Portfolio at risk: अप्रैल की तेजी के बाद मिड और स्मॉल कैप पर क्यों मंडरा रहा खतरा?
अप्रैल में भारतीय शेयर बाजार में मिड और स्मॉल कैप शेयरों ने शानदार तेजी दिखाई. BSE SmallCap इंडेक्स करीब 20% और MidCap इंडेक्स लगभग 14% चढ़ा, जो मई 2014 के बाद सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन रहा. वहीं Sensex में केवल 7% की बढ़त दर्ज हुई. हालांकि यह तेजी पूरी तरह संतुलित नहीं रही. मिडकैप शेयरों में मजबूत कमाई और व्यापक खरीदारी देखने को मिली, जबकि स्मॉलकैप में तेजी कुछ चुनिंदा सेक्टर और कंपनियों तक सीमित रही. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कई स्मॉलकैप शेयरों की कीमतें अब फंडामेंटल्स से आगे निकलती दिख रही हैं, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो पर जोखिम बढ़ सकता है.
