1 अक्टूबर से बदल गए ये नियम, SBI ATM से LPG तक पर होगा असर; UPI पर भी बड़ा अपडेट

अक्टूबर 2026 से बैंकिंग और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई बड़े रूल्स बदलने जा रहे हैं. SBI के कुछ सैलरी अकाउंट होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट घटकर 5 हो जाएगी. RBI बल्क FD की इंटरेस्ट रेट के डिस्क्लोजर को लेकर नया फ्रेमवर्क लागू करेगा. वहीं NPS अकाउंट खोलने पर नया ऑनबोर्डिंग चार्ज लगेगा.

बदल जाएंगे ये नियम Image Credit: Isabel Pavia/Moment/Getty Images

Highlights

  • 1 अक्टूबर से SBI के कुछ सैलरी अकाउंट होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट 5 हो जाएगी.
  • RBI बल्क FD की इंटरेस्ट रेट के डिस्क्लोजर के लिए नया फ्रेमवर्क लागू करेगा.
  • NPS अकाउंट खोलने पर 200 रुपये का वन-टाइम ऑनबोर्डिंग चार्ज लगेगा.

1 October 2026 rule changes: अक्टूबर 2026 की शुरुआत के साथ बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई रूल्स में बदलाव होने जा रहा है. इन बदलावों का सीधा असर बैंक कस्टमर्स, NPS सब्सक्राइबर्स, LPG कंज्यूमर्स और UPI के जरिए पेमेंट लेने वाले मर्चेंट्स पर पड़ सकता है. 1 अक्टूबर से SBI के कुछ सैलरी अकाउंट होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के ATM से मिलने वाली फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट घट जाएगी. इसी दिन बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट की इंटरेस्ट रेट से जुड़े नए डिस्क्लोजर नॉर्म्स भी लागू होंगे. NPS में भी PoP के जरिए अकाउंट खोलने पर नया चार्ज लागू होगा. इसके अलावा, LPG सब्सिडी का फायदा जारी रखने के लिए कुछ कंज्यूमर्स को बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना जरूरी होगा. वहीं, UPI से जुड़े रूल्स में भी अक्टूबर के दौरान अहम बदलाव होने जा रहा है.

SBI ATM से फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट घटेगी

SBI के सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के ATM और Automated Deposit cum Withdrawal Machines यानी ADWMs के इस्तेमाल से जुड़े रूल्स बदलेंगे. 1 अक्टूबर 2026 से SBI के सभी सैलरी पैकेज अकाउंट वेरिएंट में दूसरे बैंकों के ATM पर हर महीने मिलने वाले फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या 10 से घटकर 5 हो जाएगी. इसमें फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल, दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल होंगे. यानी फ्री लिमिट में कैश विड्रॉल के अलावा दूसरे नॉन-कैश ट्रांजैक्शन भी काउंट किए जाएंगे.

वहीं, Basic Savings Bank Deposit यानी BSBD अकाउंट में हर महीने 4 फ्री कैश विदड्रॉल की सुविधा जारी रहेगी. इस लिमिट के बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर 15 रुपये और GST चार्ज लगेगा. हालांकि, डिजिटल ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा और ये ट्रांजैक्शन अनलिमिटेड रहेंगे.

बल्क FD की इंटरेस्ट रेट के लिए नया डिस्क्लोजर सिस्टम

RBI बल्क डिपॉजिट की इंटरेस्ट रेट को लेकर नया फ्रेमवर्क लागू करने जा रहा है. ये बदलाव भी 1 अक्टूबर 2026 से इफेक्टिव होंगे. नए सिस्टम के तहत कमर्शियल बैंकों को बल्क डिपॉजिट पर लागू इंटरेस्ट रेट की जानकारी पहले से अनाउंस करनी होगी.

इसके अलावा, बैंकों को हर दिन सुबह 10 बजे बल्क डिपॉजिट की लागू इंटरेस्ट रेट का डिस्क्लोजर करना होगा. समान प्रकार के बल्क डिपॉजिट के लिए सामान्य तौर पर एक जैसी इंटरेस्ट रेट रखने की अपेक्षा होगी. हालांकि, Liquidity Coverage Ratio यानी LCR के तहत डिपॉजिट के ट्रीटमेंट के आधार पर अलग-अलग रेट की व्यवस्था की जा सकती है.

2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI पेमेंट पर MDR

UPI से जुड़े रूल्स में एक अहम बदलाव 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. इसके तहत कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन में 2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होगा. यह बदलाव Person-to-Person यानी P2P ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा. इसके अलावा, 2,000 रुपये तक के पेमेंट भी फ्री रहेंगे. Zero-MDR फ्रेमवर्क के तहत आने वाले छोटे कारोबारियों के पेमेंट भी इस बदलाव के दायरे से बाहर रहेंगे.

इसका मतलब है कि सभी UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज नहीं लगेगा. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 96% Person-to-Merchant यानी P2M ट्रांजैक्शन इस बदलाव से अफेक्ट नहीं होंगे. मर्चेंट से लिया जाने वाला MDR कारोबार की इंडस्ट्री या कैटेगरी के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.

NPS अकाउंट खोलने पर नया चार्ज

National Pension System यानी NPS से जुड़े सब्सक्राइबर्स के लिए भी अक्टूबर से चार्ज स्ट्रक्चर बदलेगा. Pension Fund Regulatory and Development Authority यानी PFRDA ने Points of Presence यानी PoPs की ओर से वसूले जाने वाले चार्ज में बदलाव किया है. नया स्ट्रक्चर 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा.

इसके तहत PoP के जरिए नया NPS अकाउंट खोलने वाले सब्सक्राइबर से प्रत्येक Permanent Retirement Account Number यानी PRAN के लिए 200 रुपये का वन-टाइम ऑनबोर्डिंग चार्ज लिया जाएगा. हालांकि, 200 रुपये की पूरी रकम एक साथ सब्सक्राइबर के अकाउंट से डिडक्ट किए जाने की व्यवस्था नहीं होगी.

LPG सब्सिडी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी

LPG कंज्यूमर्स के लिए भी अक्टूबर से जुड़ा एक अहम बदलाव है. जिन घरेलू LPG कंज्यूमर्स ने अभी तक Biometric Aadhaar Authentication यानी BAA पूरा नहीं किया है, उन्हें सब्सिडी का फायदा लेते हुए रेगुलेटेड सेलिंग प्राइस यानी RSP पर रिफिल बुक करने के लिए यह प्रोसेस पूरा करना होगा.

1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी के साथ RSP पर रिफिल बुक करने के लिए Biometric Aadhaar Authentication जरूरी होगा. ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद पात्र कंज्यूमर्स RSP पर LPG रिफिल बुक कर सकेंगे और उन्हें लागू सरकारी सब्सिडी का फायदा भी मिलेगा.ॉ

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