₹2.5 करोड़ का रिटायरमेंट कॉर्पस! कहीं ज्यादा निकासी से पैसा जल्दी खत्म तो नहीं होगा?

₹2.5 करोड़ के रिटायरमेंट फंड से हर महीने ₹2 लाख निकालना 25 साल तक संभव नहीं हो सकता. 6% रिटर्न पर इतनी निकासी से पैसा करीब 15 साल में खत्म होने का अनुमान है. इसलिए सही निकासी रणनीति जरूरी है.

रिटायरमेंट फंड

Highlights

  • ₹2.5 करोड़ से ₹2 लाख मासिक निकासी, पैसा जल्दी खत्म कर सकती है
  • 6% रिटर्न पर ₹2 लाख निकासी करीब 15 साल चलेगी
  • 25 साल के लिए निकासी रणनीति सावधानी से बनाना जरूरी है

रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक तय रकम मिलती रहे और जमा पैसा भी जल्दी खत्म न हो, यह हर निवेशक की बड़ी चिंता होती है. मान लीजिए आपके पास रिटायरमेंट के समय ₹2.5 करोड़ का कॉर्पस है और आप अगले 25 साल तक इससे खर्च चलाना चाहते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि हर महीने कितनी रकम निकालना सुरक्षित रहेगा.

अगर ₹2.5 करोड़ को ऐसे विकल्पों में निवेश किया जाए जहां औसतन 6% सालाना रिटर्न मिल रहा हो, तो हर महीने ₹2 लाख निकालना 25 साल तक संभव नहीं दिखता. गणना के मुताबिक इतनी निकासी करने पर यह पैसा करीब 15 साल में खत्म हो सकता है.

6% रिटर्न पर कितनी रकम निकालना ठीक?

रिटायरमेंट फंड से पैसा निकालते समय सबसे जरूरी बात है कि निकासी की दर निवेश से मिलने वाले रिटर्न के मुकाबले बहुत ज्यादा न हो. उदाहरण के लिए, ₹2.5 करोड़ पर 6% सालाना रिटर्न मानें तो 4% निकासी के हिसाब से साल में ₹10 लाख यानी करीब ₹83,333 प्रति महीने निकाले जा सकते हैं.

5% निकासी की स्थिति में यह रकम करीब ₹1.04 लाख प्रति महीने होगी. वहीं 6% निकासी पर करीब ₹1.25 लाख महीने मिलेंगे और गणना के अनुसार कॉर्पस करीब 49 साल तक चल सकता है.

अगर मासिक निकासी बढ़ाकर करीब ₹1.46 लाख कर दी जाए, यानी सालाना निकासी दर 7% हो, तो पैसा लगभग 28 साल चल सकता है. लेकिन 8% यानी करीब ₹1.67 लाख महीने निकालने पर कॉर्पस लगभग 21 साल में खत्म हो सकता है.

₹2 लाख महीने निकालने पर क्या होगा?

₹2.5 करोड़ के फंड से अगर शुरुआत से ही हर महीने ₹2 लाख निकाले जाते हैं, तो सालाना निकासी ₹24 लाख होगी. यानी यह शुरुआती कॉर्पस का 9.6% है. 6% सालाना रिटर्न की धारणा में इतनी ऊंची निकासी के कारण पैसा करीब 15 साल में खत्म होने का अनुमान है. इसलिए 25 साल के रिटायरमेंट के लिए यह रणनीति जोखिम भरी हो सकती है.

हर साल निकासी बढ़ाने पर क्या असर पड़ेगा?

रिटायरमेंट में महंगाई के कारण खर्च बढ़ता है. इसलिए कुछ लोग हर साल निकासी की रकम 5% बढ़ाने की योजना बनाते हैं. लेकिन इससे कॉर्पस पर दबाव भी बढ़ता है.

अगर ₹2.5 करोड़ से पहले साल ₹80,000 महीने निकाले जाएं और हर साल निकासी 5% बढ़ाई जाए, तो 6% रिटर्न की स्थिति में पैसा करीब 29 साल चल सकता है. ₹90,000 से शुरुआत करने पर यह करीब 26 साल और ₹1 लाख से शुरुआत करने पर करीब 24 साल चलने का अनुमान है. वहीं ₹2 लाख से शुरुआत करने पर कॉर्पस करीब 11 साल में खत्म हो सकता है.

रिटायरमेंट में जल्दबाजी से बचें

इस गणना से साफ है कि ₹2.5 करोड़ का कॉर्पस बड़ा जरूर है, लेकिन उससे कितनी रकम हर महीने निकाली जा रही है, यह ज्यादा महत्वपूर्ण है. 25 साल तक पैसा चलाना है तो शुरुआती निकासी को नियंत्रित रखना जरूरी है. साथ ही महंगाई, टैक्स, बाजार के उतार-चढ़ाव और मेडिकल खर्च को भी ध्यान में रखना चाहिए.

निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार कम जोखिम वाले विकल्पों के साथ कुछ रकम को लंबी अवधि के लिए इक्विटी जैसे विकल्पों में रखकर भी पोर्टफोलियो तैयार कर सकते हैं. सही एसेट एलोकेशन और निकासी रणनीति रिटायरमेंट कॉर्पस को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद कर सकती है.

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