चीन पर घटती निर्भरता से चमक सकते हैं ये 3 फॉर्मा शेयर, किसी ने 36 तो किसी ने 116% तक का दिया रिटर्न; रखें नजर

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का फार्मा एक्सपोर्ट बढ़कर 31.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया. अमेरिका और यूरोप की कई कंपनियां चीन के बजाय दूसरे देशों से सामान खरीदना चाहती हैं. ऐसे में जानते हैं देश की 3 प्रमुख फार्मा कंपनियों के बारे में, जिन पर China+1 रणनीति का सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है और जो निवेशकों की रडार पर रह सकती हैं.

शेयर का दमदार रिटर्न Image Credit: @Tv9

Pharma Stocks: भारत को दुनिया की ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ कहा जाता है. देश आज 200 से ज्यादा देशों में दवाइयां भेजता है. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का फार्मा एक्सपोर्ट बढ़कर 31.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया. हालांकि, दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई जरूरी कच्चे माल यानी API के लिए भारत अब भी चीन पर काफी हद तक निर्भर है.

अब यही निर्भरता भारत के लिए बड़ा मौका बनती दिख रही है. अमेरिका और यूरोप की कई कंपनियां चीन के बजाय दूसरे देशों से सामान खरीदना चाहती हैं. इसे ही China+1 रणनीति कहा जाता है. इसका फायदा उन भारतीय कंपनियों को मिल सकता है, जो API और दवा बनाने का पूरा काम खुद करती हैं. ऐसे में जानते हैं देश की 3 प्रमुख फार्मा कंपनियों के बारे में, जिन पर China+1 रणनीति का सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है और जो निवेशकों की रडार पर रह सकती हैं.

Aurobindo Pharma

Aurobindo Pharma देश की बड़ी फार्मा कंपनियों में शामिल है. कंपनी के भारत, अमेरिका, पुर्तगाल और ब्राजील में 16 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी अपनी जरूरत का करीब आधा API खुद बनाती है, जिससे लागत कम रहती है और चीन पर निर्भरता भी घटती है.

शेयर का प्रदर्शन

फिलहाल Aurobindo Pharma का मार्केट कैप 90,478 करोड़ रुपये है. 1 जुलाई को दोपहर 4:01 बजे तक कंपनी का शेयर 1,555 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो 1.32 फीसदी की गिरावट के साथ था. पिछले 52 हफ्तों में इस शेयर ने 1,016 रुपये का लो लेवल और 1,589 रुपये का हाई लेवल छुआ है. कंपनी का स्टॉक P/E 25.5, बुक वैल्यू 652 रुपये, ROCE 12.8 फीसदी और ROE 10.1 फीसदी है. वहीं, कंपनी का डिविडेंड यील्ड 0.26 फीसदी और फेस वैल्यू 1 रुपये है.

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की सबसे ज्यादा कमाई अमेरिका और यूरोप से हुई. इसके अलावा कंपनी मैक्सिको और ब्राजील जैसे बाजारों में भी तेजी से अपना कारोबार बढ़ा रही है. यही वजह है कि China+1 थीम में इस कंपनी को मजबूत दावेदार माना जा रहा है.

1 साल में दिया 36 फीसदी से अधिक का रिटर्न

अगर कंपनी के शेयर के प्रदर्शन की बात करें, तो पिछले 3 महीने में इसने 16 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं, 1 साल में शेयर ने 36 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है. अगर लॉन्ग टर्म की बात करें, तो पिछले 5 साल में कंपनी के शेयर ने 60 फीसदी का रिटर्न दिया है.

Divi’s Laboratories

Divi’s Laboratories दुनिया की बड़ी API बनाने वाली कंपनियों में गिनी जाती है. कंपनी 100 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट बेचती है. यह जेनेरिक API, इंटरमीडिएट और न्यूट्रास्यूटिकल्स बनाती है. कंपनी की करीब 89 फीसदी कमाई विदेशों से आती है. यूरोप और अमेरिका इसके सबसे बड़े बाजार हैं. मजबूत एक्सपोर्ट और API कारोबार की वजह से यह कंपनी भी China+1 रणनीति का फायदा उठाने की अच्छी स्थिति में मानी जा रही है.

अगर कंपनी के शेयर के प्रदर्शन की बात करें, तो पिछले 6 महीने में इसने 2 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं, 1 साल में कंपनी का शेयर 4 फीसदी की गिरावट के साथ दबाव में रहा. हालांकि, पिछले 5 साल में कंपनी के शेयर ने 48 फीसदी का रिटर्न दिया है.

शेयर का प्रदर्शन?

Divi’s Laboratories का मार्केट कैप 1,73,717 करोड़ रुपये है. 1 जुलाई को दोपहर 4:01 बजे तक कंपनी का शेयर 6,543 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो 0.54 फीसदी की गिरावट के साथ था. पिछले 52 हफ्तों में इस शेयर ने 5,636 रुपये का लो लेवल और 7,078 रुपये का हाई लेवल छुआ है. कंपनी का स्टॉक P/E 66.2, बुक वैल्यू 631 रुपया, ROCE 22.0 फीसदी और ROE 16.5 फीसदी है. वहीं, कंपनी का डिविडेंड यील्ड 0.46 फीसदी और फेस वैल्यू 2 रुपया है.

Laurus Labs

Laurus Labs दवा बनाने के साथ-साथ दुनिया की कई बड़ी फार्मा कंपनियों के लिए भी प्रोडक्ट तैयार करती है. कंपनी API, तैयार दवाइयां और बायोलॉजिक्स जैसे कई कारोबार में मौजूद है. कंपनी की करीब 62 फीसदी आय विदेशों से आती है, जबकि उसके कुल कारोबार में API का बड़ा योगदान है. API और CDMO बिजनेस में लगातार बढ़ती मौजूदगी के चलते Laurus Labs भी उन कंपनियों में शामिल है, जिन पर China+1 रणनीति का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है.

अगर कंपनी के शेयर के प्रदर्शन की बात करें, तो पिछले 6 महीने में इसने 34 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं, 1 साल में शेयर ने 104 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है. अगर 5 साल की बात करें, तो कंपनी के शेयर ने 116 फीसदी का रिटर्न दिया है.

शेयर का प्रदर्शन?

Laurus Labs का मार्केट कैप 80,657 करोड़ रुपये है. 1 जुलाई को दोपहर 3:59 बजे तक कंपनी का शेयर 1,493 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो 1.59 फीसदी की गिरावट के साथ था. पिछले 52 हफ्तों में इस शेयर ने 742 रुपये का लो और 1,532 रुपये का हाई लेवल छुआ है. कंपनी का स्टॉक P/E 90.2, बुक वैल्यू 98.2 रुपये, ROCE 17.8 फीसदी और ROE 18.3 फीसदी है. वहीं, कंपनी का डिविडेंड यील्ड 0.13 फीसदी और फेस वैल्यू 2 रुपया है.

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