₹1500 करोड़ के कैपेक्स पर बड़ा दांव, SG Mart अगले कुछ वर्षों में 500% तक बढ़ाना चाहती है रेवेन्यू; जानें शेयर का हाल

SG Mart Ltd ने अगले कुछ वर्षों में 500 फीसदी तक रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य तय किया है. कंपनी 1500 करोड़ रुपये से अधिक का कैपेक्स कर अपने सर्विस सेंटर नेटवर्क, बैकवर्ड इंटीग्रेशन और वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स का विस्तार करेगी. बिना इक्विटी डायल्यूशन के यह निवेश आंतरिक कैश फ्लो और नेट कैश रिजर्व से किया जाएगा.

स्टील स्टॉक Image Credit: ai/canva

SG Mart Ltd: स्टील सेक्टर की स्मॉलकैप कंपनी SG Mart Ltd ने आने वाले वर्षों के लिए बेहद महत्वाकांक्षी ग्रोथ प्लान पेश किया है. कंपनी का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में अपने रेवेन्यू में 500 फीसदी तक की बढ़ोतरी करना है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी अगले दो से तीन वर्षों में 1500 करोड़ रुपये से अधिक का कैपेक्स करेगी. खास बात यह है कि कंपनी इस विस्तार के लिए किसी इक्विटी डायल्यूशन की योजना नहीं बना रही है और पूरे निवेश को अपने नकदी भंडार तथा ऑपरेशनल कैश फ्लो के जरिए पूरा करने की रणनीति पर काम कर रही है.

2030 तक रेवेन्यू में कई गुना बढ़ोतरी का लक्ष्य

कंपनी मैनेजमेंट ने वर्ष 2030 तक कारोबार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का रोडमैप तैयार किया है. ट्रेड ब्रेन्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य सालाना स्टील बिक्री को 40 लाख टन से अधिक तक पहुंचाना है. इसके साथ ही कंपनी 25000 करोड़ रुपये से 35000 करोड़ रुपये के बीच वार्षिक रेवेन्यू और कम से कम 1000 करोड़ रुपये EBITDA हासिल करना चाहती है.

प्रबंधन का मानना है कि कंपनी केवल पारंपरिक स्टील निर्माता बनकर नहीं रहना चाहती, बल्कि ज्यादा मार्जिन वाले मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती है. इसके लिए कंपनी अपने ब्रांड, सर्विस सेंटर नेटवर्क, डिस्ट्रीब्यूशन चैनल और ऑनलाइन बिक्री का तेजी से विस्तार कर रही है. इसके अलावा भविष्य में कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग सहित 7 से 8 नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स विकसित करने की भी योजना है.

सर्विस सेंटर एक्सपेंशन पर रहेगा सबसे बड़ा फोकस

कंपनी की ग्रोथ रणनीति का सबसे अहम हिस्सा उसका सर्विस सेंटर नेटवर्क है. पहली तिमाही में कंपनी ने 1.60 लाख टन का वॉल्यूम दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के लगभग 1.21 लाख टन से काफी अधिक है. कंपनी फिलहाल 7 सर्विस सेंटर्स संचालित कर रही है, जबकि 7 नए सेंटर्स पर काम शुरू हो चुका है.

अगले 6 से 12 महीनों में कंपनी का लक्ष्य कुल 12 सर्विस सेंटर्स तक पहुंचना है. वहीं, वर्ष 2029 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 25 सेंटर्स करने की योजना है. कंपनी का अनुमान है कि प्रत्येक सेंटर लगभग 50 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार होगा.

वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स बढ़ाएंगे मुनाफा

कंपनी अपने स्टील प्रोफाइल्स और रिन्यूएबल (सोलर) स्ट्रक्चर्स कारोबार पर भी तेजी से फोकस बढ़ा रही है. पहली तिमाही में स्टील प्रोफाइल्स सेगमेंट में लगभग 18000 टन का उत्पादन हुआ, जबकि इसकी स्थापित क्षमता 2 लाख टन है. वर्तमान में यह कारोबार 3000 से 4000 रुपये प्रति टन EBITDA दे रहा है.

इसी तरह सोलर स्ट्रक्चर्स सेगमेंट ने लगभग 11000 टन का उत्पादन किया. इस कारोबार में कंपनी प्रमुख EPC और IPP कंपनियों को सप्लाई करती है और वर्तमान में 3000 से 3500 रुपये प्रति टन EBITDA अर्जित कर रही है.

बैकवर्ड इंटीग्रेशन से बढ़ेगा मार्जिन

कंपनी अपने मुनाफे को और मजबूत बनाने के लिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर बड़ा निवेश कर रही है. इसके तहत कंपनी स्वयं HR कॉइल को प्रोसेस कर कोल्ड रोलिंग और स्पेशल कोटिंग की सुविधा विकसित करेगी. इसमें जिंक, जिंक-एल्यूमिनियम और जिंक-एल्यूमिनियम-मैग्नीशियम कोटिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा.

इस परियोजना के लिए जमीन खरीदी जा चुकी है, निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और शुरुआती मशीनरी के ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं. कंपनी को उम्मीद है कि यह परियोजना करीब 18 महीनों में शुरू हो जाएगी.

मैनेजमेंट का अनुमान है कि इन-हाउस कोटेड स्टील उत्पादन शुरू होने के बाद मार्जिन में 3000 से 4000 रुपये प्रति टन की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी. इससे वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स पर 6000 से 7000 रुपये प्रति टन EBITDA हासिल किया जा सकेगा.

वर्किंग कैपिटल भी होगा बेहतर

बैकवर्ड इंटीग्रेशन से केवल मार्जिन ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकिल भी बेहतर होगा. बाहरी सप्लायर्स पर निर्भरता कम होने से स्टॉक रखने की जरूरत घटेगी और 27 दिनों का वर्किंग कैपिटल साइकिल घटकर अगले दो वर्षों में 20 से 25 दिनों के बीच आने की उम्मीद है.

मजबूत वित्तीय स्थिति दे रही विस्तार की ताकत

कंपनी की वित्तीय स्थिति फिलहाल काफी मजबूत है. पहली तिमाही में कंपनी का ROC लगभग 23 फीसदी रहा. कंपनी के पास करीब 690 करोड़ रुपये का नेट कैश रिजर्व मौजूद है.

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी ने 90 करोड़ रुपये का कैपेक्स किया है, जबकि पूरे वित्त वर्ष के दौरान 400 से 500 करोड़ रुपये के कैपेक्स का लक्ष्य रखा गया है. अगले दो से तीन वर्षों में कुल 1500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी इस पूरे विस्तार के लिए नए शेयर जारी नहीं करेगी. यानी इक्विटी डायल्यूशन की कोई योजना नहीं है और विस्तार का पूरा खर्च इंटर्नल नकदी तथा ऑपरेशनल से मिलने वाले कैश फ्लो से पूरा किया जाएगा.

कैसा है शेयर का हाल

SG Mart Ltd का शेयर बुधवार को इंट्रा डे में 1.89 फीसदी गिरकर 645.70 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. पिछले एक सप्ताह में इसमें 4.44 फीसदी की गिरावट आई है. हालांकि, बीते एक महीने में इसमें 8.50 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं, पिछले तीन महीनों में शेयर 17.19 फीसदी चढ़ चुका है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.