2 महीने में 50% भागा यह पावर स्टॉक, 3 साल में 480% का रिटर्न; शेयर पर रखें नजर
GE Power India के शेयर ने पिछले दो महीनों में करीब 50 फीसदी की शानदार तेजी दर्ज की है. शेयर लगभग 604 रुपये से बढ़कर 910 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, हाई-मार्जिन सर्विस बिजनेस पर फोकस, बेहतर बैलेंस शीट और एसेट-लाइट पॉलिसी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है.

Power Stock: पावर सेक्टर की कंपनी GE Power India के शेयरों ने पिछले दो महीनों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. कंपनी का शेयर करीब 50 फीसदी उछलकर लगभग 604 रुपये से बढ़कर 910 रुपये के लेवल पर पहुंच गया. मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, हाई-मार्जिन सर्विस बिजनेस पर बढ़ता फोकस और बैलेंस शीट में सुधार ने इस तेजी को बढ़ावा दिया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस शेयर की रैली आगे भी जारी रह सकती है.
2 महीने में 50% की जोरदार तेजी
GE Power India का शेयर हाल के महीनों में पावर सेक्टर के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा है. करीब दो महीने पहले 30 अप्रैल को जहां इसके शेयर लगभग 604 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था, वहीं 1 जूलाई को यह 923 रुपये के करीब पहुंच चुका है. यानी इस अवधि में निवेशकों को लगभग 50.66% का रिटर्न मिला है.
कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब 6129 करोड़ रुपये है. शेयर करीब 24 के P/E पर ट्रेड कर रहा है, जबकि इंडस्ट्री का औसत P/E करीब 26 है. वहीं इसका ROE 59.99 फीसदी है.
क्यों आई शेयर में इतनी तेजी?
जानकारों के मुताबिक, कंपनी की कारोबारी स्थिति में आए बड़े बदलाव ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. कई वर्षों तक कमजोर प्रदर्शन के बाद कंपनी फिर से मुनाफे में लौट आई है. इसके अलावा कंपनी ने कम मार्जिन वाले EPC प्रोजेक्ट्स की बजाय हाई-मार्जिन सर्विस और प्लांट अपग्रेडेशन बिजनेस पर फोकस बढ़ाया है, जिससे मुनाफा बेहतर हुआ है.
FY26 में दिखा बड़ा बदलाव
FY26 कंपनी के लिए टर्नअराउंड का साल साबित हुआ. कंपनी की इनकम बढ़कर 1,269 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में करीब 21 फीसदी अधिक है. वहीं कंपनी ने घाटे से निकलकर 253 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. हालांकि इस लाभ में कुछ वन-टाइम सेटलमेंट का भी योगदान रहा, लेकिन कंपनी का EBITDA मार्जिन भी मजबूत होकर करीब 11 फीसदी पहुंच गया.
हाई-मार्जिन सर्विस बिजनेस बना सबसे बड़ी ताकत
कंपनी अब बड़े EPC प्रोजेक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय सर्विस और मेंटेनेंस बिजनेस को प्राथमिकता दे रही है. FY26 में कंपनी के सर्विस ऑर्डर में 32 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि सर्विस ऑर्डर बुक में करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.
मैनेजमेंट का अनुमान है कि भारत में थर्मल पावर सर्विसेज का बाजार करीब 4,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें कंपनी की हिस्सेदारी अभी केवल 18 फीसदी है. इससे भविष्य में विस्तार की अच्छी संभावनाएं दिखाई देती हैं.
एसेट-लाइट मॉडल से मिलेगा फायदा
कंपनी अपने दुर्गापुर प्लांट के डिमर्जर के जरिए एसेट-लाइट मॉडल अपनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है. इससे कैपिटल एक्सपेंडिचर कम होगा और कंपनी का फोकस सर्विस और टेक्नोलॉजी बिजनेस पर बढ़ेगा. साथ ही लंबे समय के मैन्युफैक्चरिंग एग्रीमेंट के जरिए ग्राहकों को सर्विस देने में भी कोई दिक्कत नहीं आएगी.
यह भी पढ़ें- 3 महीने से इस शेयर में नहीं थम रही तेजी! अब मिला इंटरनेशनल ऑर्डर, रेखा झुनझुनवाला ने भी लगाया पैसा
मजबूत हुई बैलेंस शीट
GE Power India ने BHEL और Jaiprakash Power से जुड़े पुराने विवादों का बड़ा हिस्सा सुलझा लिया है. इससे कंपनी की स्थिति मजबूत हुई है और बाहरी कर्ज पर निर्भरता कम हुई है. मजबूत वित्तीय स्थिति को देखते हुए बोर्ड ने करीब एक दशक में सबसे अधिक 7 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड भी प्रस्तावित किया है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.