एयरपोर्ट सेक्टर में बंपर निवेश! इंफ्रा बूम से इन 3 शेयरों को मिल सकता है बड़ा बूस्ट, रडार पर रखें स्टॉक्स

लाखों-करोड़ों रुपये का निवेश होने की संभावना है. ऐसे में केवल एयरलाइन कंपनियां ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट निर्माण से जुड़ी कई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को भी इसका फायदा मिल सकता है. आइए जानते हैं ऐसी तीन कंपनियों के बारे में, जो इस थीम से जुड़ी हुई हैं.

एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर Image Credit: money9live

भारत अगले दो दशकों में अपने एयरपोर्ट्स की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा करने की तैयारी में है. देशभर में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, टियर-2 शहरों में नए टर्मिनल, मौजूदा एयरपोर्ट्स का विस्तार और डिफेंस हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण पर तेजी से काम हो रहा है. इन प्रोजेक्ट्स पर लाखों-करोड़ों रुपये का निवेश होने की संभावना है. ऐसे में केवल एयरलाइन कंपनियां ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट निर्माण से जुड़ी कई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को भी इसका फायदा मिल सकता है. आइए जानते हैं ऐसी तीन कंपनियों के बारे में, जो इस थीम से जुड़ी हुई हैं.

KRN Heat Exchanger & Refrigeration

KRN Heat Exchanger & Refrigeration एयरपोर्ट्स को सीधे कोई उत्पाद नहीं बेचती, लेकिन यह एचवीएसी (HVAC) और रेफ्रिजरेशन कंपनियों के लिए हीट एक्सचेंजर और कूलिंग सिस्टम के प्रमुख कंपोनेंट बनाती है.

बड़े एयरपोर्ट टर्मिनलों में एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाने वाली कंपनियां KRN के उत्पादों का इस्तेमाल करती हैं. यानी कंपनी को फायदा एयरपोर्ट टेंडर से नहीं, बल्कि उन ओईएम और ठेकेदारों से मिलता है जो एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में काम करते हैं.

कंपनी अब बस एयर कंडीशनिंग और डेटा सेंटर कूलिंग जैसे नए क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है. जून 2026 में कंपनी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए 1,060 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 350 करोड़ रुपये जुटाए. इस रकम का इस्तेमाल राजस्थान के नीमराना प्लांट में क्षमता विस्तार और सब्सिडियरी कंपनी में निवेश के लिए किया जाएगा.

  • मार्केट कैप: 8,005.57 करोड़ रुपये
  • प्रीवियस क्लोजिंग प्राइस: 1,223 रुपये
  • पीई रेशियो: 104.48

Kaynes Technology

Kaynes Technology इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी है, जो ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, डिफेंस, रेलवे, मेडिकल और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तैयार करती है. एयरपोर्ट के डिजिटलीकरण, बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, बायोमेट्रिक सिस्टम, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम जैसे क्षेत्रों में कंपनी की तकनीकी क्षमता मजबूत मानी जाती है.

  • मार्केट कैप: 22,295.73 करोड़ रुपये
  • प्रीवियस क्लोजिंग प्राइस: 3,326 रुपये
  • पीई रेशियो: 58.18

Polycab India

Polycab India भारत की सबसे बड़ी वायर और केबल निर्माता कंपनी है और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर थीम से इसका सीधा जुड़ाव माना जाता है. नए एयरपोर्ट, रनवे और टर्मिनल बनाने के लिए हाई वोल्टेज और एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज पावर केबल की जरूरत होती है. ऐसे प्रोजेक्ट्स में Polycab की मजबूत मौजूदगी है.

कंपनी का EPC कारोबार बड़े बिजली वितरण प्रोजेक्ट्स को संभालता है, जो एयरपोर्ट निर्माण में भी अहम भूमिका निभाता है. इसके अलावा एयरपोर्ट के रिटेल एरिया, लाउंज और ऑफिस स्पेस में फैन, एलईडी लाइट, स्विच और अन्य एफएमईजी उत्पादों की मांग से भी कंपनी को फायदा मिल सकता है.

  • मार्केट कैप: 1,44,127.62 करोड़ रुपये
  • प्रीवियस क्लोजिंग प्राइस: 9,568 रुपये
  • पीई रेशियो: 53.59

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.