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NSE IPO से पहले BSE पर बुलिश ब्रोकरेज! 21% तक उछाल की उम्मीद; जानें टारगेट प्राइस

NSE IPO की चर्चा के बीच BSE निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनकर उभरा है. ब्रोकरेज फर्म PL Capital ने BSE पर Buy कॉल देते हुए 4,850 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 21 फीसदी की संभावित तेजी दिखाता है. रिपोर्ट के अनुसार, डेरिवेटिव्स कारोबार में बढ़ती हिस्सेदारी, मजबूत मार्केट पोजिशन, डुओपॉली स्ट्रक्चर और नए रेवेन्यू स्रोत BSE की ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते हैं.

बीएसई Image Credit: Getty image

BSE Target Price: देश के शेयर बाजार में इन दिनों NSE IPO को लेकर चर्चा तेज है. इसी बीच ब्रोकरेज फर्म PL Capital ने BSE पर कवरेज शुरू करते हुए निवेशकों को Buy कॉल दिया है. ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में BSE के शेयर में करीब 21 फीसदी तक की तेजी देखने को मिल सकती है. PL Capital ने BSE के शेयर के लिए 4,850 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है. गुरुवार को BSE का शेयर करीब 4,014 रुपये पर बंद हुआ. इस आधार पर ब्रोकरेज को शेयर में लगभग 21 फीसदी की संभावित तेजी नजर आ रही है. खास बात यह है कि यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब NSE IPO के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए गए हैं.

भारतीय स्टॉक एक्सचेंज इंडस्ट्री में डुओपॉली का फायदा

PL Capital का कहना है कि भारत का स्टॉक एक्सचेंज इकोसिस्टम मुख्य रूप से NSE और BSE के इर्द-गिर्द घूमता है. इक्विटी कैश, डेरिवेटिव्स और डेट मार्केट टर्नओवर में इन दोनों एक्सचेंजों का लगभग पूरा दबदबा है. ब्रोकरेज के अनुसार, भारतीय स्टॉक एक्सचेंज इंडस्ट्री में नए खिलाड़ियों के लिए एंट्री बैरियर काफी ऊंचे हैं. यही वजह है कि NSE और BSE का डुओपॉली स्ट्रक्चर लंबे समय तक बरकरार रहने की संभावना है. ऐसे माहौल में BSE को स्थिर और मजबूत ग्रोथ का लाभ मिल सकता है.

डेरिवेटिव्स सेगमेंट में बढ़ी BSE की ताकत

PL Capital ने कहा कि Sensex और Bankex वीकली कॉन्ट्रैक्ट्स को दोबारा लॉन्च किए जाने के बाद BSE ने इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में मजबूत स्थिति बना ली है. FY23 से FY26 के बीच BSE के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 80 फीसदी से अधिक CAGR की वृद्धि दर्ज की गई.

इसका प्रमुख कारण इंडेक्स ऑप्शंस सेगमेंट में तेजी से बढ़ती भागीदारी रही. बेहतर लिक्विडिटी, एक्सपायरी पोजिशनिंग और बढ़ती ट्रेडिंग एक्टिविटी के कारण BSE ने FY26 में प्रीमियम मार्केट शेयर को 28 फीसदी तक पहुंचा दिया. ब्रोकरेज का मानना है कि डेरिवेटिव्स कारोबार में यह बढ़त भविष्य में कंपनी की आय को और मजबूत कर सकती है.

रेवेन्यू डायवर्सिफिकेशन पर फोकस

ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में भारतीय एक्सचेंजों की आय का बड़ा हिस्सा ट्रांजैक्शन इनकम से आता है. FY26 में BSE और NSE दोनों की कुल आय में ट्रांजैक्शन रेवेन्यू की हिस्सेदारी करीब 79 फीसदी रही. हालांकि, BSE अब कोलोकेशन, टेक्नोलॉजी सर्विसेज और डेटा सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्रों पर फोकस बढ़ा रही है. इससे कंपनी को ट्रेडिंग वॉल्यूम्स पर निर्भरता कम करने और स्थिर आय प्राप्त करने में मदद मिल सकती है.

क्यों बुलिश है ब्रोकरेज

PL Capital का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच BSE का प्रॉफिट ग्रोथ लगभग 27 फीसदी CAGR की दर से बढ़ सकता है. साथ ही, मजबूत मार्केट पोजिशन, बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी, ऊंचे एंट्री बैरियर्स और नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स कंपनी के वैल्यूएशन को सपोर्ट करेंगे. ब्रोकरेज ने BSE के लिए 4,850 रुपये का टारगेट प्राइस तय करते हुए Buy रेटिंग दी है. ऐसे में NSE IPO की चर्चा के बीच BSE भी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्टॉक के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.