परमाणु ऊर्जा की दौड़ में ये 3 शेयर आगे, एक ने दिया 690% तो दूसरे ने 450% रिटर्न; मिलेगा कमाई का मौका?

भारत ने 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. इससे परमाणु क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के लिए कारोबार के नए मौके बन सकते हैं. BHEL के पास करीब 12000 करोड़ रुपये का परमाणु ऑर्डर बुक है, MTAR Technologies का कुल ऑर्डर बुक 5143 करोड़ रुपये है, जबकि Walchandnagar Industries का परमाणु कार्यक्रम से चार दशक से ज्यादा पुराना संबंध है.

न्यूक्लियर एनर्जी शेयर Image Credit: canva

Nuclear Energy Stocks: भारत अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा दांव लगाने की तैयारी कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में 2047 तक देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया. इसके साथ अगले 6 से 7 साल में पांच नए रिएक्टर शुरू करने की भी बात कही गई है. सरकार की इस बड़ी योजना का असर सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा. परमाणु बिजली संयंत्रों के लिए उपकरण और खास तकनीकी सामान बनाने वाली कंपनियों को भी लंबे समय में नए ऑर्डर मिल सकते हैं.

ऐसे में BHEL, MTAR Technologies और Walchandnagar Industries तीन ऐसी कंपनियां हैं, जिन पर निवेशकों की नजर जा सकती है. हालांकि, तीनों की स्थिति एक जैसी नहीं है. BHEL सबसे बड़ी कंपनी है और उसके पास करीब 12000 करोड़ रुपये के परमाणु ऑर्डर हैं. MTAR का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जबकि Walchandnagar का परमाणु क्षेत्र में लंबा अनुभव है.

पहले समझिए भारत का परमाणु प्लान कितना बड़ा है

भारत की मौजूदा परमाणु बिजली क्षमता 8780 MW है. सरकार का लक्ष्य इसे 2047 तक बढ़ाकर 100 GW करना है. इसके अलावा अगले 6 से 7 साल में पांच नए रिएक्टर शुरू करने की योजना है. तमिलनाडु के कलपक्कम में 500 MWe क्षमता वाले Prototype Fast Breeder Reactor यानी PFBR ने 6 अप्रैल 2026 को पहली बार परमाणु प्रतिक्रिया शुरू करने की अहम उपलब्धि हासिल की थी.

यानी सरकार की योजना लंबी अवधि की है और इसका फायदा एक-दो तिमाही में ही कंपनियों की कमाई में दिखे, यह जरूरी नहीं है. असली असर नए रिएक्टरों के ऑर्डर, उपकरणों की आपूर्ति और कंपनियों की कमाई बढ़ने के साथ दिखाई देगा.

1. BHEL: सबसे बड़ा ऑर्डर बुक और करीब ₹12,000 करोड़ के परमाणु ऑर्डर

Bharat Heavy Electricals यानी BHEL इन तीनों कंपनियों में सबसे बड़ी है. इसका कारोबार सिर्फ परमाणु ऊर्जा तक सीमित नहीं है. कंपनी बिजली, ट्रांसमिशन, रक्षा, परिवहन, जलविद्युत, कोयला गैसीकरण और सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में काम करती है.

कंपनी के पास करीब 12,000 करोड़ रुपये का परमाणु ऑर्डर बुक है. वहीं, Q1 FY27 के आखिरी में उसका कुल ऑर्डर बुक 260255 करोड़ रुपये था, जो एक साल पहले के 204375 करोड़ रुपये से 27 फीसदी ज्यादा है.

BHEL का ऑर्डर बुक कितना है?

कारोबारऑर्डर बुक
कुल ऑर्डर बुक₹2,60,255 करोड़
परमाणुकरीब ₹12,000 करोड़
ट्रांसमिशनकरीब ₹14,000 करोड़
रक्षाकरीब ₹7,000 करोड़
परिवहनकरीब ₹15,000 करोड़
कोयला गैसीकरणकरीब ₹8,000 करोड़
जलविद्युतकरीब ₹5,500 करोड़
स्पेयर और सेवाएंकरीब ₹4,000 करोड़

BHEL की कमाई में भी सुधार

Q1 FY27 में BHEL का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर 7697.72 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 5486.91 करोड़ रुपये था. कंपनी को इस तिमाही में 381.91 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 454.89 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था यानी कंपनी घाटे से निकलकर मुनाफे में आ गई है.

शेयर ने कितना रिटर्न दिया?

BHEL के शेयर ने एक साल में 88.98 फीसदी और पांच साल में 689.35 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि करीब 12000 करोड़ रुपये का परमाणु ऑर्डर कंपनी के कुल 2,60,255 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक का एक छोटा हिस्सा है. इसलिए BHEL को सिर्फ परमाणु कारोबार के आधार पर देखना सही नहीं होगा.

2. MTAR Technologies: कमाई में 130% की बढ़ोतरी

MTAR Technologies BHEL के मुकाबले छोटी कंपनी है, लेकिन इसका कारोबार खास तकनीकी सामान बनाने पर केंद्रित है. कंपनी परमाणु ऊर्जा के अलावा एयरोस्पेस, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में भी काम करती है. Q1 FY27 में कंपनी का परिचालन से रेवेन्यू 360.7 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 156.6 करोड़ रुपये था. यानी राजस्व में 130.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

कंपनी का EBITDA 28.4 करोड़ से बढ़कर 85 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 10.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 50 करोड़ रुपये हो गया.

MTAR का ऑर्डर बुक कितना है?

Q1 FY27 के अंत में कंपनी का ऑर्डर बुक 5143 करोड़ रुपये था. इसके बाद कंपनी को करीब 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऑर्डर भी मिला. FY27 के लिए कंपनी ने राजस्व में 80 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान रखा है. EBITDA मार्जिन का लक्ष्य 24 फीसदी रखा गया है.

कंपनी के परमाणु कारोबार में Kaiga 5 और 6, रिएक्टरों के नवीनीकरण और प्रस्तावित Mahi Banswara परियोजना जैसे मौके हैं. इसके अलावा कंपनी ने कलपक्कम के PFBR के लिए जरूरी महत्वपूर्ण हिस्सों की बड़ी संख्या में आपूर्ति की थी.

MTAR के शेयर ने सबसे तेज दौड़ लगाई

इन तीनों कंपनियों में MTAR Technologies के शेयर ने हाल के समय में सबसे तेज बढ़त दिखाई है. शेयर ने एक महीने में 22 फीसदी, छह महीने में 88 फीसदी, इस साल अब तक 1361 फीसदी और पांच साल में 450 फीसदी का रिटर्न दिया है. इसका मतलब यह भी है कि कंपनी के कारोबार में मजबूत बढ़ोतरी के साथ शेयर की कीमत पहले ही काफी ऊपर जा चुकी है.

3. Walchandnagar Industries: परमाणु क्षेत्र में 40 साल से ज्यादा का अनुभव

Walchandnagar Industries का भारत के परमाणु कार्यक्रम से चार दशक से ज्यादा पुराना संबंध है. कंपनी के मुताबिक, उसने परमाणु ऊर्जा विभाग, NPCIL और BARC के साथ 40 साल से ज्यादा और BHAVINI के साथ करीब एक दशक तक काम किया है. कंपनी ने PHWR और PFBR रिएक्टरों के लिए उपकरणों की आपूर्ति की है. इसके अलावा कलपक्कम के 500 MWe PFBR के लिए सोडियम पाइपिंग का काम भी किया है.

हालांकि, कंपनी के ताजा नतीजों में परमाणु कारोबार का अलग से ऑर्डर बुक नहीं बताया गया है. इसलिए इसकी परमाणु क्षमता की तुलना BHEL के 12000 करोड़ रुपये के परमाणु ऑर्डर से सीधे नहीं की जा सकती.

कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी

Q1 FY27 में Walchandnagar Industries का ऑपरेशन से राजस्व 90.83 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 49.43 करोड़ रुपये था. EBITDA 2.17 करोड़ रुपये से बढ़कर 14.32 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, कंपनी 1.18 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट में आ गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 10.39 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.

शेयर का प्रदर्शन

Walchandnagar Industries के शेयर ने एक महीने में 7.89% की गिरावट दर्ज की है. हालांकि, छह महीने में शेयर 30.49%, इस साल अब तक 18.74%, एक साल में 27.08% और पांच साल में 242 फीसदी चढ़ा है.

आखिर किस शेयर पर नजर रखें?

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार की 100 GW की योजना इन तीनों कंपनियों के लिए लंबे समय में कारोबार का मौका पैदा कर सकती है. लेकिन तीनों की स्थिति अलग है. BHEL के पास पहले से करीब 12,000 करोड़ रुपये का परमाणु ऑर्डर बुक और बहुत बड़ा कुल ऑर्डर बुक है. MTAR Technologies की कमाई तेजी से बढ़ रही है और परमाणु क्षेत्र में उसकी सीधी भागीदारी है. वहीं Walchandnagar Industries के पास परमाणु क्षेत्र का लंबा अनुभव और PFBR से जुड़ा काम है.

लेकिन यहां एक अहम बात समझना जरूरी है. 100 GW का लक्ष्य लंबी अवधि की योजना है, यह आज ही कंपनियों के ऑर्डर बुक में 100 GW के ऑर्डर आने का मतलब नहीं है. असली फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि नए रिएक्टरों के कितने ऑर्डर मिलते हैं, कंपनियां उन्हें कितनी तेजी से पूरा करती हैं और उससे उनकी कमाई कितनी बढ़ती है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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