‘अहो गुरुदेव’ समारोह में पहुंचे नारायण मूर्ति, बोले- मूल्यों और करुणा से शुरू होती है ‘सच्ची तरक्की’

मुंबई में आयोजित 'अहो गुरुदेव' समारोह में इंफोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी की 60वीं जयंती पर कहा कि सच्ची तरक्की मूल्यों से शुरू होती है और अध्यात्म का असली माप उपदेशों में नहीं, बल्कि सेवा और करुणा में है.

एन आर नारायण मूर्ति Image Credit: SRMD/Linkedin

Highlights

  • अहो गुरुदेव समारोह में पहुंचे नारायण मूर्ति.
  • 60 स्पिरिचुअल और सेवा प्रोजेक्ट्स लॉन्च.
  • मूल्यों से शुरू होती सच्ची तरक्की.

इंफोसिस के फाउंडर Shri N. R. Narayana Murthy, मुंबई में पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी का जन्मदिन मनाते हुए अहो गुरुदेव (Aho Gurudev) में हजारों लोगों के साथ शामिल हुए. एन आर नारायण मूर्ति ने 60 स्पिरिचुअल प्रोजेक्ट्स के बारे में बताया और उन्हें ऐसे काम बताया जो भगवान और संतों में हमारे विश्वास को पक्का करता है. यह याद दिलाता है कि सच्ची तरक्की मूल्यों से शुरू होती है.

इंस्टाग्राम पर शेयर हुआ पोस्ट

श्रीमद् राजचंद्र मिशन धरमपुर यानी SRMD के ऑफिशियल Instagram अकाउंट से पोस्ट शेयर किया गया जिसमें लिखा है कि पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी की 60वीं जयंती पर, श्री नारायण मूर्ति ने 60 स्पिरिचुअल और सेवा प्रोजेक्ट्स के लॉन्च पर अपने विचार और इस खास मौके पर अपनी दिल से शुभकामनाएं दी हैं. श्री नारायण मूर्ति इंफोसिस के फाउंडर और एक जाने-माने भारतीय एंटरप्रेन्योर और समाजसेवी हैं.

SRMD अकाउंट से शेयर हुए पोस्ट में लिखी ये बात

न केवल फोटो और शॉर्ट वीडियो शेयरिंग प्लेटफ़ॉर्म इंस्टाग्राम पर बल्कि प्रोफेशनल नेटवर्क प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर भी श्रीमद् राजचंद्र मिशन धरमपुर (SRMD) के अकाउंट से पोस्ट किया गया है जिसमें लिखा है कि इंफोसिस फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति एक ऐसे आदमी हैं जिन्होंने भारत के सबसे बड़े इंस्टीट्यूशन में से एक, इंफोसिस को बनाने में अपनी पूरी जिंदगी लगा दी. हम एक ऐसे इंसान के सामने बैठे हैं जिसने अपनी पूरी जिंदगी कुछ ऐसा बनाने में लगा दी जिसे कोई बैलेंस शीट माप नहीं सकती.

उन्होंने कहा, इस असाधारण इंसान को मेरा बहुत-बहुत सलाम, जो हमारे लिए सभी संत और भगवान जैसे गुणों को दिखाता है. 60 इनिशिएटिव (पहल) के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा ‘मेरा लंबे समय से मानना ​​रहा है कि किसी भी आध्यात्मिक परंपरा का असली माप सिर्फ शिक्षाओं में नहीं है, बल्कि उस करुणा में है जो वह काम में जगाती है और आज हमने यही देखा, साठ शानदार पइनिशिएटिव का प्रदर्शन.

उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि यहां हर कोई यह महसूस करे कि इंस्टीट्यूशन उन लोगों के लिए उनके द्वारा दिए गए नतीजों से पहचाने जाते हैं जिनकी वह सेवा करते हैं.

श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर के प्रेसिडेंट श्री अभय जसानी और SRMD USA के प्रेसिडेंट श्री मितेश कामदार ने इस मौके पर उन्हें एक यादगार चीज दी है और साथ ही उन्होंने आगे अपनी बात को रखते हुए कहा कि हम बहुत सम्मानित और आभारी हैं कि उन्होंने इस शाम का हिस्सा बनने का फैसला किया.