RBI का बड़ा एक्शन! इस कोऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस किया रद्द; अब ग्राहकों के पैसों का क्या होगा?
RBI ने कर्नाटक स्थित Shree Mahalaxmi Urban Co-operative Credit Bank का लाइसेंस रद्द कर दिया है. केंद्रीय बैंक के अनुसार, बैंक की वित्तीय स्थिति कमजोर थी और वह Banking Regulation Act, 1949 के कुछ प्रावधानों का पालन करने में विफल रहा.

RBI: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्नाटक स्थित Shree Mahalaxmi Urban Co-operative Credit Bank का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है. RBI ने बैंक की खराब वित्तीय स्थिति और कमाई की कमजोर संभावनाओं को देखते हुए यह बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय बैंक का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में बैंक अपने जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि बैंक बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों का पालन करने में विफल रहा है. इसके अलावा, बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और भविष्य में आय बढ़ाने की संभावनाएं भी नहीं हैं. ऐसे में बैंक का संचालन जारी रखना जमाकर्ताओं के हितों के खिलाफ माना गया.
नहीं कर सकेगा सामान्य बैंकिंग काम
RBI ने कर्नाटक के रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव सोसाइटीज को भी बैंक के वाइंडिंग अप की प्रक्रिया शुरू करने और एक लिक्विडेटर नियुक्त करने का अनुरोध किया है. इसके साथ ही बैंक को तत्काल प्रभाव से सभी बैंकिंग गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया गया है. अब बैंक न तो नए डिपॉजिट स्वीकार कर सकेगा और न ही सामान्य बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर पाएगा. इसके अलावा, जमाकर्ताओं को डिपॉजिट की वापसी से संबंधित प्रक्रियाएं भी परिसमापन प्रक्रिया के तहत पूरी की जाएंगी.
जमाकर्ताओं को कितना मिलेगा पैसा
RBI के अनुसार, बैंक के परिसमापन की स्थिति में करीब 97.9 फीसदी जमाकर्ताओं को उनकी पूरी जमा राशि वापस मिल जाएगी. यह भुगतान डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (डीआईसीजीसी) के माध्यम से किया जाएगा. डीआईसीजीसी बैंक जमाओं पर निर्धारित सीमा तक बीमा सुरक्षा प्रदान करता है.
यदि कोई बैंक वित्तीय संकट के कारण बंद हो जाता है, तो पात्र जमाकर्ताओं को डीआईसीजीसी के माध्यम से उनकी राशि का भुगतान किया जाता है. RBI का कहना है कि अधिकांश जमाकर्ता इस सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे.
क्यों लिया गया यह फैसला
केंद्रीय बैंक के मुताबिक, Shree Mahalaxmi Urban Co-operative Credit Bank की वित्तीय स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही थी. बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं थी और उसकी आय क्षमता भी संतोषजनक नहीं रही. RBI ने यह भी कहा कि बैंक अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति में सभी जमाकर्ताओं को उनकी पूरी राशि लौटाने में सक्षम नहीं था.
RBI का मानना है कि यदि बैंक को आगे भी संचालन की अनुमति दी जाती, तो इससे जमाकर्ताओं के हितों को नुकसान पहुंच सकता था. इसी वजह से लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया गया.
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