EPF या NPS, रिटायरमेंट के लिए कौन बेहतर? 20000 रुपये के निवेश पर समझें 30 साल का हिसाब
EPF vs NPS में कौन बेहतर है? 30 साल की उम्र में हर महीने 20,000 रुपये का निवेश शुरू करने और हर साल कॉन्ट्रिब्यूशन में 5% की बढ़ोतरी करने पर 60 साल की उम्र तक कितना कॉर्पस बन सकता है. अनुमान के मुताबिक EPF में करीब 8.88 करोड़ रुपये और NPS में करीब 10.60 करोड़ रुपये का कॉर्पस तैयार हो सकता है.
Highlights
- 20,000 रुपये के शुरुआती मासिक कॉन्ट्रिब्यूशन से EPF में करीब 8.88 करोड़ रुपये का अनुमानित कॉर्पस बन सकता है.
- उसी निवेश पर NPS में करीब 10.60 करोड़ रुपये का कॉर्पस बन सकता है, जो EPF से करीब 1.72 करोड़ रुपये ज्यादा है.
- NPS में 60% लंपसम निकासी और 40% एन्युइटी के आधार पर करीब 6.36 करोड़ रुपये लंपसम और अनुमानित 2.38 लाख रुपये मंथली पेंशन मिल सकती है.
EPF vs NPS: रिटायरमेंट के लिए EPF और NPS दो लोकप्रिय सेविंग्स ऑप्शंस हैं. अगर 30 साल की उम्र में हर महीने 20,000 रुपये का निवेश शुरू किया जाए, हर साल कॉन्ट्रिब्यूशन में 5% की बढ़ोतरी की जाए और 60 साल की उम्र तक निवेश जारी रखा जाए, तो रिटायरमेंट के समय बड़ा कॉर्पस तैयार हो सकता है. दिए गए कैलकुलेशन में EPF और NPS के लिए अलग-अलग रिटर्न असम्प्शंस लिए गए हैं. इसी आधार पर 20,000 रुपये के शुरुआती मासिक कॉन्ट्रिब्यूशन पर NPS का अनुमानित कॉर्पस EPF से ज्यादा बनता है.
EPF में करीब 8.88 करोड़ रुपये का कॉर्पस
EPF कैलकुलेशन के लिए 30 साल की मौजूदा उम्र और 60 साल की रिटायरमेंट उम्र मानी गई है. शुरुआती कर्मचारी कॉन्ट्रिब्यूशन 20,000 रुपये प्रति महीने रखा गया है और हर साल इसमें 5% की बढ़ोतरी मानी गई है. EPF की ब्याज दर 8.25% और निवेश अवधि 30 साल रखी गई है. शुरुआती EPF बैलेंस शून्य माना गया है. 20,000 रुपये के शुरुआती मासिक कॉन्ट्रिब्यूशन पर अनुमानित EPF कॉर्पस करीब 8.88 करोड़ रुपये होगा.
इस कैलकुलेशन में एम्प्लॉयर के EPF कॉन्ट्रिब्यूशन को भी शामिल किया गया है, जो बेसिक पे के 3.67% के बराबर माना गया है. हालांकि, EPF की ब्याज दर 30 साल तक 8.25% बनी रहे, यह जरूरी नहीं है. EPF की ब्याज दर समय के साथ बदल सकती है, इसलिए वास्तविक कॉर्पस अलग हो सकता है.
NPS में करीब 10.60 करोड़ रुपये का कॉर्पस
NPS कैलकुलेशन में भी निवेशक की उम्र 30 साल और रिटायरमेंट उम्र 60 साल मानी गई है. शुरुआती मासिक कॉन्ट्रिब्यूशन 20,000 रुपये है और हर साल इसमें 5% की बढ़ोतरी मानी गई है. निवेशक को नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर का माना गया है. Investment Choice के तौर पर Active Choice में 75% इक्विटी और 25% गवर्नमेंट बॉन्ड्स का विकल्प लिया गया है.
इसमें 12.7% का अनुमानित सालाना रिटर्न माना गया है. 20,000 रुपये के शुरुआती कॉन्ट्रिब्यूशन पर अनुमानित NPS कॉर्पस करीब 10.60 करोड़ रुपये हो सकता है. इस तरह दिए गए अनुमान के आधार पर NPS का कॉर्पस EPF के 8.88 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 1.72 करोड़ रुपये ज्यादा हो सकता है.
NPS में लंपसम और पेंशन कितनी
अगर रिटायरमेंट के समय 10.60 करोड़ रुपये के अनुमानित NPS कॉर्पस का 60% लंपसम के तौर पर निकाला जाए, तो करीब 6.36 करोड़ रुपये मिल सकते हैं. बाकी 40%, यानी करीब 4.24 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एन्युइटी खरीदने के लिए किया जा सकता है. अगर एन्युइटी पर सालाना 6.75% का अनुमानित रिटर्न माना जाए, तो अनुमानित मंथली पेंशन करीब 2.38 लाख रुपये हो सकती है.
EPF और NPS में क्या अंतर है
EPF में कर्मचारी और एम्प्लॉयर दोनों कॉन्ट्रिब्यूट करते हैं और संबंधित फाइनेंशियल ईयर के लिए घोषित ब्याज दर के आधार पर ब्याज मिलता है. वहीं, NPS में पेंशन फंड्स के जरिए इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड्स और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज जैसी अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश किया जाता है. NPS में Active Choice और Auto Choice जैसी स्ट्रैटेजीज उपलब्ध हैं और रिटर्न मार्केट परफॉर्मेंस से जुड़े होते हैं.
यह ध्यान रखना जरूरी है कि 8.88 करोड़ रुपये का EPF कॉर्पस और 10.60 करोड़ रुपये का NPS कॉर्पस गारंटीड नतीजे नहीं हैं. EPF कैलकुलेशन में 8.25% ब्याज दर और NPS कैलकुलेशन में 12.7% रिटर्न को 30 साल तक स्थिर माना गया है. वास्तविक रिटर्न, कॉन्ट्रिब्यूशन में बदलाव और भविष्य की ब्याज दरें अंतिम कॉर्पस को प्रभावित कर सकती हैं. इसके अलावा, रिटायरमेंट के समय लागू NPS विड्रॉल और एन्युइटी नियम भी अंतिम रकम को प्रभावित करेंगे.
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