पेट्रोल ₹5, डीजल ₹3 हुआ महंगा! US-Iran युद्ध के बीच नायरा एनर्जी ने बढ़ाए दाम, जानें नया रेट

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और रिफाइंड फ्यूल की बढ़ती कीमतों के बीच नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी है. नई कीमतें शनिवार यानी 3 अक्टूबर से लागू हो गई हैं.

पेट्रोल डीजल Image Credit: canva/money9

Highlights

  • नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत ₹5 प्रति लीटर और डीजल की ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दी है.
  • नई कीमतें 3 अक्टूबर से लागू हैं.
  • कंपनी देशभर में 7,108 फ्यूल स्टेशन चलाती है.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है. कंपनी के पंपों पर पेट्रोल अब 5 रुपये प्रति लीटर, जबकि डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है. नई कीमतें शनिवार से लागू हो गई हैं. नायरा एनर्जी देशभर में 7,108 फ्यूल स्टेशन चलाती है. दिल्ली में अब पेट्रोल 100.71 रुपए प्रति लीटर और डीजल 91.31 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा है.

क्यों बढ़ाए गए पेट्रोल-डीजल के दाम?

इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती कीमतें हैं. ऊंची ग्लोबल कीमतों के कारण फ्यूल रिटेल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है. नायरा ने रिटेल कीमतों और बढ़ती इंटरनेशनल लागत के बीच अंतर कम करने के लिए कीमतों में बदलाव किया है. US-Iran युद्ध और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण इस साल एनर्जी सप्लाई पर भी दबाव देखने को मिला है. बढ़ती ग्लोबल एनर्जी कीमतों के बीच फ्यूल रिटेल कंपनियों के लिए लागत बढ़ी है.

मार्च में भी ₹5 और ₹3 बढ़े थे दाम

यह पहली बार नहीं है जब नायरा ने इस साल पेट्रोल-डीजल महंगा किया है. कंपनी ने 26 मार्च को भी पेट्रोल की कीमत ₹5 और डीजल की ₹3 प्रति लीटर बढ़ाई थी. उस समय नायरा के पंपों पर पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹100.71 और डीजल की 91.31 प्रति रुपये लीटर हो गई थी. हालांकि, बाद में ग्लोबल क्रूड की कीमतों में नरमी आने पर कंपनी ने यह बढ़ोतरी वापस ले ली थी. 1 जुलाई को पेट्रोल 5 और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया गया था.

सरकारी तेल कंपनियों का क्या हाल?

सरकारी तेल कंपनियों का देश के फ्यूल रिटेल मार्केट में दबदबा बना हुआ है. इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां देश के 90% से ज्यादा पेट्रोल पंपों का हिस्सा रखती हैं. नायरा की ताजा बढ़ोतरी उसके अपने नेटवर्क पर लागू हुई है, इसलिए इसे देशभर में सभी पेट्रोल-डीजल कीमतों में ₹5 और ₹3 की बढ़ोतरी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. सरकारी कंपनियों ने बढ़ती इंटरनेशनल लागत के बावजूद हाल में अपने पंप रेट बड़े पैमाने पर स्थिर रखे हैं.

सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को दिया निर्देश

इससे पहले सरकार ने प्राइवेट फ्यूल रिटेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल की बिक्री सीमित नहीं करने को कहा था. नायरा और जियो-बीपी के कुछ पंपों पर बिक्री सीमित किए जाने की खबरों के बाद पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने कहा था कि इस तरह एकतरफा बिक्री सीमित करना स्वीकार्य नहीं है.

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