टाटा संस का मुनाफा 22% उछला, हर शेयर पर 110717 रुपये का मिलेगा डिविडेंड! जानें- किसे होगा फायदा

Tata Sons Report: टाटा संस ने अपनी सालाना रिपोर्ट में बताया कि FY26 में उसके मुनाफे में 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया और टाटा डिजिटल जैसे नुकसान वाले बिजनेस में लगातार निवेश करने का बचाव किया.

टाटा समूह Image Credit: TV9 Bharatvarsh

Tata Sons Report: पिछले छह साल में टाटा ग्रुप की कंपनियों की मार्केट वैल्यू तीन गुना हो गई और मुनाफा पांच गुना से अधिक बढ़ गया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि देश के इस सबसे बड़े ग्रुप ने एविएशन, सेमीकंडक्टर, बैटरी और डिजिटल कॉमर्स जैसे सेक्टर में भारत के सबसे बड़े प्राइवेट-सेक्टर निवेश किए. ये ऐसे बिजनेस हैं जिनमें अभी भी कुल मिलाकर हर साल लगभग 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है.

मुनाफे में 22 फीसदी का इजाफा

टाटा संस ने अपनी सालाना रिपोर्ट में बताया कि FY26 में उसके मुनाफे में 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. यह बढ़ोतरी निवेश से हुए फायदे और पोर्टफोलियो कंपनियों की बेहतर कमाई की वजह से हुई है. रिपोर्ट के साथ भेजे गए अपने पत्र में, चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया और टाटा डिजिटल जैसे नुकसान वाले बिजनेस में लगातार निवेश करने का बचाव किया और इसे लंबे समय के लिए रणनीतिक दांव बताया.

टाटा संस ने मार्च में खत्म हुए साल के लिए 31,961 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो एक साल पहले 26,232 करोड़ रुपये था. वहीं, रेवेन्यू 9.1 फीसदी बढ़कर 42,367 करोड़ रुपये हो गया. बोर्ड ने प्रति शेयर 1,10,717 रुपये का डिविडेंड देने का सुझाव दिया.

क्या होता है ऑर्डिनरी शेयर?

ऑर्डिनरी शेयर का मतलब साधारण शेयर (Equity Share) होता है. यह किसी कंपनी में मालिकाना हक का सबसे सामान्य प्रकार है. Tata Sons एक अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए इसके कुल शेयर बहुत कम हैं और एक शेयर की कीमत भी लाखों या करोड़ों रुपये हो सकती है. इसलिए प्रति शेयर डिविडेंड भी बहुत बड़ा दिखाई देता है.

इसका मतलब यह नहीं है कि आम निवेशकों को 1.10 लाख रुपये मिल रहे हैं. यह राशि केवल उन शेयरधारकों को मिलेगी जिनके पास Tata Sons के Ordinary Shares हैं, जैसे कि Tata Trusts, Tata Consultancy Services और अन्य बड़े शेयरधारक.

रेवेन्यू 16.24 लाख करोड़

ग्रुप लेवल पर, रेवेन्यू 7.8 फीसदी बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपये हो गया और प्रॉफिट 52 फीसदी बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये हो गया. एयर इंडिया ग्रुप के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी रही, जिसने FY26 में 22,238 करोड़ रुपये का नेट लॉस दर्ज किया.

‘भारत के भविष्य की आधारशिला’

चंद्रशेखरन ने सेमीकंडक्टर, बैटरी, एविएशन, टेलीकॉम इक्विपमेंट, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और AI में ग्रुप के निवेश को देश-निर्माण की पहल के तौर पर पेश किया, जिनका मकसद भारत को टेक्नोलॉजी के मामले में आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है. उन्होंने कहा कि हम 2047 के भारत के लिए तैयारी कर रहे हैं और अगली औद्योगिक क्रांति की रूपरेखा अभी तैयार की जा रही है और इसे बनाया जा रहा है. इसके मुख्य आधार सिलिकॉन, कनेक्टिविटी, एनर्जी और सिक्योरिटी हैं.

टाटा डिजिटल का नुकसान

टाटा डिजिटल का नुकसान पिछले साल के 4,610 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,974 करोड़ रुपये हो गया, जबकि बैटरी वेंचर एग्रेटास को 1,101 करोड़ रुपये और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को 1,611 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. चंद्रशेखरन ने कहा, ‘रेवेन्यू FY20 के लेवल से 2.1 गुना और मुनाफा 5.4 गुना है, जो पूरे संस्थान में लगातार और बड़े सुधार के प्रयासों को दिखाता है.’

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, टाटा संस की आने वाली सालाना आम बैठक (AGM) के एजेंडा में चंद्रशेखरन को डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त करना शामिल है. टाटा संस की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रशेखरन की सैलरी लगभग वैसी ही रही – FY26 में 1.8% बढ़कर 158.66 करोड़ रुपये हो गई – क्योंकि सैलरी का एक हिस्सा बढ़ने से 140.69 करोड़ रुपये का कमीशन (जो नहीं बदला था) बैलेंस हो गया. कमीशन और सिटिंग फीस में कोई बदलाव नहीं हुआ, जो सैलरी का लगभग 89% है.

मुश्किल साल

चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया के लिए यह सबसे मुश्किल साल रहा, जिसकी वजहें – एयरस्पेस का बंद होना, वेस्ट एशिया में संघर्ष के कारण फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और अहमदाबाद क्रैश थीं.

इसके बावजूद, कस्टमर सैटिस्फैक्शन और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार हुआ. जून 2026 में एयर इंडिया ने देश में सबसे अच्छा ‘ऑन-टाइम अराइवल’ (समय पर पहुंचने) का रिकॉर्ड बनाया और नेट प्रमोटर स्कोर FY23 में -35 से सुधरकर +42 हो गया.

उन्होंने कहा, ‘एयर इंडिया के बदलाव को 5 से 10 साल के सफर के तौर पर देखा जाना चाहिए, क्योंकि फ्लीट को नया करना है, सप्लाई-चेन में रुकावटें हैं और पुराने सिस्टम और कल्चर को पूरी तरह बदलने की जरूरत है.’ नेशनल कैरियर को फिर से खड़ा करने के लिए फ्लीट को नया करने, टेक्नोलॉजी, ट्रेनिंग और कस्टमर सर्विस में लगातार इन्वेस्टमेंट की जरूरत होगी.

टाटा डिजिटल के नुकसान के बारे में बताते हुए चंद्रशेखरन ने कहा, ‘भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट तेजी से ‘क्विक कॉमर्स’ की ओर बढ़ा है, जिसे बिगबास्केट अपना रही है.’

धीमी ग्रोथ

यह मानते हुए कि टाटा डिजिटल को 4,974 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, उन्होंने कहा कि टाटा डिजिटल के इरादे बड़े हैं और अब प्रगति भी दिखने लगी है.

इस बिजनेस ने चार साल में 46,515 करोड़ रुपये की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) हासिल कर ली है, जबकि यूनिवर्सल ऐप ‘टाटा न्यू’ (Tata Neu) का फोकस अब फाइनेंशियल सर्विस, लॉयल्टी और पेमेंट पर किया जा रहा है। कंपनी की योजना मंथली पेमेंट यूज़र्स की संख्या 10 गुना बढ़ाने और साथ ही लेंडिंग और इंश्योरेंस सर्विस का दायरा बढ़ाने की है.

चुनौतियों का सामना कर रहा डिजिटल बिजनेस

उन्होंने कहा कि भारत के ई-कॉमर्स मार्केट में तेजी से हो रहे बदलावों के बाद भी टाटा डिजिटल को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रुप की कंपनियों के बारे में बताते हुए, चंद्रशेखरन ने टाटा कैपिटल के बड़े IPO, टाटा मोटर्स के कमर्शियल और पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को अलग करने, टाटा स्टील की घरेलू डिलीवरी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, टाटा पावर की क्लीन एनर्जी क्षमता बढ़ाने, टाइटन की इंटरनेशनल ग्रोथ, टाटा AIA के मार्केट शेयर में बढ़ोतरी और इंडियन होटल्स के रिकॉर्ड रेवेन्यू और मुनाफे का जिक्र किया.

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग

उन्होंने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में हासिल की गई अहम उपलब्धियों की ओर भी इशारा किया, जिनमें ‘मेड-इन-इंडिया’ C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की पहली उड़ान, एयरबस H125 के लिए भारत की पहली प्राइवेट-सेक्टर हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन की शुरुआत और मोरक्को में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की पहली विदेशी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शामिल हैं.

कुल रेवेन्यू FY20 में 7.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 16.24 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा लगभग 31,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये हो गया. ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन FY20 में 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 39 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिससे शेयरहोल्डर्स को मिलने वाला रिटर्न इस दौरान निफ्टी 50 से भी बेहतर रहा.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.