US-Iran War से Crude Oil तक, अगले हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे ये 5 बड़े ट्रिगर
भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता कई अहम घटनाक्रमों से भरा रहेगा. US-Iran तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर नजर रहेगी, जबकि क्रूड ऑयल की कीमतें बाजार की दिशा के लिए अहम रहेंगी. इसके अलावा US Fed की Meeting Minutes, FII flows और गोल्ड प्राइस भी निवेशकों के रडार पर होंगे. इन 5 फैक्टर्स से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है.
Highlights
- भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता कई अहम घटनाक्रमों से भरा रहेगा.
- US-Iran तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर नजर रहेगी.
- 5 फैक्टर्स से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है.
Stock Market Outlook Next Week: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता कुछ खास नहीं रहा. महंगे क्रूड ऑयल, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा. अब अगले हफ्ते भी निवेशकों की नजर कुछ बड़े घटनाक्रमों पर रहेगी. इनमें US-Iran तनाव, होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति, क्रूड ऑयल की कीमतें, US Fed की Meeting Minutes और FII flows सबसे अहम रहेंगे. इसके अलावा गोल्ड प्राइस में हलचल भी बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है.
पिछले हफ्ते Sensex 0.09 फीसदी गिरकर 78009.25 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 0.12 फीसदी टूटकर 24366 पर आ गया. हालांकि, व्यापक बाजार में तस्वीर मिली-जुली रही. MidCap index में 0.50 फीसदी की बढ़त रही, जबकि SmallCap index 0.66 फीसदी गिरा.
अगले हफ्ते बाजार की नजर किन चीजों पर रहेगी
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले हफ्ते में निवेशकों का ध्यान होर्मुज स्ट्रेट और US-Iran तनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर बना रहेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, क्रूड ऑयल की कीमत भारतीय बाजार के लिए सबसे अहम फैक्टर्स में से एक बनी रह सकती है.
WTI Crude Oil पिछले हफ्ते करीब 82 से 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर रहा, जबकि Brent Crude 88 से 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा. भू-राजनीतिक तनाव ने कमजोर ग्लोबल डिमांड और बढ़ते US inventories की चिंताओं पर फिलहाल ज्यादा असर डाला है.
इसके अलावा निवेशकों की नजर 19 अगस्त को जारी होने वाली US Federal Reserve की जुलाई बैठक की Minutes पर भी रहेगी.
1. US Fed की Meeting Minutes
Federal Open Market Committee यानी FOMC की 28-29 जुलाई 2026 को हुई बैठक की Minutes 19 अगस्त को जारी की जाएंगी. इस बैठक में Fed ने 9 से 3 के वोट से Federal Funds Rate को 3.50% से 3.75% की रेंज में बरकरार रखा था. तीन पॉलिसी मेकर्स ने तत्काल रेट हाइक के पक्ष में वोट किया था.
ऐसे में बाजार यह जानने की कोशिश करेगा कि Fed के पॉलिसी मेकर्स महंगाई में नरमी और महंगाई बढ़ने के जोखिम के बीच किस तरह संतुलन बना रहे हैं. निवेशकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि सितंबर की बैठक से पहले Fed के भीतर ब्याज दरों को लेकर सोच में कोई बदलाव आया है या नहीं.
2. US-Iran War और Strait of Hormuz
अगले हफ्ते US-Iran तनाव भी बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर रहेगा. खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर होने वाले घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर रहेगी. ईरान के Deputy Foreign Minister Kazem Gharibabadi ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तेहरान का रुख दोहराते हुए कहा है कि यह जलमार्ग ईरान का रहा है, ईरान का है और आगे भी ईरान का रहेगा. उन्होंने कहा कि इसे बंद करने या फिर से खोलने का फैसला केवल ईरान करेगा. उनकी यह टिप्पणी डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह जल्द घोषणा करेंगे कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिकी क्षेत्र का हिस्सा है.
पिछले हफ्ते ईरान के वरिष्ठ अधिकारी Mohammad Bagher Zolghadr ने भी Strait को फिर से खोलने के लिए कुछ शर्तें बताई थीं. इनमें ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ युद्ध और आक्रामकता खत्म करना, ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाना, ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करना और संघर्ष में हुए नुकसान का मुआवजा शामिल था.
3. Crude Oil की कीमत
महंगा Crude Oil भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में से एक बना हुआ है. शुक्रवार को Tankers पर हमलों और Trump प्रशासन तथा ईरान के बीच शांति समझौते की दिशा में किसी बड़ी प्रगति के अभाव में Crude Oil Futures में तेजी आई. पूरे हफ्ते में Brent Crude में करीब 6.0% और WTI में 5.4% की तेजी रही.
Crude Oil की कीमतों में लगातार तेजी भारत के लिए चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि इससे महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है.
4. FII Flows
Foreign Institutional Investors यानी FIIs की खरीदारी भी बाजार की दिशा के लिए अहम रहेगी. 14 अगस्त को FIIs ने भारतीय शेयरों में 12,854.44 करोड़ रुपये की खरीदारी की और 12,346.32 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इस तरह उनका नेट इन्वेस्टमेंट 508.12 करोड़ रुपये रहा.
वहीं Domestic Institutional Investors यानी DIIs ने 4,295.49 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 13,939.09 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
5. Gold Prices
Gold Prices में हलचल भी अगले हफ्ते बाजार के सेंटीमेंट के लिए अहम हो सकती है. शुक्रवार को Spot Gold 0.7% बढ़कर 4,379.95 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. इस हफ्ते Gold में करीब 0.9 फीसदी की बढ़त रही. इससे पहले पिछले सत्र में Gold 1.3 फीसदी गिरा था, क्योंकि कीमतों में तेज बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की थी. US Gold Futures भी 0.4% बढ़कर 4,437.30 डॉलर पर बंद हुए.
Gold में तेजी को इस हफ्ते कमजोर US Dollar और महंगाई के आंकड़ों से भी सहारा मिला. महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने से यह उम्मीद मजबूत हुई कि Federal Reserve अगले महीने ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है.
बाजार के लिए क्या है सबसे अहम?
कुल मिलाकर, अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की नजर US-Iran तनाव और Strait of Hormuz पर सबसे ज्यादा रहेगी. अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो Crude Oil की कीमतों में और तेजी बाजार के लिए चिंता बढ़ा सकती है. इसके अलावा Fed की Minutes से ब्याज दरों को लेकर संकेत, FII-DII की खरीदारी और Gold की चाल भी निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित करेगी. ऐसे में अगले हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और निवेशकों के लिए इन पांचों संकेतों पर नजर रखना अहम होगा.
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