16 से ₹33 लाख करोड़ का होगा टेक्सटाइल मार्केट? 2031 तक दोगुना होगा बाजार; इन 3 शेयरों पर रखें नजर
भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर तेजी से विस्तार की ओर बढ़ रहा है. सरकार का लक्ष्य 2031 तक इसका आकार 16 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 33 लाख करोड़ रुपये करना और 2030 तक निर्यात को 9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है. प्रस्तावित भारत-यूके और भारत-ईयू एफटीए भी सेक्टर के लिए बड़े अवसर खोल सकते हैं.

Textile Sector: भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री एक नए ग्रोथ चरण में प्रवेश करता दिख रहा है. सरकार का लक्ष्य देश के टेक्सटाइल बाजार को मौजूदा 16 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2031 तक 33 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का है. इसके साथ ही 2030 तक टेक्सटाइल निर्यात को 3.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 9 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने की योजना बनाई गई है. भारत और ब्रिटेन तथा भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते भी इस सेक्टर के लिए बड़े अवसर पैदा कर सकते हैं. ऐसे माहौल में कुछ टेक्सटाइल कंपनियां क्षमता विस्तार और नए निवेश के जरिए भविष्य की तैयारी कर रही हैं.
अहम है आने वाला दशक
भारत दुनिया के प्रमुख टेक्सटाइल उत्पादक देशों में शामिल है. बदलते ग्लोबल सप्लाई चेन और चीन से बाहर वैकल्पिक सोर्सिंग की तलाश कर रही ग्लोबल कंपनियां भारत को एक बड़े अवसर के रूप में देख रही हैं.
सरकार भी इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है. यदि निर्यात लक्ष्य और एफटीए योजनाएं सफल रहती हैं, तो घरेलू टेक्सटाइल इंडस्ट्री आने वाले वर्षों में तेज ग्रोथ दर्ज कर सकता है. इससे सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की इनकम और मुनाफे में भी सुधार देखने को मिल सकता है.
Pearl Global Industries
Pearl Global Industries दुनिया के कई बड़े रिटेल ब्रांड्स के लिए गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है. कंपनी भारत, बांग्लादेश, वियतनाम, इंडोनेशिया और ग्वाटेमाला में अपनी मौजूदगी रखती है.
कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 तक रेवेन्यू को 5000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है. इसके लिए कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी 10 करोड़ पीस से बढ़ाकर 12.5 से 13 करोड़ पीस करने की दिशा में काम कर रही है. बांग्लादेश और वियतनाम में भी नए निवेश किए जा रहे हैं.
कंपनी का मार्केट कैप करीब 7,661 करोड़ रुपये है और 17 जून के बंद भाव के अनुसार इसका शेयर 1,660 रुपये पर कारोबार कर रहा था. कंपनी का P/E रेशियो 27.5 है, जबकि ROCE 19.2 फीसदी और ROE 21.3 फीसदी है.
Welspun Living
Welspun Living होम टेक्सटाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है. कंपनी के प्रोडक्शन 60 से अधिक देशों में निर्यात किए जाते हैं. तौलिए, बेडशीट और होम फर्निशिंग सेगमेंट में इसकी मजबूत मौजूदगी है.
कंपनी अमेरिका में नए पिलो प्लांट और फ्लोरिंग कारोबार के विस्तार पर काम कर रही है. प्रबंधन को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में गैर अमेरिकी बाजारों से इनकम का योगदान 50 फीसदी से अधिक हो सकता है. साथ ही डोमेस्टिक कंज्यूमर ब्रांड कारोबार को भी तेजी से बढ़ाने की योजना है.
कंपनी का मार्केट कैप लगभग 14,069 करोड़ रुपये है और 17 जून के बंद भाव के अनुसार इसका शेयर 147 रुपये पर कारोबार कर रहा था. कंपनी का P/E रेशियो 64.6 है, वहीं ROCE 6.25 फीसदी और ROE 4.47 फीसदी है.
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Vardhman Textiles
Vardhman Textiles देश की सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड टेक्सटाइल कंपनियों में से एक है. कंपनी यार्न और फैब्रिक दोनों क्षेत्रों में मजबूत स्थिति रखती है. कंपनी ने हाल ही में प्रोसेस्ड फैब्रिक और परफॉर्मेंस फैब्रिक क्षमता का विस्तार किया है. इसके अलावा गारमेंट कारोबार में भी निवेश बढ़ाया जा रहा है.
कंपनी का मार्केट कैप लगभग 18,164 करोड़ रुपये है और 17 जून के बंद भाव के अनुसार इसका शेयर 626 रुपये पर कारोबार कर रहा था. कंपनी का P/E रेशियो 24.4 है. Vardhman Textiles का ROCE 8.86 फीसदी और ROE 7.30 फीसदी है.
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