ये हैं निवेश के 3 idiot आइडिया, आजमा लिया तो कंगाल होने में नहीं लगेगी देर
निवेश में छोटी गलती भी बड़ी आर्थिक परेशानी खड़ी कर सकती है. एक ही सेक्टर में पैसा लगाना, लोन लेकर निवेश करना और दूसरों की देखा-देखी निवेश करना आपके जोखिम को बढ़ा सकता है. जानिए इन तीन गलतियों से क्यों बचना चाहिए.

शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और गोल्ड-सिल्वर में निवेश के जरिए पैसा बढ़ाने का सपना हर व्यक्ति देखता है, लेकिन गलत रणनीति अपनाने पर यही निवेश आपकी मेहनत की कमाई को नुकसान में बदल सकता है. खासकर तब, जब निवेश बिना रिसर्च, जरूरत से ज्यादा जोखिम या दूसरों की देखा-देखी किया जाए. निवेशकों को कुछ ऐसी गलतियों से बचना चाहिए, जो लंबे समय में बड़ा नुकसान करा सकती हैं.
एक ही सेक्टर में पूरा पैसा लगाना
निवेश की सबसे बड़ी गलतियों में से एक है अपना ज्यादातर पैसा किसी एक सेक्टर में लगा देना. उदाहरण के लिए अगर कोई निवेशक सिर्फ बैंकिंग, आईटी, ऑटो या रियल एस्टेट से जुड़ी कंपनियों में पैसा लगाता है तो उस सेक्टर में गिरावट आने पर उसके पूरे पोर्टफोलियो पर असर पड़ सकता है.
अलग-अलग सेक्टर और एसेट क्लास में निवेश करने से जोखिम को फैलाने में मदद मिलती है. हालांकि, डायवर्सिफिकेशन का मतलब बिना सोचे-समझे हर जगह पैसा लगाना नहीं है. निवेशक को अपने लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि के हिसाब से पोर्टफोलियो तैयार करना चाहिए.
बैंक या NBFC से लोन लेकर निवेश
दूसरी बड़ी गलती है कर्ज लेकर शेयर, म्यूचुअल फंड या दूसरे बाजार आधारित विकल्पों में निवेश करना. इसमें निवेशक को एक तरफ अपने निवेश में नुकसान का जोखिम रहता है, वहीं दूसरी तरफ लोन की EMI और ब्याज चुकाने की जिम्मेदारी भी बनी रहती है.
मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 12 फीसदी ब्याज पर लोन लेकर शेयर बाजार में निवेश किया. अगर निवेश से मिलने वाला रिटर्न उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा या बाजार गिर गया, तो नुकसान के बावजूद उसे लोन का ब्याज देना ही पड़ेगा. इसलिए आम निवेशकों के लिए उधार लेकर बाजार में पैसा लगाना काफी जोखिम भरा हो सकता है.
दूसरों की देखा-देखी निवेश करना
तीसरी गलती है किसी दोस्त, रिश्तेदार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या किसी दूसरे व्यक्ति को देखकर उसी निवेश को बिना समझे अपना लेना. किसी शेयर या फंड ने दूसरे निवेशक को अच्छा रिटर्न दिया है, इसका मतलब यह नहीं कि भविष्य में आपको भी वही रिटर्न मिलेगा.
निवेश से पहले कंपनी, फंड, जोखिम, वैल्यूएशन और अपने वित्तीय लक्ष्य को समझना जरूरी है. सिर्फ इसलिए निवेश करना कि बाकी लोग पैसा कमा रहे हैं, आपको नुकसान में डाल सकता है.
निवेश में जल्दबाजी से बचें
निवेश का उद्देश्य सिर्फ जल्दी पैसा कमाना नहीं, बल्कि लंबी अवधि में वित्तीय लक्ष्य हासिल करना होना चाहिए. इसलिए पोर्टफोलियो में विविधता रखें, कर्ज लेकर निवेश करने से बचें और दूसरों की नकल करने के बजाय अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के आधार पर फैसला लें.