Starlink, Jio या OneWeb, कस्टमर खुद चुनेंगे सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी; मोबाइल कांग्रेस में बोले सिंधिया
भारत में Starlink, Reliance Jio और OneWeb जैसी कंपनियां सुरक्षा और रेगुलेटरी शर्तें पूरी करने के बाद सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू कर सकेंगी. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार इंटरनेट प्रोवाइडर चुन सकेंगे. सरकार किसी एक कंपनी का पक्ष नहीं लेगी और बाजार में कंपटीशन बनाए रखेगी.

भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को लेकर सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि भारत में ग्राहक अपनी पसंद के हिसाब से सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी चुन सकेंगे. इसमें Starlink, Reliance Jio और OneWeb जैसी कंपनियां शामिल हैं. हालांकि, इन कंपनियों को कमर्शियल सर्विस शुरू करने से पहले सुरक्षा से जुड़ी शर्तें और जरूरी रेगुलेटरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी. सरकार का कहना है कि वह किसी एक कंपनी या तकनीक का पक्ष नहीं लेगी. सरकार का मकसद इस क्षेत्र में कंपटीशन बनाए रखना और ग्राहकों को अपनी पसंद की सर्विस चुनने का मौका देना है.
ग्राहक खुद चुन सकेंगे सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के दौरान कहा कि सरकार किसी एक तकनीक या कंपनी को प्राथमिकता नहीं देती है. सरकार का काम ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें ग्राहकों को अलग-अलग सर्विस के विकल्प मिल सकें. इसके बाद ग्राहक अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से कंपनी चुन सकते हैं. सिंधिया ने कहा कि सरकार देश में किसी एक कंपनी का एकाधिकार नहीं चाहती है. सभी योग्य कंपनियों को सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में आने का अवसर दिया गया है.
राहुल गांधी पर साधा निशाना
राहुल गांधी और एलन मस्क के बीच X पर हुई बातचीत के बाद कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा, “जहां तक कांग्रेस पार्टी की बात है तो मुझे नहीं लगता कि उन्हें खुद पता है कि वे किस तरफ जा रहे हैं, लेफ्ट या राइट. उन्होंने कहा कि शुरू में कांग्रेस को “किसी खास व्यक्ति को लाइसेंस मिलने” से दिक्कत थी और अब उन्हें इस बात से दिक्कत है कि “उसी व्यक्ति को लाइसेंस क्यों नहीं मिल रहा है”, जबकि उन्होंने उसी व्यक्ति के साथ गठबंधन किया हुआ है. सिंधिया ने कहा, “इसलिए मुझे नहीं पता कि उन्हें इस बात की स्पष्टता है या नहीं कि वे किस दिशा में जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के साथ ऐसा ही होता है, और उनसे यही उम्मीद की जा सकती है”.
सर्विस शुरू करने के लिए क्या करना होगा
सिंधिया के मुताबिक, Starlink, Reliance Jio और OneWeb को भारत में टेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर के लिए जरूरी मंजूरी मिल चुकी है. हालांकि, केवल लाइसेंस या अनुमति मिलने से कंपनियां कमर्शियल सर्विस शुरू नहीं कर सकती हैं. इसके लिए उन्हें सुरक्षा से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होंगी. इसके अलावा, संचालन से जुड़ी सभी जरूरी प्रक्रियाएं भी पूरी करनी होंगी. इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही कंपनियां भारत में ग्राहकों को अपनी सर्विस देना शुरू कर सकेंगी.
अभी पूरी करनी होगी लाइसेंस प्रक्रिया
सैटेलाइट इंटरनेट क्षेत्र में Amazon की Kuiper सर्विस भी भारत में प्रवेश की तैयारी कर रही है. सिंधिया ने कहा कि Kuiper अभी संभावित कंपनी के तौर पर इस सेक्टर में प्रवेश करना चाहती है. उसे भारत में सर्विस शुरू करने से पहले जरूरी लाइसेंस और अन्य मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. सरकार का कहना है कि सभी कंपनियों को समान अवसर दिए जाएंगे. किसी एक कंपनी को बाजार पर हावी होने देने के बजाय कंपटीशन बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा.
दूरदराज के इलाकों को मिल सकता है फायदा
सैटेलाइट इंटरनेट को उन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां सामान्य इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाना मुश्किल है. दूरदराज और ऐसी जगहों पर जहां इंटरनेट सर्विस उपलब्ध नहीं हैं, वहां इस तकनीक से कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिल सकती है. भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड कंपनियां अपनी सर्विस का विस्तार करने की तैयारी कर रही हैं. हालांकि, ग्राहकों को सर्विस मिलने का समय संबंधित कंपनी की सुरक्षा मंजूरी और दूसरी जरूरी शर्तें पूरी होने पर निर्भर करेगा.
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टेलीकॉम सेक्टर में कंपटीशन
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में आयोजित मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की बैठक में भारत के टेलीकॉम क्षेत्र के विकास पर भी चर्चा हुई. सिंधिया ने कहा कि पिछले दस साल में भारत ने टेलीकॉम कवरेज, किफायती सर्विस और नए प्रयोगों के क्षेत्र में प्रगति की है. उनके मुताबिक, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम बाजार और मोबाइल फोन मैन्युफैक्चिरिंग का दूसरा सबसे बड़ा सेंटर है.