ITC के Q1 नतीजों से पहले बड़ा सवाल, सिगरेट पर टैक्स बढ़ोतरी से कितना घटेगा मुनाफा? इन 5 बातों पर रहेगी नजर

ITC 31 जुलाई को अपने Q1FY27 नतीजे जारी करेगी. ब्रोकरेज हाउस Kotak Institutional Equities और Axis Securities के अनुसार, सिगरेट पर बढ़े टैक्स का असर जून तिमाही के नतीजों में दिखाई दे सकता है. कंपनी के सिगरेट बिजनेस, FMCG कारोबार, एग्री बिजनेस, रेवेन्यू, EBITDA और नेट प्रॉफिट पर बाजार की खास नजर रहेगी.

आईटीसी लिमिटेड Image Credit: ITC

ITC Q1 Results: देश की प्रमुख FMCG और सिगरेट कंपनी ITC 31 जुलाई को Q1FY27 के नतीजे जारी करेगी. इस बार बाजार की नजर सिर्फ कंपनी की कमाई पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी होगी कि सिगरेट पर बढ़े टैक्स और वेस्ट एशिया में जारी तनाव का कंपनी के कारोबार पर कितना असर पड़ा है. यह पहली पूरी तिमाही होगी, जिसमें नए टैक्स ढांचे का पूरा प्रभाव देखने को मिलेगा. ब्रोकरेज हाउस Kotak Institutional Equities और Axis Securities का अनुमान है कि जून तिमाही में ITC का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है. हालांकि, कंपनी का FMCG बिजनेस मजबूती बनाए रख सकता है, जबकि एग्री बिजनेस पर दबाव बने रहने की संभावना है.

इनकम में हो सकती है गिरावट

Axis Securities के अनुसार, जून तिमाही में ITC की कुल आय सालाना आधार पर करीब 10.2 फीसदी घट सकती है. इसकी सबसे बड़ी वजह सिगरेट पर लगभग 45 फीसदी की टैक्स बढ़ोतरी मानी जा रही है. टैक्स बढ़ने के बाद कंपनी ने सिगरेट की कीमतों में बढ़ोतरी की है, लेकिन यह बढ़ोतरी मुनाफे पर पड़ने वाले पूरे दबाव की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही है.

सिगरेट बिजनेस पर सबसे ज्यादा नजर

इस तिमाही में सबसे ज्यादा फोकस ITC के सिगरेट बिजनेस पर रहेगा. Kotak Institutional Equities का अनुमान है कि कंपनी की सिगरेट बिक्री की मात्रा (वॉल्यूम) में सालाना आधार पर करीब 9 फीसदी की गिरावट आ सकती है. ब्रोकरेज के मुताबिक, सिगरेट कारोबार से होने वाली आय में 22 फीसदी की कमी आ सकती है, जबकि EBIT में करीब 32 फीसदी की गिरावट का अनुमान है.

कंपनी ने टैक्स का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने के बजाय चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाई हैं, जिससे मुनाफे पर दबाव बना हुआ है. साथ ही, ऊंची कीमतों के कारण कुछ उपभोक्ताओं के सस्ते या अवैध उत्पादों की ओर रुख करने की भी आशंका जताई जा रही है.

FMCG बिजनेस से मिल सकती है राहत

जहां सिगरेट बिजनेस दबाव में है, वहीं कंपनी का एफएमसीजी बिजनेस बेहतर प्रदर्शन कर सकता है. Kotak Institutional Equities का अनुमान है कि इस कारोबार से होने वाला रेवेन्यू 12 फीसदी तक बढ़ सकता है. खाद्य तेल और पैकेजिंग लागत बढ़ने के बावजूद कंपनी कीमतों में सीमित बढ़ोतरी, लागत नियंत्रण और कम लागत वाले स्टॉक का उपयोग करके EBIT मार्जिन को करीब 8 फीसदी पर बनाए रख सकती है. यही वजह है कि FMCG बिजनेस इस तिमाही में ITC के लिए सबसे बड़ा सहारा बन सकता है.

एग्री बिजनेस पर वेस्ट एशिया संकट का असर

कंपनी के एग्री बिजनेस पर इस तिमाही में सबसे अधिक दबाव रहने की उम्मीद है. वेस्ट एशिया में जारी तनाव के कारण जहाजों की उपलब्धता प्रभावित हुई, जिससे निर्यात कारोबार पर असर पड़ा. ब्रोकरेज का अनुमान है कि इस कारोबार से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 50 फीसदी तक घट सकता है. हालांकि, EBIT मार्जिन करीब 5 फीसदी के आसपास स्थिर रहने की संभावना है.

पेपरबोर्ड्स बिजनेस में सुधार की उम्मीद

ITC के पेपरबोर्ड्स बिजनेस से इस तिमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. अनुमान है कि इस कारोबार का रेवेन्यू करीब 11 फीसदी बढ़ सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि वर्जिन मल्टी-लेयर पेपरबोर्ड के आयात पर हाल ही में लगाए गए एंटी-डंपिंग ड्यूटी का फायदा आने वाली तिमाहियों में कंपनी को मिल सकता है. इससे घरेलू कारोबार को मजबूती मिलने की संभावना है.

कुल कमाई और मुनाफा रह सकता है कमजोर

Kotak Institutional Equities के अनुसार, जून तिमाही में ITC की स्टैंडअलोन रेवेन्यू में करीब 17.5 फीसदी की गिरावट आ सकती है. वहीं, EBITDA में 27.4 फीसदी और स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में लगभग 24 फीसदी की कमी आने का अनुमान है. हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि दूसरी तिमाही से स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है. हालिया कीमतों में बढ़ोतरी और अधिक मार्जिन वाले सिगरेट उत्पादों पर कंपनी का फोकस टैक्स बढ़ोतरी के असर को कुछ हद तक कम कर सकता है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 0.35 फीसदी घटकर 285.45 रुपये पर पहुंच गया है.

यह भी पढ़ें: ब्रांडेड सामान पर बढ़ रहा लोगों का खर्च, बढ़ती कमाई से चमक सकते हैं ये 5 स्टॉक; जानें शेयरों का हाल

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.