क्या इस दिवाली भी बदलेगा ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ का समय? स्टॉक ब्रोकर्स ने की दोपहर में स्लॉट की मांग
Muhurat Trading Time: ब्रोकर्स ने बताया है कि इस साल दिवाली 8 नवंबर को है, और इस दिन शुभ मुहूर्त का समय दोपहर 1:47 बजे से 3:12 बजे के बीच है. उन्होंने दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच ट्रेडिंग सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है.

Muhurat Trading Time: स्टॉक ब्रोकर्स और बाजार के अन्य प्रतिभागियों ने एक बार फिर स्टॉक एक्सचेंजों से अनुरोध किया है कि वे पिछले साल की तरह ही इस बार भी ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ का आयोजन दिन के समय करें. ब्रोकर्स ने ‘ब्रोकर्स इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स फोरम’ (BISF) के माध्यम से एक्सचेंजों को एक प्रस्ताव सौंपा है.
ब्रोकर्स ने बताया है कि इस साल दिवाली 8 नवंबर को है, और इस दिन शुभ मुहूर्त का समय दोपहर 1:47 बजे से 3:12 बजे के बीच है. उन्होंने दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच ट्रेडिंग सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है.
क्या है शुरुआती योजना?
मनीकंट्रोल ने सूत्रों के हवाले से बताया कि एक्सचेंज इस अनुरोध पर विचार कर रहे हैं. शुरुआती योजना के तहत, मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर 2:20 बजे से 3:20 बजे के बीच हो सकती है. इससे पहले दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक ‘ब्लॉक डील विंडो’ होगी, और उसके बाद 2:05 बजे से 2:20 बजे तक ‘प्री-ओपन सत्र’ होगा. हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक सर्कुलर जारी नहीं किया गया है.
आमतौर पर ट्रेडिंग शेड्यूल और छुट्टियों को अंतिम रूप देने से पहले एक्सचेंज आपस में परामर्श करते हैं. इन चर्चाओं के पूरा होने के बाद ही मुहूर्त ट्रेडिंग के अंतिम शेड्यूल की घोषणा होने की उम्मीद है.
पिछले साल बदला था समय
पिछले साल, मुहूर्त ट्रेडिंग को शाम के पारंपरिक समय से हटाकर दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे के बीच आयोजित किया गया था.
एक्सचेंजों से आग्रह
‘एसोसिएशन ऑफ NSE मेंबर्स ऑफ इंडिया’ (ANMI) ने भी अलग से एक्सचेंजों से आग्रह किया है कि वे दोपहर में मुहूर्त ट्रेडिंग कराने के प्रस्ताव पर विचार करें. उन्होंने इसके पीछे ‘परंपरा, समावेशिता और काम व निजी जीवन के बीच संतुलन’ का तर्क दिया है.
ANMI के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश श्रॉफ ने कहा, ‘इससे हमारी बाजार की महत्वपूर्ण परंपरा भी बनी रहेगी और ब्रोकर, कर्मचारी तथा उनके परिवार देर शाम तक चलने वाले ट्रेडिंग सत्र के दबाव के बिना एक साथ दिवाली मना सकेंगे.’
ब्रोकर्स का क्या है तर्क?
ब्रोकर्स का तर्क है कि दोपहर के सत्र से ब्रोकरेज फर्मों, स्टॉक एक्सचेंजों, क्लियरिंग कॉरपोरेशन, डिपॉजिटरी, कस्टोडियन, बैंकों और बाजार के अन्य मध्यस्थों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को अपना काम समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी.
इससे वे शाम के शुभ समय में अपने परिवारों के साथ दिवाली मना सकेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य नियामक मानकों में कोई ढील पाना नहीं है, बल्कि बाजार के कामकाज को सुचारू रूप से बनाए रखते हुए, बाजार से जुड़े पेशेवरों को अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने का मौका देना है.
क्या है मुहूर्त ट्रेडिंग?
भारतीय शेयर बाजार में ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ एक पुरानी परंपरा है, जो हर साल दिवाली के दिन आयोजित की जाती है. हिंदू परंपरा में देवी लक्ष्मी की पूजा से जुड़ी धन-समृद्धि को आमंत्रित करने के प्रतीक के रूप में, निवेशक इस विशेष सत्र में हिस्सा लेते हैं. यह सत्र विक्रम संवत कैलेंडर के अनुसार नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है.
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने 1957 में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा शुरू की थी. तब से यह विशेष ट्रेडिंग सत्र पारंपरिक रूप से शाम के समय आयोजित किया जाता रहा है. हालांकि पिछले साल इसका समय बदलकर दोपहर में कर दिया गया था.