52 हफ्ते के लो के करीब ये IT स्टॉक, AI बिजनेस से बदल सकती है किस्मत; रखें नजर

Kellton Tech Solutions का शेयर 52 हफ्ते के लो के करीब कारोबार कर रहा है. करीब 14.30 रुपये के भाव वाला यह माइक्रोकैप IT शेयर अपने 52 हफ्ते के हाई से काफी नीचे है. हालांकि कंपनी का रेवेन्यू बढ़ रहा है और उसने Phoenix.AI और Structi.ai जैसे AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं. कंपनी के पास करीब 9 महीने की ऑर्डर बुक विजिबिलिटी भी है.

Kellton Tech Solutions का शेयर 52 हफ्ते के लो के करीब कारोबार कर रहा है. Image Credit: money9live

IT सेक्टर के स्मॉल और माइक्रोकैप शेयरों पर इस साल दबाव देखने को मिला है. ग्लोबल टेक खर्च में सुस्ती और क्लाइंट प्रोजेक्ट में देरी की चिंता से कई शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहे हैं. इन्हीं में से एक Kellton Tech Solutions है. शेयर करीब 14 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि इसका 52 हफ्ते का हाई 29 रुपये और लो 13 रुपये है. हालांकि, कंपनी का कारोबार लगातार आगे बढ़ रहा है और AI पर उसका फोकस भी मजबूत हुआ है.

52 हफ्ते के लो के करीब

Kellton Tech Solutions का मार्केट कैप करीब 758 करोड़ रुपये है. शेयर का भाव करीब 14.30 रुपये है और यह 13 रुपये के 52 हफ्ते के लो के काफी करीब है. जुलाई 2024 में शेयर ने 36.83 रुपये का ऑल टाइम हाई बनाया था. उस स्तर से शेयर करीब 61 फीसदी नीचे आ चुका है. मौजूदा भाव पर शेयर का PE करीब 8 गुना बताया गया है. यानी वैल्यूएशन के लिहाज से शेयर सस्ता नजर आता है. हालांकि सिर्फ कम PE के आधार पर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा.

AI को बनाया कारोबार का अहम हिस्सा

कंपनी ने हाल में दो AI प्लेटफॉर्म Phoenix.AI और Structi.ai लॉन्च किए हैं. Phoenix.AI का इस्तेमाल पुराने एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर को आधुनिक बनाने के लिए किया जा रहा है. कंपनी के अनुसार इससे पुराने सिस्टम को तेजी से आधुनिक बनाने और लागत घटाने में मदद मिल सकती है. वहीं Structi.ai अलग अलग फॉर्मेट में मौजूद एंटरप्राइज डेटा को AI के लिए तैयार करता है. कंपनी ने Snowflake के साथ Select Tier Partner का दर्जा भी हासिल किया है.

नए ऑर्डर से बिजनेस को मिल सपोर्ट

Kellton Tech ने अब तक 2000 से ज्यादा प्रोजेक्ट और 500 से अधिक क्लाइंट के साथ काम किया है. इनमें 50 से ज्यादा Fortune 500 कंपनियां शामिल हैं. कंपनी के पास करीब 1800 कर्मचारियों की ग्लोबल टीम है. हाल की तिमाही में कंपनी को कई नए एंटरप्राइज प्रोजेक्ट मिले हैं. इनमें एक Fortune India 500 कंपनी के लिए वर्कफ्लो प्लेटफॉर्म और UAE की कंपनी के लिए क्लाउड आधारित एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म शामिल हैं. इससे कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

पहली तिमाही में रेवेन्यू बढ़ा

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 316.3 करोड़ रुपये रहा. यह एक साल पहले के 296.1 करोड़ रुपये से 6.8 फीसदी ज्यादा है. हालांकि पिछली तिमाही के 319.6 करोड़ रुपये के मुकाबले रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा. EBITDA 35 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 11.1 फीसदी रहा. कंपनी का PAT 22.3 करोड़ रुपये रहा. डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कारोबार कंपनी के कुल रेवेन्यू में 83.9 फीसदी हिस्सेदारी रखता है.

करीब 9 महीने की ऑर्डर विजिबिलिटी

कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक उसके पास करीब 9 महीने की ऑर्डर बुक विजिबिलिटी है. हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष के लिए कोई निश्चित ग्रोथ गाइडेंस नहीं दिया है. इसकी वजह क्लाइंट की ओर से प्रोजेक्ट शुरू करने में हो रही देरी बताई गई है. कई ग्राहक कॉन्ट्रैक्ट साइन करने के बाद भी आर्थिक और भू राजनीतिक अनिश्चितता के कारण प्रोजेक्ट शुरू करने में समय ले रहे हैं. ऐसे में ऑर्डर बुक मौजूद होने के बावजूद इसकी वास्तविक ग्रोथ पर नजर रखना जरूरी होगा.

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कैश फ्लो का रिस्क

करीब 8 गुना PE और बुक वैल्यू के आसपास कारोबार करने के कारण शेयर वैल्यूएशन के लिहाज से आकर्षक दिखता है. कंपनी का ROE करीब 13.6 फीसदी और ROCE करीब 15 फीसदी है. हालांकि कैश फ्लो निवेशकों के लिए अहम चिंता है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो निगेटिव रहा था. प्लेटफॉर्म और कैपेक्स पर निवेश बढ़ने से निवेश से जुड़ा खर्च भी बढ़ा है. इसलिए कम वैल्यूएशन के साथ कैश फ्लो में सुधार देखना भी जरूरी होगा.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.