SEBI का बड़ा बदलाव! क्लोजिंग ऑक्शन से एक्सपायरी सेटलमेंट तक बदलेंगे शेयर बाजार के ये नियम
शेयर बाजार में Closing Auction Session और एक्सपायरी सेटलमेंट के नियम बदल सकते हैं. SEBI ने ट्रेडिंग टाइम, सेटलमेंट प्राइस और ऑक्शन प्रक्रिया को लेकर कई नए प्रस्ताव रखे हैं. जानिए क्या-क्या बदलने वाला है और इसका निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा.

शेयर बाजार में Closing Auction Session यानी CAS को लेकर SEBI ने कई बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखा है. इनमें डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी के दिन सेटलमेंट प्राइस तय करने के तरीके से लेकर बाजार के समय, CAS में transition period और डेरिवेटिव्स की ट्रेडिंग विंडो में बदलाव शामिल हैं. अगर ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो एक्सपायरी डे पर सेटलमेंट और Closing Auction Session के दौरान ट्रेडिंग के तरीके में बदलाव देखने को मिल सकता है. मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, SEBI ने डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी के दिन सेटलमेंट के लिए दो विकल्प सामने रखे हैं. ये प्रस्ताव इंडेक्स और स्टॉक, दोनों डेरिवेटिव्स पर लागू होंगे.
एक्सपायरी डे पर सेटलमेंट प्राइस तय करने के लिए 2 विकल्प
पहले विकल्प के तहत expiry settlement price तय करने के लिए अंतिम 30 मिनट की लगातार ट्रेडिंग और 10 मिनट के Closing Auction Session के कारोबार को मिलाकर एक blended Volume Weighted Average Price यानी VWAP निकाला जाएगा. इसी blended VWAP को expiry settlement price तय करने के लिए इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है.
दूसरे विकल्प में अंतरिम व्यवस्था के तौर पर सिर्फ अंतिम 30 मिनट की लगातार ट्रेडिंग का VWAP इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है. यानी SEBI expiry के दिन settlement price तय करने के लिए CAS को पूरी तरह शामिल करने या फिलहाल सिर्फ continuous trading के अंतिम 30 मिनट को आधार बनाने, दोनों विकल्पों पर बाजार से राय मांग रहा है.
CAS में Indicative Index Value को हटाने का प्रस्ताव
SEBI ने Closing Auction Session के दौरान दिखाए जाने वाले Indicative Index Value यानी IIV को बंद करने का भी प्रस्ताव दिया है. यह IIV, CAS के दौरान मिलने वाली indicative equilibrium prices से तैयार होता है. रेगुलेटर का कहना है कि IIV को निवेशक वास्तविक इंडेक्स स्तर समझ सकते हैं, जबकि यह वास्तव में executed trades पर आधारित नहीं होता. इससे ट्रेडिंग के फैसले प्रभावित हो सकते हैं.
हालांकि, SEBI ने individual securities के indicative equilibrium prices को जारी रखने का प्रस्ताव रखा है.
बाजार के समय में भी हो सकता है बदलाव
SEBI ने बाजार के समय को लेकर भी दो विकल्प प्रस्तावित किए हैं. पहले विकल्प में CAS वाले शेयरों में continuous trading को 3:30 बजे तक जारी रखने का प्रस्ताव है. इसके बाद 3:31 बजे से 3:40 बजे तक auction होगा. वहीं, डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग 3:45 बजे तक जारी रह सकती है.
दूसरे विकल्प में CAS वाले शेयरों के लिए मौजूदा 3:15 बजे का cut-off बरकरार रखने का प्रस्ताव है. इसके बाद auction 3:25 बजे तक खत्म होगा और डेरिवेटिव्स की ट्रेडिंग 3:30 बजे बंद हो जाएगी.
5 मिनट का Transition Period घटकर करीब 1 मिनट हो सकता है
SEBI ने continuous trading और CAS के बीच के transition period को भी छोटा करने का प्रस्ताव दिया है. मौजूदा 5 मिनट के transition period को घटाकर करीब 1 मिनट करने की बात कही गई है. इसके साथ ही CAS खत्म होने के बाद डेरिवेटिव्स में मिलने वाली अतिरिक्त ट्रेडिंग विंडो को भी 10 मिनट से घटाकर 5 मिनट करने का प्रस्ताव है.
CAS में 3% Price Band बरकरार रहेगा
SEBI ने CAS के दौरान मौजूदा 3% price band को बनाए रखने का प्रस्ताव दिया है. इसके अलावा reference price से 1% से ज्यादा दूर लगाए गए ऑर्डर को auction के दौरान cancel नहीं किया जा सकेगा. ऐसे ऑर्डर में सिर्फ कीमत को बेहतर करने की दिशा में modification किया जा सकेगा.
Continuous trading खत्म होने के समय pending iceberg-order quantities को normal limit orders में बदलने का भी प्रस्ताव है. ऐसे ऑर्डर की पूरी quantity CAS order book में दिखाई जाएगी.
अगस्त में शुरू हुआ था CAS
SEBI ने डेरिवेटिव्स सेगमेंट वाले शेयरों के लिए 3 अगस्त 2026 से Closing Auction Session शुरू किया था. अब रेगुलेटर ने इसके कामकाज और expiry settlement से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए ये प्रस्ताव रखे हैं. SEBI ने इन प्रस्तावों पर बाजार से 3 अक्टूबर 2026 तक public comments मांगे हैं.
इसे भी पढ़ें- अभी और कितना गिरेगा बाजार? Nifty 50 के ये लेवल टूटे तो बढ़ सकती है मुश्किल!