Opening Bell: सेंसेक्स 600 अंक से अधिक टूटा, निफ्टी 23250 के नीचे; लाल निशान में सभी सेक्टर

Opening Bell: US में ब्याज दरें और बढ़ने की आशंका के बीच ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई, जिससे ज्यादातर ग्लोबल मार्केट में गिरावट आई और इसका असर निफ्टी50 और सेंसेक्स पर भी पड़ा.

शेयर बाजार में गिरावट. Image Credit: Money9

Opening Bell: ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों के बीच गुरुवार 24 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले. सेंसेक्स 573.95 अंक या 0.77 फीसदी गिरकर 74,254.30 पर और निफ्टी 202.90 अंक या 0.87 फीसदी गिरकर 23,243.90 पर खुला. लगभग 806 शेयरों में बढ़त देखी गई, 1591 शेयरों में गिरावट आई और 173 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

निफ्टी पर टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में टेक महिंद्रा, NTPC, TCS, इंफोसिस और HCL टेक शामिल थे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में HDFC लाइफ, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक और SBI लाइफ इंश्योरेंस शामिल थे.

ज्यादातर सेंसेक्स शेयर गिरावट के साथ ट्रेड हुए, जिसमें बजाज की दोनों कंपनियों के शेयरों में 6 फीसदी तक की गिरावट आई. सिर्फ टेक महिंद्रा और सन फार्मा के शेयरों में ही बढ़त देखी गई.

सेक्टोरल इंडेक्स

सेक्टर के हिसाब से देखें तो सिर्फ निफ्टी फार्मा में ही बढ़त दिखी. सबसे अधिक गिरावट फाइनेंशियल सर्विसेज में आई, और उसके बाद प्राइवेट बैंकों का नंबर रहा.

रुपये में गिरावट

शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे गिरकर 95.87 पर आ गया.

शेयर बाजार में क्यों आई गिरावट?

ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी: सितंबर में नए ऑर्डर बढ़ने की वजह से US में बिजनेस एक्टिविटी पिछले पांच साल से ज्यादा समय में सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गई.

इस डेटा ने बेंचमार्क 10-वर्षीय US ट्रेजरी यील्ड को 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया, जबकि बाजार ने ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दीं.

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी: US-ईरान के बीच कूटनीतिक अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आई तेजी ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला. पिछले सेशन में 4% की बढ़त के बाद गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत $102.5 प्रति बैरल के आसपास रही.

तेल की ऊंची कीमतें दुनिया के तीसरे सबसे बड़े आयातक, भारत के लिए नुकसानदेह हैं, क्योंकि इससे आयात बिल बढ़ता है, महंगाई का डर बढ़ता है और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ता है.

कमजोर ग्लोबल संकेत: उम्मीद से बेहतर बिज़नेस एक्टिविटी के बाद बुधवार को US इक्विटीज़ में भारी गिरावट आई, जिससे यह उम्मीद मज़बूत हुई कि US फेड को मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त करना पड़ सकता है।

MSCI का एशियाई इक्विटीज का गेज 0.4 फीसदी गिरा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.5 फीसदी और शंघाई कंपोजिट 0.4 ​​प्रतिशत नीचे आया.

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