Opening Bell: सेंसेक्स 200 अंक से अधिक गिरा, निफ्टी 22550 के नीचे; बजाज ऑटो और मैक्स हेल्थ के स्टॉक 3% तक टूटे

Opening Bell: वेस्ट एशिया क्षेत्र से सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की चिंता के कारण ट्रेडर्स के बीच घबराहट बनी रही, जिससे निफ्टी50 और सेंसेक्स में गिरावट आई. गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया सीमित दायरे में रहा.

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Opening Bell: दुनिया भर से मिले-जुले संकेतों के बीच, गुरुवार 1 अक्टूबर को भारतीय इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और निफ्टी 22,550 के आसपास रहा. BSE सेंसेक्स 287.26 अंक या 0.40 फीसदी गिरकर 72,192.89 पर आ गया. NSE निफ्टी 50 22,577.10 पर खुला, जो 43.35 अंक या 0.19 फीसदी टूटा.

शुरुआती कारोबार में लगभग 942 शेयरों में बढ़त हुई, 1551 शेयरों में गिरावट आई और 145 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, इंफोसिस, TCS, HCL टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा शामिल थे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में बजाज ऑटो, M&M, अपोलो हॉस्पिटल्स, मैक्स हेल्थकेयर और L&T शामिल थे.

FII की लगातार बिकवाली

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, ‘पिछले दो कारोबारी दिनों में FII की लगातार बिकवाली तेज हो गई, जब उन्होंने कुल 20,128 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. US 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के 5.3 प्रतिशत तक बढ़ने के साथ, FII की बिकवाली जारी रह सकती है.

FII की गतिविधियों में एक विरोधाभास यह है कि एक्सचेंजों के माध्यम से बिकवाली करने के बावजूद, वे लगातार प्राइमरी मार्केट के जरिए निवेश कर रहे हैं और महंगे मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयर भी खरीद रहे हैं.’

दबाव में बाजार

बुधवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए. रिसर्च एनालिस्ट फर्म HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा, ‘घरेलू बाजार में गिरावट का दौर जारी है और बाजार दबाव में है. सितंबर में निफ्टी में मार्च के बाद से सबसे बड़ी मासिक गिरावट देखी गई.

विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ग्लोबल स्तर पर कर्ज लेने की बढ़ती लागत का बाजार की धारणा पर असर पड़ रहा है, हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और US में महंगाई दर में कमी से कुछ राहत भी मिल रही है.’

उन्होंने आगे कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है, जिससे हाल ही में ऊर्जा की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद कुछ राहत मिली है.

सीमित दायरे में रुपया

गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया सीमित दायरे में रहा और सरकारी तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की लगातार मांग के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे गिरकर 95.97 पर आ गया.

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