AI की दौड़ में चमकेगा DG Set सेक्टर! 2030 तक 23800 करोड़ रुपये का होगा मार्केट; इन 2 शेयरों पर रखें नजर
भारत में डेटा सेंटर उद्योग के तेज विस्तार से DG Set बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बन रहा है. AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सर्विसेज और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती मांग के चलते 2030 तक भारत का डीजल जनरेटर बाजार 23,803 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. इस ग्रोथ से Powerica और Kirloskar Oil Engines जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है.

Data Center-DG Set Stock: भारत में तेजी से बढ़ रहे डेटा सेंटर उद्योग ने डीजल जनरेटर (DG Set) बनाने वाली कंपनियों के लिए एक बड़ा कारोबारी अवसर पैदा कर दिया है. आने वाले वर्षों में देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सर्विसेज, डेटा लोकलाइजेशन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग के कारण डेटा सेंटर की संख्या और क्षमता में तेज विस्तार होने की उम्मीद है. ऐसे में इन डेटा सेंटरों को बिना किसी रुकावट के बिजली उपलब्ध कराने के लिए हाई-कैपेसिटी डीजल जनरेटर की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. यही वजह है कि इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ गई हैं.
कितना बड़ा है मार्केट
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का डीजल जनरेटर बाजार वित्त वर्ष 2023 में लगभग 10,521 करोड़ रुपये का था, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2030 तक 23,803 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. यानी अगले कुछ वर्षों में यह बाजार दोगुने से भी अधिक होने का अनुमान है. इस बढ़ोतरी के पीछे केवल डेटा सेंटर ही नहीं, बल्कि ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, कमर्शियल रियल एस्टेट और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं में बैकअप पावर की बढ़ती जरूरत भी प्रमुख कारण है.
Powerica को मिल सकता है बड़ा फायदा
इस थीम से फायदा उठाने वाली प्रमुख कंपनियों में Powerica का नाम सबसे आगे माना जा रहा है. कंपनी 7.5 kVA से लेकर 10,000 kVA तक की क्षमता वाले जनरेटर बनाती है और लंबे समय से कमिंस इंडिया के साथ साझेदारी में काम कर रही है. कंपनी की कुल आय का लगभग 83 प्रतिशत हिस्सा DG Set बिजनेस से आता है.
कंपनी ने वर्ष 2021 से डेटा सेंटर सेक्टर में अपनी मौजूदगी मजबूत की है और अब यह देश के बड़े हाइपरस्केलर और कोलोकेशन डेटा सेंटर ऑपरेटरों को हाई-हॉर्सपावर जनरेटर उपलब्ध करा रही है. एक डेटा सेंटर परियोजना में कंपनी 10 से लेकर 90 तक जनरेटर सेट की सप्लाई कर सकती है.
इतना ही नहीं, केवल उपकरणों की सप्लाई ही नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) और इंस्टॉलेशन का काम भी कंपनी करती है, जिससे उसे अधिक मूल्य के ऑर्डर मिलने की संभावना रहती है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 3,011.5 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि नेट प्रॉफिट में 61 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. गुरुवार को कंपनी का शेयर इंट्रा-डे कारोबार में 0.23 फीसदी गिरकर 660 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.
Kirloskar Oil Engines भी बढ़ा रही है क्षमता
इस क्षेत्र की दूसरी प्रमुख कंपनी Kirloskar Oil Engines है. कंपनी इंजन, जनरेटर और पंप बनाती है तथा वैश्विक स्तर पर औद्योगिक इंजन निर्माण में प्रमुख स्थान रखती है. कंपनी फिलहाल एज और कोलोकेशन डेटा सेंटर को पावर सॉल्यूशन उपलब्ध करा रही है और अब हाइपरस्केलर डेटा सेंटर बाजार में भी तेजी से विस्तार कर रही है.
कंपनी ने हाल ही में हाइपरनेक्स्ट से 96 हाई-कैपेसिटी ऑप्टीप्राइम डुअल कोर पावर सिस्टम की सप्लाई का बड़ा ऑर्डर हासिल किया है. इसके अलावा कंपनी 8,000 kVA तक के विशेष जनरेटर भी बना रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 5,646.8 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 464 करोड़ रुपये रहा.
कंपनी के पास 552 करोड़ रुपये का नेट कैश भी है. भविष्य की मांग को देखते हुए कंपनी वित्त वर्ष 2030 तक अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 2,100 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 3.20 फीसदी गिरकर 2,480 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.
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