NSE Share Price: फीकी रही दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव्स एक्सचेंज NSE की लिस्टिंग, मिला सिर्फ इतना प्रॉफिट

NSE Share Price: जबरदस्त रिस्पॉन्स ने NSE IPO को इस साल भारत के प्राइमरी मार्केट में सबसे अधिक ध्यान खींचने वाले पब्लिक ऑफरिंग में से एक बना दिया है. NSE के शेयर की कीमत में फ्लैट शुरुआत के बाद बढ़त देखी गई.

एनएसई की लिस्टिंग. Image Credit: NSE

Highlights

  • 22,569 करोड़ रुपये के इस इश्यू को 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था.
  • रिटेल इन्वेस्टर हिस्से को 1.39 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था.
  • NSE के शेयरों की लिस्टिंग लगभग 1 फीसदी प्रीमियम के साथ हुई.

NSE IPO Listing Today: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने लंबे इंतजार के बाद आखिरकार गुरुवार 24 सिंतबर को दलाल स्ट्रीट पर एंट्री कर ली. NSE के आईपीओ को मिले जोरदार रिस्पॉन्स के बाद BSE पर इसके शेयरों की लिस्टिंग हो गई. NSE के शेयरों की लिस्टिंग लगभग 1 फीसदी प्रीमियम के साथ हुई.

1800 रुपये पर हुई लिस्टिंग

NSE के शेयर BSE पर 1,800 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए, जो 1,785 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस से 0.8 फीसदी अधिक है. इसकी तुलना ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से करें तो, लिस्टिंग से पहले इसने IPO के ऊपरी प्राइस बैंड पर 2.2% प्रीमियम का संकेत दिया था.

NSE के शेयर की कीमत

NSE के शेयर की कीमत में फ्लैट शुरुआत के बाद बढ़त देखी गई. दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव्स एक्सचेंज ने दलाल स्ट्रीट पर फ्लैट शुरुआत की और शेयर पाने वालों को 15 रुपये का लिस्टिंग प्रीमियम दिया.

NSE का शेयर BSE पर 1800 रुपये पर खुला, लेकिन जल्द ही इसमें तेजी आई और लिस्टिंग के कुछ ही मिनटों में यह 1845 रुरये के हाई पर पहुंच गया.

IPO को मिला था जोरदार रिस्पॉन्स

BSE के डेटा के अनुसार, बिडिंग पीरियड के आखिर तक 22,569 करोड़ रुपये के इस इश्यू को 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. इस मांग में इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की बड़ी भूमिका रही, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर (QIB) हिस्से को 12 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला.

इस इश्यू में 8.86 करोड़ शेयरों की पेशकश के मुकाबले 50.58 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई गईं. इस जबरदस्त रिस्पॉन्स ने NSE IPO को इस साल भारत के प्राइमरी मार्केट में सबसे अधिक ध्यान खींचने वाले पब्लिक ऑफरिंग में से एक बना दिया है.

QIB सेगमेंट 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो मजबूत इंस्टीट्यूशनल भागीदारी को दिखाता है. नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (NII) कैटेगरी 6.55 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि रिटेल इन्वेस्टर हिस्से को 1.39 गुना सब्सक्रिप्शन मिला.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.