गिरते बाजार में RIL के शेयर को मिल सकता है सपोर्ट! Jio IPO समेत ये है 3 बड़े फैक्टर, जानें डिटेल
Reliance Industries के शेयर पर गिरते बाजार के बीच निवेशकों की नजर है. रिफाइनिंग बिजनेस, डीजल एक्सपोर्ट और Jio Platforms IPO से मिलने वाली वैल्यू अनलॉकिंग शेयर को सपोर्ट दे सकती है. KC Securities के महेश एम ओझा ने शेयर के लिए ₹1265, ₹1290 और ₹1350 के शॉर्ट टर्म टारगेट बताए हैं.

शेयर बाजार में लगातार कमजोरी के बीच Reliance Industries के शेयर पर निवेशकों की नजर है. सोमवार, 26 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में शेयर NSE पर 1174.50 रुपये के इंट्राडे लो तक फिसल गया, लेकिन बाद में इसमें रिकवरी देखने को मिली. बाजार के दबाव के बावजूद कंपनी के रिफाइनिंग बिजनेस, डीजल एक्सपोर्ट और Jio Platforms की वैल्यू अनलॉकिंग को शेयर के लिए संभावित सपोर्ट फैक्टर माना जा रहा है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन तीनों वजहों से आने वाले समय में शेयर की चाल को सहारा मिल सकता है. वहीं, एक एक्सपर्ट ने वित्त वर्ष के अंत तक शेयर के 1550 से 1700 रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया है.
Reliance के शेयर को क्यों मिल सकता है सपोर्ट?
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊंचे स्तर पर बने रहने के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी के साथ कारोबार शुरू हुआ. निफ्टी 50 और सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में नीचे खुले. हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी आने से दोनों प्रमुख इंडेक्स में रिकवरी देखने को मिली.
इस दौरान Reliance Industries का शेयर भी शुरुआती गिरावट से उबरा. मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि शेयर पर फिलहाल बाजार की कमजोरी का असर दिख रहा है, लेकिन कंपनी के कारोबार से जुड़े कुछ फैक्टर आगे इसे सपोर्ट दे सकते हैं. इनमें रिफाइनिंग बिजनेस, डीजल एक्सपोर्ट से मिलने वाले संभावित फायदे और Jio Platforms की वैल्यू अनलॉकिंग अहम हैं.
वेनेजुएला के क्रूड का फायदा
जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और Mukesh Ambani की मुलाकात को रिफाइनिंग बिजनेस के नजरिए से भी देखा जा सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुलाकात के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है.
वेनेजुएला में राजनीतिक बदलाव के बाद वहां कच्चे तेल का उत्पादन मौजूदा करीब 10 लाख बैरल प्रतिदिन से बढ़कर 25 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. वेनेजुएला का क्रूड भारी होता है और इसे प्रोसेस करने में सक्षम रिफाइनरियों की संख्या सीमित है. Reliance Industries की जामनगर रिफाइनरी ऐसे क्रूड को प्रोसेस करने की क्षमता रखती है.
उन्होंने कहा कि Reliance पहले से रूस से आने वाले Urals क्रूड को रिफाइन करती रही है, जिसकी नेचुरल वेनेजुएला के क्रूड से मिलती-जुलती बताई जाती है. अगर कंपनी को वेनेजुएला से कंपटीशन कीमतों पर क्रूड मिलता है, तो इससे उसके रिफाइनिंग बिजनेस को फायदा मिल सकता है. हालांकि, यह फायदा भविष्य की सप्लाई, कीमतों और कारोबारी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.
डीजल एक्सपोर्ट से बढ़ सकती है कमाई
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और डीजल की कीमतों के बीच अंतर बढ़ना रिफाइनिंग कंपनियों के लिए अहम है. उनके अनुसार, अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के समय ब्रेंट क्रूड करीब 72 डॉलर प्रति बैरल और डीजल करीब 110 डॉलर प्रति बैरल था. अब उनके बताए आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड करीब 115 डॉलर और डीजल करीब 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. इससे दोनों कीमतों के बीच अंतर लगभग 38 डॉलर से बढ़कर 85 से 90 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गया है.
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IPO से वैल्यू अनलॉकिंग की उम्मीद
Reliance Industries के शेयर के लिए तीसरा अहम फैक्टर Jio Platforms की वैल्यू अनलॉकिंग है. Reliance की Jio Platforms में करीब दो-तिहाई हिस्सेदारी है. ऐसे में Jio Platforms के IPO और उसकी संभावित लिस्टिंग से कंपनी की हिस्सेदारी का बाजार मूल्य ज्यादा स्पष्ट होने की उम्मीद है.
बाजार Reliance Industries के शेयर में वैल्यू अनलॉकिंग के असर को भी शामिल कर रहा है. उनका अनुमान है कि इस वजह से Reliance के शेयर में करीब 350 से 500 रुपये प्रति शेयर तक की बढ़ोतरी की संभावना बाजार देख रहा है. हालांकि, यह अनुमान Jio Platforms की लिस्टिंग और बाजार के रुख पर निर्भर करेगा.
डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.