NSE Share Price: भाव गिरा तो क्या करें? 2050 रुपये टारगेट के लिए निवेशक अपनाएं ये तरीका
NSE शेयर की लिस्टिंग के बाद दूसरे कारोबारी दिन मुनाफावसूली देखने को मिली और शेयर 1792 रुपये पर आ गया. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए थोड़ा-थोड़ा खरीदारी की रणनीति पर विचार करने की जरूरत है. इस बीच PL Capital ने 1,950, Macquarie ने ₹1965 और Emkay ने ₹2050 रुपये का टारगेट दिया है.

NSE Share Price: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के शेयर की लिस्टिंग के बाद दूसरे कारोबारी दिन शुक्रवार, 25 सितंबर को मुनाफावसूली देखने को मिली. शेयर करीब 1.39 फीसदी गिरकर 1793 रुपये पर आ गया. इससे पहले गुरुवार को शेयर ने 1800 रुपये पर लिस्टिंग की थी, जो 1785 रुपये के IPO इश्यू प्राइस से 0.84% प्रीमियम था. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि लंबी अवधि के निवेशक NSE के शेयर में एक साथ पैसा लगाएं या धीरे-धीरे खरीदारी करें. आखिर क्या करें?
NSE शेयर में अभी क्या करना चाहिए?
NSE की लिस्टिंग के बाद शेयर में शुरुआती कारोबार में तेजी और फिर मुनाफावसूली दोनों देखने को मिली है. ऐसे में लंबी अवधि के निवेशक सिर्फ लिस्टिंग के शुरुआती उतार-चढ़ाव को देखकर जल्दबाजी करने के बजाय धीरे-धीरे खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं.
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले निवेशकों के लिए लिस्टिंग के बाद शेयर को कुछ समय स्थिर होने देना और धीरे धीरे खरीदारी यानी Staggered Buying पर विचार करना बेहतर रणनीति हो सकती है. इसका मतलब यह है कि पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय अलग-अलग स्तरों पर धीरे-धीरे निवेश किया जाए. इसका सीधा मतलब है कि निवेशक अपनी पूरी निवेश राशि एक ही भाव पर लगाने के बजाय उसे कई हिस्सों में बांटें. इससे अगर शेयर आगे किसी निचले स्तर पर भी आ सकता है.
ब्रोकरेज को NSE शेयर में आगे तेजी की उम्मीद
लिस्टिंग के बाद NSE शेयर पर ब्रोकरेज हाउस की नजर बनी हुई है. PL Capital ने NSE पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Accumulate’ रेटिंग दी है और 1950 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. ब्रोकरेज ने NSE की बाजार में मजबूत हिस्सेदारी, बेहतर लिक्विडिटी, मजबूत टेक्नोलॉजी और कई तरह की सेवाओं को कंपनी की प्रमुख ताकत बताया है.
Emkay ने ₹2,050 का Target दिया
Emkay Global Financial Services ने NSE पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ 2050 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. यह लक्ष्य सितंबर 2027 के लिए बताया गया है. 1785 रुपये के IPO इश्यू प्राइस के मुकाबले 2050 रुपये का टारगेट करीब 14.85% ज्यादा है. ब्रोकरेज की राय NSE की मजबूत बाजार हिस्सेदारी और आगे कारोबार बढ़ने की संभावनाओं पर आधारित है.
NSE की मजबूत स्थिति पर Macquarie का भरोसा
Macquarie ने NSE को द डोमिनेटर नाम दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक NSE की बाजार में मजबूत हिस्सेदारी है. इसके अलावा कंपनी के पास कई तरह की सेवाएं और मजबूत टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर है. एनएससी के कारोबार में गहरी लिक्विडिटी भी एक अहम ताकत मानी जाती है. इसी वजह से ब्रोकरेज को कंपनी के कारोबार में आगे भी संभावनाएं नजर आ रही हैं.
NSE में धीरे -धीरे खरीदारी क्यों?
NSE अभी हाल ही में शेयर बाजार में लिस्ट हुआ है. ऐसे में शुरुआती दिनों में शेयर में उतार-चढ़ाव रह सकता है. रिपोर्ट में भी लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले निवेशकों के लिए शेयर के लिस्टिंग के बाद स्थिर होने का इंतजार करने और Staggered Approach से खरीदारी करने की बात कही गई है.
इस रणनीति में निवेशक अपनी पूरी रकम एक बार में लगाने के बजाय उसे कई हिस्सों में बांट सकते हैं. उदाहरण के लिए, किसी निवेशक ने NSE में 1 लाख रुपये लगाने का फैसला किया है तो वह पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय अलग-अलग भावों पर कई हिस्सों में निवेश करने की योजना बना सकता है. हालांकि, कितनी रकम और किस भाव पर लगानी है, यह निवेशक के जोखिम और निवेश अवधि पर निर्भर करेगा.
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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.