गोल्ड पर सख्ती के बावजूद इन कंपनियों के स्टॉक में बंपर तेजी, 11% तक बढ़े शेयर; साउथ इंडिया से है नाता
गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने और सोने की कीमतों में तेज उछाल के बाद Muthoot Finance, Manappuram Finance और IIFL Finance के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. बुधवार को कुछ कंपनियों के शेयर 11 फीसदी तक चढ़ गए. विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्ड की बढ़ती कीमतों से गोल्ड लोन कंपनियों को बड़ा फायदा हो सकता है, क्योंकि गिरवी रखे गए गोल्ड की वैल्यू बढ़ जाती है.

Gold Finance Stocks: केंद्र सरकार द्वारा गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने और गैर-जरूरी खरीदारी कम करने की अपील के बावजूद गोल्ड फाइनेंस कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली है. बुधवार को Muthoot Finance, Manappuram Finance और IIFL Finance के शेयरों में 11 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई. इन कंपनियों का बड़ा कारोबार साउथ इंडिया से जुड़ा हुआ है, जहां गोल्ड लोन का बाजार काफी मजबूत माना जाता है. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि गोल्ड की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी इन कंपनियों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है. सरकार ने हाल ही में गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है, जिसके बाद घरेलू बाजार में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई हैं.
गोल्ड की कीमत बढ़ते ही क्यों दौड़े शेयर?
सरकार के फैसले के बाद एमसीएक्स पर जून एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स 7 फीसदी से ज्यादा उछलकर करीब 1,64,497 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया. अगस्त और अक्टूबर एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में भी 6 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली. विशेषज्ञों के अनुसार, गोल्ड फाइनेंस कंपनियां ग्राहकों को सोने के बदले लोन देती हैं. ऐसे में जब गोल्ड की कीमत बढ़ती है, तो गिरवी रखे गए गहनों की वैल्यू भी बढ़ जाती है. इससे ग्राहक बिना अतिरिक्त गोल्ड गिरवी रखे ज्यादा लोन लेने में सक्षम हो जाते हैं. यही वजह है कि गोल्ड की कीमतों में तेजी इन कंपनियों के बिजनेस के लिए पॉजिटिव मानी जा रही है.
IIFL Finance में सबसे ज्यादा तेजी
बुधवार को दिन के कारोबार में IIFL Finance के शेयर करीब 11 फीसदी तक चढ़ गए और फरवरी के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए. इस दौरान कंपनी का शेयर लगभग 493 रुपये के स्तर तक पहुंचा. हालांकि, बाद में यह 4 फीसदी की बढ़त के साथ 463.60 रुपये पर बंद हुआ.
हाल ही में मुंबई आयकर विभाग की ओर से कंपनी को करीब 476 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस भी मिला था. इसके बावजूद कंपनी ने कहा है कि उसके पास अपनी स्थिति को साबित करने के लिए पर्याप्त कानूनी और तथ्यात्मक आधार मौजूद हैं और इससे उसके कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है.
Muthoot Finance और Manappuram Finance का क्या है हाल
Muthoot Finance और Manappuram Finance भारत की सबसे बड़ी गोल्ड लोन कंपनियों में शामिल हैं. इन दोनों कंपनियों की मजबूत मौजूदगी खासकर केरल और साउथ इंडिया के दूसरे राज्यों में है. विशेषज्ञों का कहना है कि गोल्ड की बढ़ती कीमतों से इन कंपनियों के पास रखे गोल्ड कोलेटरल की वैल्यू बढ़ेगी. इससे लोन वितरण और डिमांड दोनों में तेजी आ सकती है. बुधवार को Muthoot Finance के शेयर 4.56 फीसदी और Manappuram Finance के शेयर 5.56 फीसदी तक चढ़ गए.
सरकार ने क्यों बढ़ाई गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी
केंद्र सरकार ने गोल्ड और अन्य कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है. सरकार का मकसद विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना और बढ़ते आयात बिल को नियंत्रित करना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में लोगों से गैर-जरूरी गोल्ड खरीदारी कम करने की अपील की थी.
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड उपभोक्ता देश है. ऐसे में सरकार का मानना है कि गोल्ड इंपोर्ट कम होने से रुपये को मजबूती मिल सकती है और ट्रेड डेफिसिट पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है. हालांकि, गोल्ड की बढ़ती कीमतों का असर आम ग्राहकों पर जरूर पड़ सकता है, लेकिन फिलहाल गोल्ड फाइनेंस कंपनियों के लिए यह तेजी फायदे का संकेत मानी जा रही है.
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