Nasdaq Composite vs Nifty 50: 10 साल में किसने किया निवेशकों को मालामाल? जानें किस इंडेक्स ने दिया ज्यादा रिटर्न
पिछले 10 वर्षों में अमेरिकी Nasdaq Composite ने भारतीय Nifty 50 की तुलना में कहीं बेहतर रिटर्न दिया. Nasdaq ने लगभग 462% की बढ़त के साथ करीब 18.5-19% CAGR दिया, जबकि Nifty 50 ने करीब 220% का रिटर्न और 12-12.5% CAGR दर्ज किया. AI बूम, अमेरिकी टेक कंपनियों की तेज ग्रोथ और डॉलर की मजबूती ने Nasdaq को बढ़त दिलाई.

Nasdaq Composite vs Nifty 50: 10 साल में किसने किया निवेशकों को मालामाल? जानिए किस इंडेक्स ने दिया सबसे ज्यादा रिटर्नअगर आपने 10 साल पहले शेयर मार्केट में निवेश किया होता, तो आज किस इंडेक्स से ज्यादा कमाई होती, भारत के Nifty 50 से या अमेरिका के Nasdaq Composite से? यह सवाल हर लॉन्ग-टर्म निवेशक के लिए जरूरी है. पिछले एक दशक के आंकड़े बताते हैं कि दोनों इंडेक्स ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए, लेकिन कमाई के मामले में एक इंडेक्स ने दूसरे को काफी पीछे छोड़ दिया. जहां Nasdaq Composite ने करीब 462% का रिटर्न दिया, वहीं Nifty 50 लगभग 220% की बढ़त दर्ज कर पाया. यानी अमेरिकी इंडेक्स ने निवेशकों की प्रॉपटी लगभग 5 गुना बढ़ाई, जबकि Nifty 50 ने करीब 3 गुना रिटर्न दिया.
Nasdaq Composite ने कैसे मारी बाजी?
जुलाई 2016 में Nasdaq Composite करीब 4,850 अंक के आसपास कारोबार कर रहा था. जुलाई 2026 तक यह बढ़कर करीब 26,200 अंक पहुंच गया. इस दौरान इंडेक्स ने लगभग 462% की बढ़त दर्ज की.
इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण रहे.
- AI (Artificial Intelligence) सेक्टर में जबरदस्त निवेश
- Apple, Microsoft, Nvidia, Amazon, Meta और Alphabet जैसी दिग्गज कंपनियों की तेज ग्रोथ
- कोविड-19 के बाद टेक सेक्टर में आई तेजी
- वैश्विक निवेशकों का अमेरिकी बाजार की ओर रुझान
हालांकि 2022 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण Nasdaq में करीब 33% की गिरावट भी आई, लेकिन AI बूम ने अगले कुछ वर्षों में इसकी भरपाई कर दी.
Nifty 50 ने भी दिया मजबूत रिटर्न
जुलाई 2016 में Nifty 50 करीब 8,300 अंक पर था. जुलाई 2026 तक यह बढ़कर 24,175.70 अंक पहुंच गया. इस दौरान इंडेक्स ने लगभग 220% का रिटर्न दिया.
भारतीय बाजार की मजबूती के पीछे कई घरेलू कारण रहे.
- मजबूत घरेलू खपत (Domestic Consumption)
- SIP के जरिए शेयर मार्केट में बढ़ता निवेश
- बैंकिंग और आईटी सेक्टर की बेहतर कमाई
- कॉर्पोरेट प्रॉफिट में लगातार वृद्धि
हालांकि इस दौरान नोटबंदी, IL&FS संकट, कोविड महामारी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव जैसे कई बड़े झटके भी बाजार ने झेले.
CAGR में भी Nasdaq रहा आगे
- अगर सालाना औसत रिटर्न (CAGR) की बात करें तो Nasdaq Composite ने करीब 18.5% से 19% का वार्षिक रिटर्न अमेरिकी डॉलर में दिया है.
- वहीं Nifty 50 का CAGR करीब 12% से 12.5% भारतीय रुपये में रहा.
- इस तरह Nasdaq ने CAGR के आधार पर भी Nifty की तुलना में करीब 1.5 गुना बेहतर प्रदर्शन किया.
भारतीय निवेशकों के लिए डॉलर ने बढ़ाया फायदा
- सिर्फ शेयरों की तेजी ही नहीं, बल्कि डॉलर की मजबूती ने भी भारतीय निवेशकों का फायदा बढ़ाया.
- 2016 में 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 67 रुपये थी, जो जुलाई 2026 तक बढ़कर लगभग 95 रुपये हो गई. यानी इस दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 41% कमजोर हुआ.
- ऐसे में जिन भारतीय निवेशकों ने अमेरिकी बाजार या US ETFs में निवेश किया, उन्हें शेयरों की बढ़त के साथ-साथ डॉलर की मजबूती का भी अतिरिक्त फायदा मिला.
आखिर Nasdaq क्यों रहा आगे?
Nasdaq की शानदार बढ़त के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी टेक कंपनियों का दबदबा रहा. पिछले कुछ वर्षों में AI, Cloud Computing, Semiconductor और Digital Technology में भारी निवेश हुआ.
Nvidia जैसी कंपनियों ने रिकॉर्ड कमाई की, जबकि Apple, Microsoft और Meta ने लगातार अपने कारोबार का विस्तार किया. इससे Nasdaq Composite को जबरदस्त सपोर्ट मिला.
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Nifty की सबसे बड़ी ताकत क्या रही?
दूसरी ओर Nifty 50 का प्रदर्शन भारत की मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था पर आधारित रहा.
GST लागू होने, डिजिटल पेमेंट्स के विस्तार, म्यूचुअल फंड SIP में रिकॉर्ड निवेश और बढ़ती घरेलू मांग ने भारतीय कंपनियों की कमाई को मजबूती दी. यही वजह रही कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद Nifty लगातार लंबी अवधि में ऊपर चढ़ता रहा.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.