650% का मल्टीबैगर रिटर्न देने वाला स्टॉक फिर दौड़ा! Q1 रिजल्ट के बाद शेयर में लगा 20% का अपर सर्किट
Shivalik Bimetal Controls (SBCL) के शेयर में शानदार Q1FY27 नतीजों के बाद 20% का अपर सर्किट लगा. कंपनी ने रेवेन्यू, नेट प्रॉफिट और EBITDA में मजबूत बढ़त दर्ज की है. पिछले 5 वर्षों में यह Small Cap स्टॉक निवेशकों को 650% से अधिक का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुका है.

Shivalik Bimetal Controls: शेयर बाजार में शुक्रवार को एक स्मॉल कैप शेयर ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. Shivalik Bimetal Controls Ltd. (SBCL) के शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान 20% का अपर सर्किट लगा और यह 920.90 रुपये तक पहुंच गया. खास बात यह रही कि जहां एक ओर व्यापक बाजार में दबाव देखने को मिला और Nifty 50 हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, वहीं SBCL के शेयर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली.
दिया मल्टीबैगर रिटर्न
पिछले पांच वर्षों में यह शेयर निवेशकों को 650% से अधिक का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुका है. BSE के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में शेयर ने करीब 658% की तेजी दर्ज की है. यानी पांच साल पहले इस शेयर में किया गया निवेश कई गुना बढ़ चुका है. अब सवाल यह है कि आखिर आज इस शेयर में इतनी बड़ी तेजी क्यों आई?
शानदार तिमाही नतीजों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी किए हैं, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे. अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 12% बढ़कर 182 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछली तिमाही में 163 करोड़ रुपये था. वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 26.9% बढ़कर 33 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
पिछली तिमाही में यह 26 करोड़ रुपये था. इसके अलावा EBITDA 21.8% बढ़कर 43.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 23.7% हो गया, जो पिछली तिमाही में 21.8% था.बेहतर बिक्री, मजबूत मुनाफा और मार्जिन में सुधार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका असर शेयर की कीमत पर भी दिखाई दिया.
बिजनेस में आया बड़ा बदलाव
पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने अपने कारोबार की दिशा में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. पहले जहां कंपनी का फोकस पारंपरिक प्रोडक्ट्स पर था, वहीं अब वह तेजी से बढ़ते क्षेत्रों जैसे शंट रेजिस्टर्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), स्मार्ट मीटर और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से जुड़े उत्पादों पर अधिक ध्यान दे रही है.
इन्हीं हाई-ग्रोथ सेगमेंट्स में बढ़ती मौजूदगी की वजह से कंपनी की आय और मुनाफे में लगातार सुधार देखने को मिला है. पिछले पांच वर्षों में कंपनी ने अपने रेवेन्यू को तीन गुना से अधिक और मुनाफे को लगभग चार गुना तक बढ़ाया है.
पुणे प्लांट को मिली बड़ी मंजूरी
तिमाही समाप्त होने के बाद कंपनी को एक और बड़ी सफलता मिली. महाराष्ट्र पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने कंपनी के पुणे स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के पहले चरण के लिए Consent to Operate जारी कर दिया है. यह मंजूरी 30 जून 2032 तक वैध रहेगी.
इस नए प्लांट के जरिए कंपनी ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिफिकेशन और बैटरी से जुड़े उत्पादों, जैसे Cell Connecting Systems, Busbar Connectors और PCBA Assemblies के निर्माण की क्षमता बढ़ाएगी. इससे आने वाले वर्षों में कंपनी के कारोबार को नई गति मिलने की उम्मीद है.
CFO ने दिया इस्तीफा
कंपनी ने एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की है. उसके Chief Financial Officer (CFO) राजीव रंजन ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है. उनका इस्तीफा 31 अक्टूबर 2026 को कारोबार बंद होने के बाद प्रभावी होगा. हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस्तीफा व्यक्तिगत कारणों से दिया गया है और इसका कंपनी के ऑपरेशनल पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.