HDFC Vs ICICI बैंक: 10% से नीचे आया मार्केट कैप का अंतर, एक दशक में सबसे कम गैप, जानें वजह
HDFC बैंक और ICICI बैंक के मार्केट कैप का अंतर एक दशक से ज्यादा समय में सबसे कम रह गया है. 13 अगस्त को HDFC बैंक का मार्केट कैप करीब 11.2 लाख करोड़ रुपये और ICICI बैंक का 10.2 लाख करोड़ रुपये रहा. दोनों के बीच अंतर 10 फीसदी से भी कम है.

HDFC बैंक और ICICI बैंक के बीच मार्केट कैप का अंतर लगातार कम हो रहा है. 13 अगस्त को HDFC बैंक का मार्केट कैप करीब 11.2 लाख करोड़ रुपये रहा. वहीं ICICI बैंक का मार्केट कैप करीब 10.2 लाख करोड़ रुपये रहा. दोनों बैंकों के मार्केट कैप में अंतर अब 10 फीसदी से भी कम रह गया है. यह अंतर एक दशक से ज्यादा समय में सबसे कम है. HDFC बैंक के शेयर में कमजोरी और ICICI बैंक के बेहतर प्रदर्शन से यह बदलाव आया है. पिछले कुछ महीनों में ICICI बैंक के शेयर ने HDFC बैंक को काफी पीछे छोड़ा है.
मार्केट कैप में कितना अंतर
12 अगस्त को HDFC बैंक का मार्केट कैप 11.14 लाख करोड़ रुपये और ICICI बैंक का 10.21 लाख करोड़ रुपये था. 13 अगस्त को HDFC बैंक का मार्केट कैप करीब 11.2 लाख करोड़ रुपये रहा. वहीं ICICI बैंक का मार्केट कैप करीब 10.2 लाख करोड़ रुपये रहा. इस तरह दोनों बैंकों के बीच अंतर 10 फीसदी से थोड़ा कम रह गया. करीब एक दशक में पहली बार दोनों बैंकों की बाजार वैल्यू इतनी करीब आई है.
HDFC बैंक के शेयर में लगातार दबाव
HDFC बैंक के शेयर में मार्च से लगातार दबाव देखने को मिला है. 17 मार्च को बैंक के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 19 मार्च को बैंक का शेयर 5 फीसदी से ज्यादा गिर गया था. 19 मार्च से अब तक HDFC बैंक का शेयर करीब 9 फीसदी नीचे आया है. 1 जनवरी को शेयर 991 रुपये पर था जो अब 727.30 रुपये के आसपास है. यानी साल की शुरुआत से शेयर करीब 26.7 फीसदी गिर चुका है.
ICICI बैंक के शेयर ने दिया बेहतर रिटर्न
HDFC बैंक में कमजोरी के बीच ICICI बैंक के शेयर ने बेहतर प्रदर्शन किया है. 19 मार्च से अब तक ICICI बैंक का शेयर करीब 12.8 फीसदी चढ़ चुका है. इसी अवधि में Nifty बैंक इंडेक्स में करीब 7.8 फीसदी की बढ़त हुई है. ICICI बैंक के बेहतर प्रदर्शन की वजह मजबूत कारोबार और अच्छी एसेट क्वालिटी को माना जा रहा है. एक्सपर्ट के मुताबिक बैंक की मजबूत कमाई और बेहतर रिटर्न ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है.
एक दशक में बदली दोनों बैंकों की तस्वीर
करीब एक दशक पहले HDFC बैंक का मार्केट कैप करीब 3.07 लाख करोड़ रुपये था. वहीं ICICI बैंक का मार्केट कैप करीब 1.48 लाख करोड़ रुपये था. उस समय HDFC बैंक की बाजार वैल्यू ICICI बैंक से करीब 107 फीसदी ज्यादा थी. 2025 के अंत में HDFC बैंक का मार्केट कैप 15.24 लाख करोड़ रुपये और ICICI बैंक का 9.60 लाख करोड़ रुपये था. उस समय दोनों के बीच अंतर करीब 58 फीसदी था.
ICICI बैंक की कमाई और मार्जिन मजबूत
जानकारों के मुताबिक, ICICI बैंक का मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन उसके शेयर के बेहतर प्रदर्शन की बड़ी वजह है. बैंक ने लगातार मजबूत बैलेंस शीट ग्रोथ और अच्छी एसेट क्वालिटी बनाए रखी है. ICICI बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM लगातार 4 फीसदी से थोड़ा ऊपर रहा है. दूसरी ओर HDFC बैंक का मार्जिन वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही से लगातार 4 फीसदी से नीचे रहा है. HDFC बैंक में HDFC Limited के विलय के बाद कम रिटर्न वाले होम लोन का हिस्सा बढ़ने से मार्जिन पर दबाव आया है.
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FII की बिकवाली से HDFC बैंक पर दबाव
HDFC बैंक में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी भी लगातार कम हुई है. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में FII होल्डिंग घटकर 41.82 फीसदी रह गई. वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में यह 44.05 फीसदी थी. एक साल पहले यानी वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में FII हिस्सेदारी 48.84 फीसदी थी. ICICI बैंक में भी विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी घटी है. हालांकि जानकारों के मुताबिक ICICI बैंक के बेहतर कारोबार ने FII बिकवाली के असर को काफी हद तक कम किया है.
HDFC बैंक का लोन बुक अभी भी काफी बड़ा
मार्केट कैप का अंतर कम होने के बावजूद कारोबार के साइज में HDFC बैंक अभी काफी आगे है. जून 2026 तक HDFC बैंक का लोन बुक करीब 30.61 लाख करोड़ रुपये था. वहीं ICICI बैंक का लोन बुक करीब 16.31 लाख करोड़ रुपये था. यानी लोन बुक के मामले में HDFC बैंक ICICI बैंक से काफी बड़ा है.
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