आधार यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! अब राशन के लिए नहीं होगी फिंगरप्रिंट की जरूरत; UIDAI ने किए 5 बदलाव
UIDAI ने आधार यूजर्स के लिए 5 नई सुविधाओं और बदलावों की जानकारी दी है. नई व्यवस्था के तहत कुछ मामलों में राशन लेने के लिए फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन की जगह फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया जा सकेगा. UIDAI ऑफिसेज में टोकन सिस्टम शुरू करने की भी घोषणा की गई है. कम ऑथेंटिकेशन करने वाली पात्र संस्थाओं के लिए AUA और KUA फ्रेमवर्क से जुड़ी सुविधा दी गई है.
Highlights
- यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी UIDAI ने 5 नई सुविधाओं की शुरुआत की है.
- राशन लेने के लिए फिंगरप्रिंट की अनिवार्यता कुछ मामलों में खत्म होगी.
- फेस ऑथेंटिकेशन से हो सकेगी पहचान.
Aadhaar Update: आधार से जुड़ी सर्विसेज को ज्यादा आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी UIDAI ने 5 नई सुविधाओं की शुरुआत की है. इन बदलावों का उद्देश्य आधार ऑथेंटिकेशन को आसान बनाने के साथ-साथ उन लोगों के लिए सर्विसेज की पहुंच बेहतर करना है, जिन्हें फिंगरप्रिंट आधारित पहचान में परेशानी का सामना करना पड़ता है. UIDAI ने आधार दिवस के मौके पर इन नई सुविधाओं की जानकारी दी है.
राशन लेने में फिंगरप्रिंट की जरूरत नहीं
नई व्यवस्था में कुछ मामलों में राशन लेने के लिए फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन पर निर्भरता कम की जा सकेगी. ई-PDS सिस्टम में सहमति के आधार पर फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसका फायदा उन लाभार्थियों को मिल सकता है, जिनका फिंगरप्रिंट किसी वजह से मैच नहीं करता.
ऐसे मामलों में फेस के जरिए पहचान की पुष्टि करके राशन वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा. इस सुविधा से खास तौर पर उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें फिंगरप्रिंट आधारित ऑथेंटिकेशन में बार-बार परेशानी होती है. हालांकि, फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल संबंधित सिस्टम और प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा.
UIDAI ऑफिस में टोकन सिस्टम
UIDAI ने अपने स्टेट और रीजनल ऑफिसेज में टोकन आधारित व्यवस्था शुरू करने की भी घोषणा की है. इसका उद्देश्य ऑफिस में आने वाले लोगों की विजिट को ज्यादा व्यवस्थित बनाना है. नई व्यवस्था में लोगों को टोकन के आधार पर अपनी बारी का इंतजार करना होगा.
इससे एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने पर होने वाली भीड़ को मैनेज करने में मदद मिल सकती है. इस सिस्टम के जरिए विजिटर्स की क्यू और वेटिंग प्रोसेस को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से संभालने की कोशिश की गई है.
कम ऑथेंटिकेशन वाले संस्थानों के लिए मौजूदा फ्रेमवर्क
UIDAI ने ऑथेंटिकेशन से जुड़ी प्रक्रिया को संस्थानों के लिए भी आसान बनाने की दिशा में बदलाव किया है. कम संख्या में ऑथेंटिकेशन करने वाली पात्र संस्थाएं मौजूदा AUA और KUA फ्रेमवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगी. इसका मतलब है कि ऐसी संस्थाओं के लिए अलग व्यवस्था तैयार करने की जरूरत नहीं होगी.
मौजूदा सिस्टम के जरिए ही ऑथेंटिकेशन से जुड़ी जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा. इस बदलाव से संस्थानों के लिए आधार ऑथेंटिकेशन इकोसिस्टम से जुड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया गया है.
SWIK पोर्टल 2.0 से ऑनलाइन एप्लीकेशन
UIDAI ने SWIK पोर्टल 2.0 को भी नई सुविधा के तौर पर पेश किया है. इसके जरिए पात्र गैर-सरकारी संस्थाएं आधार ऑथेंटिकेशन की मंजूरी से जुड़े प्रस्ताव ऑनलाइन भेज सकेंगी. इससे एप्लीकेशन प्रोसेस में फिजिकल कागजी कार्रवाई पर निर्भरता कम करने और प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने में मदद मिल सकती है. ऑनलाइन सिस्टम के कारण संस्थानों के लिए एप्लीकेशन से जुड़ी प्रक्रिया को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पूरा करना आसान होगा.
नई वेबसाइट में मिलेंगे ज्यादा एक्सेसिबिलिटी फीचर्स
UIDAI ने अपनी वेबसाइट को भी नए तरीके से पेश करने की योजना बनाई है. नई वेबसाइट में स्क्रीन रीडर सपोर्ट, बेहतर फॉन्ट-कॉन्ट्रास्ट और की-बोर्ड नेविगेशन जैसे फीचर्स उपलब्ध कराए जाएंगे. इन सुविधाओं का फोकस वेबसाइट को ज्यादा एक्सेसिबल बनाना है, ताकि अलग-अलग जरूरत वाले यूजर्स भी आधार से जुड़ी जानकारी और सर्विसेज तक आसानी से पहुंच सकें.
वर्तमान में वेबसाइट पर 13 भाषाओं का सपोर्ट उपलब्ध है, जिसे आगे बढ़ाकर 23 भाषाओं तक किए जाने की योजना है. इससे अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि वाले यूजर्स के लिए आधार से जुड़ी डिजिटल सर्विसेज का इस्तेमाल आसान हो सकता है.
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