Paytm में रेसिलिएंट एसेट मैनेजमेंट 4.98 फीसदी तक बेचेगी हिस्सेदारी, विजय शेखर शर्मा की है कंपनी
हिस्सेदारी बेचने का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब पिछले हफ्ते कई पॉजिटिव वजहों से इस स्टॉक ने 54 महीनों का उच्चतम स्तर छुआ है और मार्च से जारी इसकी रिकवरी और मजबूत हुई है. इस तेजी से स्टॉक में 70 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई है.

Paytm की पैरेंट कंपनी One97 Communications ने सोमवार को रेगुलेटरी फाइलिंग के जरिए इन्वेस्टर्स को बताया कि Resilient Asset Management ने कंपनी में 4.98% तक हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव दिया है. Resilient Asset Management फाउंडर और CEO विजय शेखर शर्मा की पूरी तरह से अपनी कंपनी है. हिस्सेदारी बेचने का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब पिछले हफ्ते कई पॉजिटिव वजहों से इस स्टॉक ने 54 महीनों का उच्चतम स्तर छुआ है और मार्च से जारी इसकी रिकवरी और मजबूत हुई है.
1 लाख करोड़ का मार्केट कैप
इस तेजी से स्टॉक में 70 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई है, जो लिस्टिंग के बाद से इसकी सबसे बड़ी रिकवरी रैलियों में से एक है और इसने कंपनी को 1 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन के आंकड़े को पार करने में मदद की है.
Resilient ने कैसे हासिल की थी हिस्सेदारी?
Resilient ने Antfin को 7 अगस्त 2023 को जारी किए गए ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर (OCD) के बदले Paytm में लगभग 10.20% इक्विटी हिस्सेदारी हासिल की थी, जबकि इसकी आर्थिक वैल्यू Antfin के पास ही बनी रही. Paytm ने साफ किया कि वह इस लेन-देन का हिस्सा नहीं है और Paytm में शर्मा परिवार की सीधी हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं होगा.
सबसे बड़ी शेयरहोल्डर
चीनी कंपनी Antfin, जो कभी Paytm की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर थी, ने भारतीय फिनटेक कंपनियों में चीनी मालिकाना हक को लेकर बढ़ती रेगुलेटरी जांच के बीच पिछले दो साल में अपनी हिस्सेदारी लगातार कम की है. Resilient द्वारा बेचे जा रहे शेयर पूरी तरह से 2023 के डिबेंचर समझौते के तहत आते हैं.
एंटफिन निकल गई थी बाहर
मई में 4 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के बाद, एंटफिन ने अगस्त 2025 में अपनी बाकी 5.84% हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया. 2023 में एंटफिन ने अपनी 10.3% हिस्सेदारी फाउंडर विजय शेखर शर्मा को ट्रांसफर कर दी थी, जिससे उसकी होल्डिंग 10 फीसदी की सीमा से नीचे आ गई.
म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी
इस बीच म्यूचुअल फंड्स कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर पॉजिटिव बने रहे और लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते रहे. जून तिमाही (Q1FY27) के आखिर तक, 43 म्यूचुअल फंड्स के पास Paytm में कुल मिलाकर 18% हिस्सेदारी थी, जो 11.4 करोड़ शेयरों के बराबर है. Trendlyne के शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार, यह मार्च में पिछली तिमाही के आखिर में रही 16.60% हिस्सेदारी से काफी अधिक है.
सोमवार को पेटीएम के शेयर 1,589 रुपये पर बंद हुए. इस साल अब तक शेयर में 23 फीसदी से अधिक की तेजी आई है. वहीं, पिछले एक महीने में शेयर की कीमत करीब 18 फीसदी उछली है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.