलहाल कंपनी कोई डिविडेंड नहीं देती है. कंपनी का फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर है. वहीं, कंपनी का ROCE माइनस 4.65 फीसदी और ROE माइनस 2.49 फीसदी है.
शेयर का हाल?
गुरुवार को कंपनी का शेयर 0.26 फीसदी की बढ़त के साथ 176 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ. पिछले तीन महीनों में इस शेयर ने 26 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि, पिछले पांच वर्षों में इसमें 34 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
हालांकि कंपनी के हालिया नतीजे बहुत मजबूत नहीं रहे हैं. चौथी तिमाही FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 487 मिलियन रुपये रहा. पिछले साल इसी अवधि में यह 651 मिलियन रुपये था. कंपनी को 199 मिलियन रुपये का घाटा भी हुआ. मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी सरकारी और अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर फोकस बढ़ा रही है. साथ ही बड़े ग्राहकों के लिए नए समाधान भी तैयार किए जा रहे हैं. कंपनी का ऑर्डर बुक 550 मिलियन रुपये तक पहुंच चुका है.
RS Software को डिजिटल पेमेंट से मिल सकता है फायदा
RS Software डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग समाधान और पेमेंट प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराती है. कंपनी का AI आधारित प्लेटफॉर्म RS IntelliEdge रियल टाइम फ्रॉड डिटेक्शन और जोखिम प्रबंधन में मदद करता है.
UPI, रियल टाइम पेमेंट सिस्टम और Cross Border Payment बढ़ने से कंपनी के कारोबार को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है. हालांकि कंपनी Pure Play Cybersecurity Company नहीं है, लेकिन पेमेंट सुरक्षा इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है.
कैसा है कंपनी का फंटामेंटल्स
RS Software का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 93.5 करोड़ रुपये है. कंपनी का शेयर 36.2 रुपये पर कारोबार कर रहा है. पिछले 52 सप्ताह में शेयर 91.6 रुपये के ऊपरी और 21.5 रुपये के निचले स्तर तक गया है. कंपनी की बुक वैल्यू 11.3 रुपये प्रति शेयर है. कंपनी 0.69 फीसदी का डिविडेंड यील्ड देती है. कंपनी का फेस वैल्यू 5 रुपये प्रति शेयर है. वहीं, कंपनी का ROCE माइनस 52.4 फीसदी और ROE माइनस 67.2 फीसदी है.
शेयर का हाल?
शुक्रवार को कंपनी का शेयर 1.98 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ. हालांकि, पिछले एक महीने में इस शेयर ने 14 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं, बीते तीन महीनों में कंपनी के शेयर ने 39 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि, लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है और इसमें गिरावट दर्ज की गई है.
चौथी तिमाही FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 59 मिलियन रुपये रहा. इसी दौरान कंपनी को 105 मिलियन रुपये का घाटा हुआ. हालांकि पिछले कुछ सालों में ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार देखने को मिला है.
SecureKloud Technologies के सामने चुनौतियां बरकरार
SecureKloud Technologies क्लाउड सुरक्षा और क्लाउड नेटिव ट्रांसफॉर्मेशन पर काम करती है. कंपनी हेल्थकेयर और BFSI सेक्टर के लिए आइडेंटिटी एंड एक्सेस मैनेजमेंट, AI आधारित थ्रेट डिटेक्शन और रेगुलेटरी कंप्लायंस समाधान उपलब्ध कराती है. कंपनी AI Powered Threat Intelligence, Zero Trust Security Framework और Cloud Security Posture Management जैसे समाधान विकसित कर रही है. डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन बढ़ने से इस कारोबार में आगे अच्छे अवसर बन सकते हैं.
कैसा है कंपनी का फंटामेंटल्स
SecureKloud Technologies का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 63.5 करोड़ रुपये है. कंपनी का शेयर 19 रुपये पर कारोबार कर रहा है. पिछले 52 सप्ताह में शेयर 34.2 रुपये के ऊपरी और 16 रुपये के निचले स्तर तक गया है. कंपनी की बुक वैल्यू माइनस 15.4 रुपये प्रति शेयर है. फिलहाल कंपनी कोई डिविडेंड नहीं देती है. कंपनी का फेस वैल्यू 5 रुपये प्रति शेयर है. वहीं, कंपनी का ROCE माइनस 5.97 फीसदी है.
शेयर का हाल?
शुक्रवार को कंपनी के शेयर में गिरावट दर्ज की गई. वहीं, पिछले एक साल में कंपनी के शेयर पर 25 फीसदी से ज्यादा का दबाव रहा है. हालांकि कंपनी की वित्तीय स्थिति अभी दबाव में है. पिछले कुछ सालों में कंपनी लगातार घाटे में चल रही है. चौथी तिमाही FY26 में कंपनी का रेवेन्यू घटकर 86 मिलियन रुपये रह गया. वहीं कंपनी को 72 मिलियन रुपये का घाटा हुआ.
निवेशकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
साइबर सिक्योरिटी आने वाले वर्षों की सबसे बड़ी ग्रोथ थीम में से एक मानी जा रही है. AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल पेमेंट और डेटा सुरक्षा से जुड़े नियम इस सेक्टर की मांग को लगातार बढ़ा रहे हैं. लेकिन केवल किसी थीम को देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं होगी. निवेश से पहले कंपनी की मुनाफाखोरी, कैश फ्लो, ऑर्डर बुक, बैलेंस शीट और कारोबार की स्थिति को अच्छी तरह समझना जरूरी है. तभी बेहतर निवेश का फैसला लिया जा सकता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.