₹1.86 लाख करोड़ की योजना से खुलेगा बड़ा मौका! ट्रांसमिशन सेक्टर के ये 2 स्टॉक्स चर्चा में, दिया 338% तक रिटर्न; रखें नजर

ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III के तहत 1.86 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे. 135 GW रिन्यूएबल एनर्जी की निकासी के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क बढ़ेगा. जानें KEC International और Power Grid को कैसे फायदा मिल सकता है.

इन शेयरों पर रखें नजर Image Credit: फाइल फोटो

भारत में सोलर और विंड एनर्जी का विस्तार तेजी से हो रहा है. लेकिन रिन्यूएबल एनर्जी की कहानी सिर्फ सोलर पैनल और विंड टर्बाइन लगाने तक सीमित नहीं है. बिजली बनने के बाद उसे उन जगहों तक पहुंचाना भी जरूरी है, जहां उसकी जरूरत है. इसके लिए ट्रांसमिशन लाइन, सब-स्टेशन और ग्रिड क्षमता बढ़ाना जरूरी है.

इसी जरूरत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III को मंजूरी दी है. इस योजना का कुल प्रोजेक्ट आउटले 1.86 लाख करोड़ रुपये है. इसमें से 1.36 लाख करोड़ रुपये इन्ट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए रखे गए हैं. योजना का लक्ष्य FY33 तक 135 GW रिन्यूएबल एनर्जी की निकासी को आसान बनाना है. ट्रांसमिशन नेटवर्क के इस बड़े विस्तार से पावर ट्रांसमिशन और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के लिए लंबे समय का काम पैदा हो सकता है. इस सेक्टर में काम करने वाली दो कंपनियों पर नजर डालते हैं.

KEC International लिमिटेड

KEC International, RPG Group की कंपनी है और ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन यानी T&D कंपनी का प्रमुख कारोबार है. कंपनी ग्लोबल टर्नकी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन यानी EPC कारोबार में है. इसके काम में ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन, सब-स्टेशन और अंडरग्राउंड केबलिंग शामिल हैं.

T&D ऑर्डर बुक ₹25,000 करोड़ से ज्यादा

Q1FY27 में KEC International के T&D कारोबार का रेवेन्यू सालाना आधार पर 2% बढ़कर 3,217 करोड़ रुपये रहा. यह कंपनी की कुल बिक्री का 64% था. कंपनी का T&D ऑर्डर बुक और L1 पोजीशन मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. कंपनी के कुल 37,697 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक में T&D की हिस्सेदारी 62% है. Q1FY27 में कंपनी ने भारत, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और अमेरिका में 3,600 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल किए. कंपनी को पश्चिमी भारत में एक निजी डेवलपर से डेटा सेंटर के लिए पावर इवैक्युएशन से जुड़ा पहला ट्रांसमिशन लाइन ऑर्डर भी मिला है. कंपनी हाइपरस्केलर्स और निजी डेवलपर्स के साथ इसी तरह के पावर सप्लाई के मौकों पर भी काम कर रही है.

मुनाफे में 42% की गिरावट

हालांकि कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं. Q1FY27 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 5,024 करोड़ रुपये रहा. इसमें 219 करोड़ रुपये के इंटरनल ट्रांजैक्शन शामिल नहीं हैं. EBITDA 17% गिरकर 291 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 120 बेसिस प्वाइंट घटकर 5.8% हो गया. इसके चलते नेट प्रॉफिट 42% घटकर 73 करोड़ रुपये रह गया. मैनेजमेंट ने FY27 तक 1,200 करोड़ रुपये कर्ज घटाने का लक्ष्य रखा है. इसके बाद 31 मार्च 2027 तक नेट डेट को 5,500 करोड़ रुपये तक लाने का लक्ष्य है. कंपनी नेट वर्किंग कैपिटल को Q1FY27 के 134 दिन से घटाकर सितंबर 2026 तक 120 दिन और मार्च 2027 तक 110 दिन करना चाहती है.

कंपनी के शेयर का हाल ?

1 अक्टूबर 2026 को बाजार बंद होने के बाद KEC International का शेयर 372 रुपये पर रहा और इसमें 1.30% की गिरावट दर्ज की गई. कंपनी का मार्केट कैप 9,912 करोड़ रुपये, स्टॉक P/E 16.5, बुक वैल्यू 231 रुपये, डिविडेंड यील्ड 1.48%, ROCE 16.5%, ROE 11.4% और फेस वैल्यू 2 रुपये है. वहीं, शेयर का 52-वीक हाई 894 रुपये और लो 368 रुपये है. कंपनी का शेयर लगातार दबाव पर कारोबार कर रहा है. हालांकि शेयर ने अपने आलटाइम में कंपनी के शेयर ने 338 फीसदी का रिटर्न दिया है.

Power Grid Corporation of India

Power Grid Corporation of India देश की सबसे बड़ी पावर ट्रांसमिशन यूटिलिटी है. कंपनी का ट्रांसमिशन कारोबार उसके रेवेन्यू और ऑपरेशनल नेटवर्क का मुख्य हिस्सा है. इसका नेटवर्क इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के साथ-साथ इन्ट्रा-स्टेट नेटवर्क में भी फैल रहा है. जून 2026 तक कंपनी के ग्रॉस फिक्स्ड एसेट्स 3.25 लाख करोड़ रुपये थे और उसके ट्रांसमिशन नेटवर्क की लंबाई 1,86,595 सर्किट किलोमीटर (ckm) थी.

₹7,765 करोड़ का कैपेक्स, FY27 में ₹30,000 करोड़ कैपिटलाइजेशन का लक्ष्य

Q1FY27 में Power Grid ने प्रोजेक्ट कमीशनिंग और कैपिटल डिप्लॉयमेंट की रफ्तार बढ़ाई. कंपनी ने इस दौरान 1,635 ckm ट्रांसमिशन लाइन और 10,500 MVA ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता को कमीशन किया. Q1FY27 में कंपनी का कैपेक्स 7,765 करोड़ रुपये रहा. FY27 के लिए मैनेजमेंट ने 37,000 करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर का लक्ष्य रखा है.

कंपनी ने Q1FY27 में 5,277 करोड़ रुपये का कैपेक्स कैपिटलाइज किया. पूरे FY27 में 30,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स कैपिटलाइजेशन का लक्ष्य रखा गया है. कंपनी के पास इस समय कुल एक्टिव प्रोजेक्ट्स की वैल्यू 1.75 लाख करोड़ रुपये है. इसमें 50,419 करोड़ रुपये का काम कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस यानी निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स में है. Power Grid जैसी ट्रांसमिशन कंपनी के लिए कैपिटलाइजेशन काफी अहम है, क्योंकि ट्रांसमिशन एसेट के निर्माण के दौरान उससे रेवेन्यू नहीं मिलता. एसेट के कैपिटलाइज होने के बाद कंपनी कैपेसिटी चार्ज के जरिए बिलिंग शुरू कर सकती है.

कॉम्पिटिटिव बिडिंग पर बढ़ रहा फोकस

Power Grid के एक्टिव प्रोजेक्ट्स में टैरिफ-बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग यानी TBCB प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी 83% है. इसके अलावा 14% प्रोजेक्ट्स ट्रेडिशनल रेगुलेटेड टैरिफ मैकेनिज्म के तहत हैं, जबकि बाकी 3% हिस्सेदारी स्मार्ट मीटरिंग, डेटा सेंटर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से जुड़े प्रोजेक्ट्स की है.

कंपनी ने शुरुआत से अब तक अवॉर्ड किए गए सभी इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम TBCB प्रोजेक्ट्स में सालाना टैरिफ के आधार पर करीब 47% मार्केट शेयर बनाए रखा है. Power Grid इन TBCB प्रोजेक्ट्स को मुख्य रूप से इंटरनल कैश एक्रुअल्स के जरिए फंड करती है.

कंपनी के शेयर का हाल?

1 अक्टूबर 2026 को बाजार बंद होने के बाद Power Grid Corporation of India का शेयर 255 रुपये पर रहा और इसमें 2.28% की गिरावट दर्ज की गई. कंपनी का मार्केट कैप 2,36,747 करोड़ रुपये, स्टॉक P/E 14.9, बुक वैल्यू 108 रुपये, डिविडेंड यील्ड 3.54%, ROCE 9.10%, ROE 15.3% और फेस वैल्यू 10 रुपये है. वहीं, शेयर का 52-वीक हाई 325 रुपये और लो 250 रुपये है.

कंपनी का शेयर एक साल से दबाव पर कारोबार कर रहा है. हालांकि 5 साल में 76 फीसदी तक का रिटर्न दिया है वहीं अपने आल टॉइम में 277 फीसदी तक का रिटर्न दिया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.