35% टूटा इस कंपनी का शेयर, पुट ऑप्शन ने बदला पूरा गेम; ₹9450 से एक दिन में ही बने ₹1.31 लाख
PB Fintech के शेयर में 24 सितंबर को करीब 35% की गिरावट के बीच पुट ऑप्शन में बड़ा उछाल देखने को मिला. 1,600 PE का प्रीमियम सुबह 27 रुपये से बढ़कर कारोबार खत्म होने तक 376 रुपये पहुंच गया. 350 शेयर के लॉट साइज के हिसाब से 9,450 रुपये की शुरुआती रकम की वैल्यू बढ़कर 1,31,600 रुपये हो गई.

PB Fintech Share: शेयर बाजार में किसी स्टॉक में बड़ी गिरावट जहां निवेशकों के लिए नुकसान का कारण बन सकती है, वहीं F&O सेगमेंट में बेयरिश पोजीशन लेने वाले ट्रेडर्स के लिए इसी तरह की गिरावट कमाई का मौका भी बना सकती है. ऐसा ही मामला PB Fintech के शेयर में देखने को मिला, जहां 24 सितंबर को शेयर करीब 35% टूट गया. इस गिरावट के बीच कंपनी के पुट ऑप्शन में तेज उछाल आया और 9,450 रुपये की शुरुआती रकम बढ़कर 1.31 लाख रुपये से ज्यादा हो गई.
9,450 रुपये से 1.31 लाख रुपये कैसे बने
यह पूरा मामला PB Fintech के 1,600 पुट ऑप्शन यानी PE से जुड़ा है. पुट ऑप्शन में आम तौर पर अंडरलाइंग स्टॉक की कीमत गिरने पर तेजी आती है. इस ट्रेड में 1,600 PE का प्रीमियम सुबह 27 रुपये था और इसका लॉट साइज 350 शेयर था. यानी एक लॉट खरीदने के लिए 27 रुपये × 350 शेयर के हिसाब से 9,450 रुपये की रकम चाहिए थी.
कारोबार खत्म होने तक इसी पुट ऑप्शन का प्रीमियम बढ़कर 376 रुपये हो गया. 350 शेयर के लॉट साइज के हिसाब से एक लॉट की वैल्यू 376 रुपये × 350 यानी 1,31,600 रुपये हो गई. इस तरह 9,450 रुपये की शुरुआती रकम बढ़कर 1,31,600 रुपये हो गई. यानी करीब 1,22,150 रुपये का अंतर बना. हालांकि, इसमें ब्रोकरेज, टैक्स और अन्य ट्रेडिंग कॉस्ट शामिल नहीं हैं.
PB Fintech का शेयर 35% क्यों टूटा
PB Fintech के शेयर में 24 सितंबर को करीब 35% की भारी गिरावट आई. शेयर 52-वीक लो पर पहुंच गया और NSE पर 1,207 रुपये के भाव पर बंद हुआ. यह नवंबर 2021 में लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर में सबसे बड़ी एक दिन में गिरावट थी. इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन में भी 31,426 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई और यह घटकर 55,863.51 करोड़ रुपये रह गया.
IRDAI के प्रस्ताव से बढ़ी चिंता
शेयर में भारी बिकवाली की मुख्य वजह Insurance Regulatory and Development Authority of India यानी IRDAI की ओर से इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूटर कमीशंस में बदलाव का प्रस्ताव बताया गया है. प्रस्ताव में कमीशन पेआउट को प्रोडक्ट कॉम्प्लेक्सिटी, डिस्ट्रीब्यूशन चैनल, पॉलिसी साइज और सेल्स तथा सर्विसिंग में लगने वाली एफर्ट जैसे फैक्टर्स से जोड़ने की बात है. IRDAI के कंसल्टेशन पेपर में लाइफ, हेल्थ और मोटर इंश्योरेंस के लिए कमीशन कैप्स को दोबारा लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया है. ये लिमिट्स 2023 में हटा दी गई थीं.
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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.